Islamic Terrorism के आगे यूरोप का सरेंडर, पेरिस से जर्मनी तक क्रिसमस और न्यू ईयर प्रोग्राम रद्द
Europe Christmas-New Year Threats: साल 2025 के अंत में पूरी दुनिया क्रिसमस और नए साल के जश्न की तैयारी कर रही है। इसी बीच यूरोप के कई बड़े देशों में सन्नाटा और चौकसी का माहौल है। जर्मनी, फ्रांस और पोलैंड जैसे देशों में सुरक्षा एजेंसियां 'हाई अलर्ट' पर हैं।
खुफिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कट्टरपंथी समूह सार्वजनिक उत्सवों को निशाना बनाने की साजिश रच रहे हैं, जिसके बाद कई शहरों में जश्न के स्वरूप को बदल दिया गया है। आइए समझते हैं कि यूरोप में इस समय सुरक्षा के क्या हालात हैं और इसके पीछे की असली वजह क्या है।

क्यों निशाने पर हैं क्रिसमस बाजार?
मिडिल ईस्ट मामलों के विशेषज्ञ मार्टिन पार्सन्स के अनुसार, हाल के हफ्तों में सुरक्षा एजेंसियों को कई ऐसे इनपुट मिले हैं जो चिंता पैदा करते हैं।
- ISIS की अपील: रिपोर्टों के अनुसार, सितंबर में एक प्रतिबंधित कट्टरपंथी पत्रिका में पश्चिमी देशों में यहूदियों और ईसाइयों पर हमले का आह्वान किया गया था।
- सॉफ्ट टारगेट: क्रिसमस बाजार और चर्च जैसे स्थानों पर भारी भीड़ होती है, जिन्हें सुरक्षा की दृष्टि से 'सॉफ्ट टारगेट' माना जाता है।
कट्टरपंथी सोच और 'धिम्मी' नियम का विवाद
विशेषज्ञों का मानना है कि इन हमलों के पीछे एक खास तरह की कट्टरपंथी विचारधारा काम कर रही है। कुछ समूहों का मानना है कि गैर-इस्लामी त्योहारों का सार्वजनिक प्रदर्शन नहीं होना चाहिए।
विशेषज्ञ बताते हैं कि कुछ जिहादी संगठन यूरोप में तथाकथित 'धिम्मी' नियम जैसी स्थिति चाहते हैं, जहां लोग अपना धर्म तो मान सकें लेकिन उसका सार्वजनिक उत्सव न मनाएं। अफगानिस्तान और सोमालिया जैसे देशों में क्रिसमस पर लगी रोक को अक्सर इस सोच के उदाहरण के रूप में देखा जाता है।
जर्मनी और पोलैंड में नाकाम हुई बड़ी साजिशें
दिसंबर के महीने में यूरोप की पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए कई बड़ी आतंकी साजिशों को विफल किया है:
जर्मनी (बवेरिया): पुलिस ने एक इमाम सहित पांच संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि वे वाहन (Vehicle Ramming) के जरिए भीड़भाड़ वाले क्रिसमस बाजार को निशाना बनाने वाले थे।
लीपजिग और मगडेबर्ग: यहां भी हथियारबंद संदिग्धों को पकड़ा गया है, जो भीड़ के बीच घुसने की फिराक में थे।
पोलैंड: पोलिश सुरक्षा एजेंसियों ने एक छात्र को हिरासत में लिया है, जो कथित तौर पर आईएसआईएस के संपर्क में था और हमले की तैयारी कर रहा था।
उत्सवों पर क्या पड़ा असर?
सुरक्षा के इन गंभीर खतरों का सीधा असर आम लोगों के जश्न पर पड़ा है:
- पेरिस (फ्रांस): भीड़ को नियंत्रित करने और किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए प्रशासन ने नए साल (NYE) के कुछ बड़े कार्यक्रमों को रद्द कर दिया है।
- जर्मनी: कई शहरों में क्रिसमस बाजारों का समय घटा दिया गया है और वहां कंक्रीट के बैरिकेड्स लगाए गए हैं।
क्या है जानकारों की राय?
विशेषज्ञ ए जे नोल्टे का कहना है कि इन कट्टरपंथी गतिविधियों को पूरे समुदाय से जोड़ना गलत है। उन्होंने उदाहरण दिया कि:
- इंडोनेशिया जैसे मुस्लिम बहुल देशों में कई संगठन क्रिसमस के दौरान चर्चों की सुरक्षा करते हैं।
- यह लड़ाई धर्म की नहीं, बल्कि उग्रवादी विचारधारा बनाम मानवीय स्वतंत्रता की है।
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