• search
क्विक अलर्ट के लिए
अभी सब्सक्राइव करें  
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

WHO ने कहा, कभी खत्‍म नहीं हो सकता है कोरोना वायरस, लॉकडाउन ही बचने का अकेला उपाय

|

जेनेवा। जो लोग यह सोच रहे हैं कि अगले एक साल या दो साल के अंदर कोरोना वायरस पूरी तरह से खत्‍म हो जाएगा, तो उनके लिए विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन (डब्‍लूएचओ) की तरफ से एक बुरी खबर है। डब्‍लूएचओ का कहना है कि कोरोना वायरस को खत्‍म करना नामुमकिन है। आपको बता दें कि दिसंबर 2019 में चीन के शहर वुहान से निकले इस वायरस ने अब तक दुनियाभर में 562,769 लोगों की जान ले ली है और 12,625,156 लोग इससे संक्रमित हैं।

12 अगस्‍त को रूस से आ रही है पहली कोरोना वायरस वैक्‍सीन, जानिए इसके बारे में सबकुछ

यह भी पढ़ें-लॉकडाउन में लोकप्रिय हुए Jean Catsex अब फ्रांस के पीएम

आने वाली है सेकेंड पीक

आने वाली है सेकेंड पीक

डब्‍लूएचओ के इमरजेंसी प्रोग्राम के मुखिया डॉक्‍टर माइक रेयान ने जेनेवा में प्रेस कॉन्‍फ्रेंस के दौरान कोविड-19 पर अहम बातें कहीं। उन्‍होंने कहा, 'वर्तमान स्थिति में तो ऐसा नहीं लगता कि यह वायरस कभी खत्‍म हो सकेगा। हम इस वायरस को खत्‍म कर पाएंगे, ऐसा मुश्किल है।' उन्‍होंने कहा कि इनफेक्‍शन के क्‍लस्‍टर्स को कम करके इस वायरस के सबसे बुरे प्रभाव से दुनिया को बचाया जा सकता है। डॉक्‍टर रेयान के मुताबिक वायरस की सेकेंड पीक आने वाली है और लॉकडाउन अपनाकर वायरस के दुष्‍प्रभाव से बचा जा सकेगा।

    Coronavirus : WHO ने की Dharavi Model की तारीफ,कहा-Corona पर कर सकते हैं काबू | वनइंडिया हिंदी
    जांच के लिए रवाना हुई WHO की टीम

    जांच के लिए रवाना हुई WHO की टीम

    इसके बीच ही डब्‍लूएचओ की एक टीम शुक्रवार को चीन के लिए रवाना हो गई है। इस टीम में दो लोग हैं और यह टीम जांच करेगी कि कोविड-19 वायरस आखिर कैसे दुनिया तक पहुंचा है। संगठन की प्रवक्‍ता मारग्रेट हैरिस ने बताया कि टीम में एनिमल हेल्‍थ और महामारी से जुड़े विशेषज्ञ शामिल हैं। यह टीम चीन के वैज्ञानिकों के साथ मिलकर काम करेगी और जांच का रास्‍ता खोलेगी। उन्‍होंने कहा है कि इस दौरान टीम की पूर्ण क्षमता पर भी वार्ता होगी। माना जा रहा है कि कोरोना वायरस चीन के हुबेई प्रांत के वुहान शहर से पिछले वर्ष निकला था। इसके बाद इसने पूरी दुनिया में तबाही मचा दी।

    हवा से भी फैलता है वायरस

    हवा से भी फैलता है वायरस

    डब्‍लूएचओ ने गुरुवार को वायरस के हवा में फैलने से जुड़ी रिपोर्ट को स्वीकार कर लिया है। हालांकि, यह भी स्पष्ट कर दिया है कि इस पर अभी और ज्‍यादा रिसर्च की जरूरत है। गौरतलब है कि हाल ही में कई देशों के वैज्ञानिकों ने दावा किया था कि वायरस हवा में फैलता है। खासकर जब कोई संक्रमित व्यक्ति सांस छोड़ता, बात करता या खांसता है, तो वायरस हवा में फैल जाता है। डब्ल्यूएचओ लंबे समय से इस संभावना को खारिज कर रहा था। लेकिन अब उसने मान लिया है कि कुछ रिपोर्ट्स में इंडोर एरिया जैसे कि रेस्टोरेंट, फिटनेस क्लास आदि जगहों पर संक्रमण के हवा में फैलने का दावा किया गया था, जो कि संभव है।

    साल 2021 से पहले वैक्‍सीन मिलना मुश्किल

    साल 2021 से पहले वैक्‍सीन मिलना मुश्किल

    शुक्रवार को भारत की विज्ञान, तकनीक, पर्यावरण और वानिकी पर बनी संसदीय समिति की तरफ से बताया गया है कि कोरोना वायरस की भारतीय या फिर किसी और देश की वैक्‍सीन साल 2021 से पहले मिलना मुश्किल है। इस दौरान कम कीमत वाले मेडिकल उपकरण समेत वैक्‍सीन और ऐसी दवाईयों को विकसित करने के बारे में भी चर्चा की गई है जिसके लिए चीन पर निर्भर न रहना पड़े।

    जानिए, कितनी होगी उस वैक्सीन की कीमत, जिसे कोरोना के खिलाफ तैयार कर रहा सीरम इंस्टीट्यूट

    देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
    English summary
    Eradication of Coronavirus is impossible says WHO.
    For Daily Alerts
    तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
    Enable
    x
    Notification Settings X
    Time Settings
    Done
    Clear Notification X
    Do you want to clear all the notifications from your inbox?
    Settings X
    X
    We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more