पत्नियों को Christmas पर पति से मिलता है धोखा, परफ्यूम में छिपा 'राज', टूट जाते हैं सपने
महिलाएं जब क्रिसमस जश्न में डूब जाती हैं तो पति बहक जाते हैं। एक सेल्स सहायक ने दावा किया है कि बाद की स्थिति से निपटने के लिए स्मार्ट तरीका अपनाया जाता है।

Extramarital affair on Christmas: क्रिसमस इसाई धर्म का प्रमुख त्यौहार है। इसके खास तैयारियां की जाती हैं। 25 दिसंबर को क्रिसमस के मौके पर कई आयोजन होते हैं। सांता क्लाज और क्रिसमस ट्री को विशेष रूप से सजाया जाता है। लेकिन इस बार महिलाओं को एक लेडी सेल्स असिस्टेंट ने गंभीर समस्या से आगाह किया है। लेडी ने अपना एक्पीरियंस शेयर करते हुए कहा है कि कई पुरुष इस त्यौहार के मौके पर अपनी पत्नियों को धोखा देते हैं और सच छिपाने के लिए खास परफ्मयू का इस्तेमाल करते हैं। लेडी सेल्स असिस्टेंट ने कहा है कि क्रिसमस पर ऐसे कई मामले सामने आए हैं।

मालकिन के साथ सोतें हैं पति
टिकटॉकर शैनन हिल एक सेल्स असिस्टेंट हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट कर अजीब दावा किया है। उन्होंने यह पता लगाया है कि क्रिसमस पर पुरुष अपनी पत्नियों को कैसे धोखा देते हैं। शैनन हिल ने एक एक्सपीरियंस शेयर करते हुए कहा कि पुरुष क्रिसमस के मौके पर अपनी मकान मालकिन को भी नहीं छोड़ते। अपनी पत्नी को छोड़कर गैर महिला के संबंध बनाते हैं।

छिपाने के लिए अपनाते हैं ये तरीका
लेडी ने पुरुषों की खरीदारी की आदतों के जरिए इस बात का पता लगाया। शैनन ने कहा कि उन्होंने हाल ही में उन्होंने ऐसे एक एक्ट्रामैरिटल अफेयर का खुलासा किया। शैनन ने बताया पति सच छिपाने के पत्नी और गर्लफ्रेंड के कमरे के लिए सेम परफ्यूम खरीदते हैं। ताकि सच को बड़े स्मार्ट तरीके से छिपाया जा सके।

शैनन के साथ क्रिसमस पर धोखा
शैनन ने बताया कि जब वे 19 वर्ष की थीं तभी वो क्रिसमस के मौके पर ये सब देखती आईं है। जब पत्नी को पति अक्सर धोखा देता हैं। उन्होंने कहा कि कुछ रोमियो अपनी गर्लफ्रेंड के लिए वही परफ्यूम खरीदते हैं, जिसे वो अपनी पत्नी के कमरे में पसंद करते हैं। क्योंकि वे अपनी मालकिन के घर की महक अपने घर में नहीं छोड़ना चाहते। इससे पत्नी को सच का पता लगने का खतरा होता है। शैनन हिल ने बताया जिस पुरुष ने उनके साथ धोखा किया उसने भी यही ट्रिक अपनाई थी।

क्रिसमस पर सेंटा क्लॉज का महत्त्व
25 दिसंबर को हर साल क्रिसमस त्योहार मनाया जाता है। इस दिन ईसाई धर्म के लोग प्रभु यीशु का जन्मदिन मनाते हैं। इस मौके पर क्रिसमस ट्री की सजावट की जाती है। जिसके पास सेंटा क्लॉज को देखा जाता है। क्रिसमस पर सेंटा क्लॉज का विशेष महत्त्व है। सेंटा क्लॉज बनने के लिए बाकायदा की ट्रेनिंग भी दी जाती है। हर साल बच्चों को सेंटा क्लॉज का इंतजार रहता है। दरअसल, ईसाई धर्म के अनुसार संत निकोलस (saint nicholas) को ही सेंटा क्लॉज कहा जाता है। उन्होंने तीसरी सदी में जीसस क्राइस्ट के जाने के बाद करीब 280 साल बाद जन्म लिया था। इनका जन्म तुर्किस्तान के मायरा में माना जाता है।

क्रिसमस ट्री के रंग
इसे रंग-बिरंगी रोशनी और खिलौनों से इसे सजाया जाता है। क्रिसमस ट्री में लाल, हरा, सुनहरा और सफेद रंग प्रमुख होता है। लाल रंग का ही सांता का ड्रेस होता है। माना जाता है कि ये रंग प्रभु ईशु की कुर्बानी का प्रतीक है। इसे प्यार और खुशी का प्रतीक माना जाता है। जबकि सुनहरा रंग उपहार का प्रतीक है। हरा रंग प्रभु यीशु के जीवन का है। रोमन इस रंग को सौभाग्य का संकेत मानते हैं। ये रंग ये दिखाता है कि प्रभु ईसा मसीह आज भी लोगों के दिलों में जिंदा हैं।












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