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पाकिस्‍तान में रह रहे दाऊद के 'मुन्‍ना' की वजह से भारत-थाइलैंड के रिश्‍तों में आ रही हैं दूरियां

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नई दिल्ली। मुंबई हमलों के मास्टमाइंड और अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के खास सैयद मुदस्सर हुसैन उर्फ मुन्ना झिंगाड़ा को बैकॉक की अदालत ने पाकिस्तानी नागरिक घोषित कर दिया है। दो साल से बैंकाक की जेल में बंद मुन्ना झिंगाड़ा को वहां की अदालत ने लंबी सुनवाई के बाद पाकिस्तानी नागरिक घोषित कर दिया, जिसके बाद अब आईएसआई और दाऊद के लोग उसे बैंकाक से पाकिस्तान ले गए।

 Extradition of Dawoods Close Aide to Pakistan Casts Shadow on Indo-Thailand Ties

मुन्ना की वजह से भारत-थाईलैंड के रिश्तों पर असर

बैकॉक कोर्ट द्वारा मुन्ना झिंगाड़ा को पाकिस्तान को सौंपने के फैसले के बाद से भारत-थाईलैंड के संबंधों पर असर पड़ सकता है। दरअसल काफी समय से भारतीय जांच एजेंसी और पाकिस्तानी जांच एजेंसी के बीच मुन्ना झिंगाड़ा की नागरिकता को लेकर बैंकाक की अदालत में कानूनी जंग चल रही थी, जिसमें भारत जीत गया था, लेकिन इसके बाद एक बार फिर से दाऊद के इशारे पर आईएसआई ने बैंकॉक की अदालत में फिर से अपील की। अब इस बार कोर्ट का फैसला पाकिस्तान के पक्ष में आया है और मुन्ना झिंगाड़ा को पाकिस्तान ले जाया गया।

भारत के लिए अहम है मुन्ना

मीडिया रिपोर्ट की माने तो इस फैसले का असर भारत-थाईलैंड के संबंधों पर पड़ सकता है। 1993 मुंबई बम ब्लास्ट का मुख्य आरोपी दाऊद इब्राहिम भारत में मोस्ट वाटेंड घोषित है। भारत सरकार उसके प्रत्यपर्ण के लिए लंबे वक्त से कानूनी लड़ाई लड़ रही है, लेकिन 9 अक्टूबर को थाईलैंड सरकार ने मुन्ना झिंगाडा को पाकिस्तान नागरिक घोषित करते हुए उसे पाकिस्तान भेज दिया। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक थाईलैंड सरकार के इस फैसले का असर भारत-थाईलैंड के द्विपक्षीय संबंधों पर पड़ सकता है। झिंगाड़ा को भारत लाने की कोशिशें उस वक्त तेज हो गईं थीं, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी साल 2016 के नंवबर में बैंकाक गए थे।

पाकिस्तान के पक्ष में आया फैसला

भारत पिछले दो सालों से मुन्ना झिंगाड़ा के प्रत्यपर्ण को लेकर थाईलैंड की सरकार के साथ लगातार संपर्क में है और कई दस्तावेज और मुंबई हमलों में उसकी भूमिका को लेकर दस्तावेज मुहैया कराए। यहां तक की भारत सरकरा ने मुन्ना झिंगाड़ा के पेरेंट को स्पेशल जेट से थाईलैंड भेजने का प्रस्ताव रखा, ताकि उनका डीएनए टेस्ट करवाया जा सके और सच्चाई सामने आ सके, लेकिन भारत के इस प्रस्ताव का ठुकरा दिया गया। 11 अक्टूबर को ' द नेशनल थाईलैंड' की छपी रिपोर्ट के मुताबिक एक कुख्यात अपराधी के प्रत्यपर्ण के लिए भारत-पाकिस्तान के बीच के विवाद में थाईलैंड खुद को फंसा हुआ महसूस कर रहा है। इस फैसले का असर अब भारत-थाईलैंड के द्विपक्षीय संबंधों पर पड़ने के आसार दिख रहे हैं।

बैंकाक कोर्ट ने मुन्ना को माना पाकिस्तानी

दरअसल भारत के मोस्ट वॉन्टेड अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद ने अपने खास मुन्ना झिंगाड़ा को पाकिस्तानी नाग रिक घोषित करवाने के लिए पानी की तरह पैसा बहाया और फर्ज़ी दस्तावेजों के आधार पर मुन्ना झिंगाड़ा को पाकिस्तानी नागरिक साबित करने की कोशिश की। बैंकॉक कोर्ट ने सैयद मुद्दसर हुसैन उर्फ मुन्ना को पाकिस्तानी नागरिक घोषित कर दिया, जिसके बाद उसे पाकिस्तान भेज दिया गया। मुन्ना बैंकाक की माहा छाई रोड़ पर बनी सबसे पुरानी और हाई सिक्योरिटी जेल में पिछले 2 सालों से कैद था। उसे लेकर पिछले 2 सालों से हिंदुस्तान और पाकिस्तान के बीच बैंकाक की क्रिमिनल कोर्ट लट फारो में कानूनी जंग चल रही थी। भारत उसे अपना नागरिक बता रहा था, तो दूसरी तरफ पाकिस्तान उसे मोहम्मद सलीम बताते हुए अपना नागरिक बता रहा था।

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English summary
The bilateral ties between India and Thailand has come under a cloud with the extradition of a close aide of underworld don Dawood Ibrahim to Pakistan, stated a report.
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