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Elon Musk बनाम नितिन गडकरी... क्या भारत अब खुद करेगा इलेक्ट्रिक कारों का निर्माण?

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वॉशिंगटन/नई दिल्ली, जनवरी 18: दुनिया के सबसे अमीर कारोबारी एलन मस्क से पिछले हफ्ते एक भारतीय इंजीनियर ने सवाल किया था, कि आखिर एलन मस्क भारत में टेस्ला को लॉंच क्यों नहीं कर रहे हैं, जिसके जवाब में एलन मस्क ने कहा था, कि भारत में उन्हें अभी कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। एलन मस्क का ये जवाब भारत के संदर्भ में काफी अहम हो जाता और सीधे तौर पर मोदी सरकार पर बड़ा आरोप है, जिसका लक्ष्य मेक इन इंडिया को बढ़ावा देना है। ऐसे में एलन मस्क के आरोपों में कितना दम है, इसका जवाब भारत के केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने दिया है और गडकरी के दवाब को जानने के बाद सवाल ये उठता है, कि क्या एलन मस्क भारत के साथ 'डबल गेम' खेलने की फिराक में हैं?

एलन मस्क को क्या हैं परेशानियां?

एलन मस्क को क्या हैं परेशानियां?

एलन मस्क ने अपने ट्वीट में सीधे तौर पर यह नहीं बताया, कि उन्हें भारत में टेस्ला लाने में किन बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है। एलन मस्क से पूछा भी गया, कि वो खुलकर क्यों नहीं बताते, कि आखिर भारत में उन्हें किन सरकारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, जिसपर मस्क की तरफ से कोई जवाब नहीं दिया गया। जिसके बाद सवाल ये उठ रहे हैं, कि आखिर एलन मस्क बहाने क्यों बना रहे हैं? क्योंकि आगे जो कुछ हम आपको बताने जा रहे हैं, उसमें बहुत हद तक यही पता चलता है, कि एलन मस्क भारत से 'डबल गेम' खेलने की फिराक में हैं। 31 अगस्त 2021 को भारत सरकार मे टेस्ला के चार डिजाइनों को भारत में लाने की इजाजत दे दी थी, लेकिन उसके बाद भी आजतक टेस्ला की एक भी गाड़ी को भारत में लांच करने की कोशिश नहीं की गई।

नितिन गडकरी का मस्क को जवाब

नितिन गडकरी का मस्क को जवाब

एलन मस्क ने ये तो कह दिया, कि भारत में उन्हें कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन उन्होंने वजहों का जिक्र नहीं किया। लेकिन, मस्क की दिक्कतें क्या हैं, ये बताया भारत के कैबिनेट मंत्री नितिन गडकरी ने। एक कार्यक्रम के दौरान भारतीय पत्रकार बरखा दत्त ने गडकरी से सवाल किया, कि आखिर हम एलन मस्क के लिए भारत का दरवाजा क्यों नहीं खोल रहे हैं? इसके जवाब में गडकरी ने कहा कि, ''मैं एलन मस्क से मिला और मैंने उन्हें कहा कि, आपको हम जमीन मुफ्त में देने को तैयार हैं, लाइसेंस से लेकर तमाम क्लीरिएंस आपको एक महीने में मिल जाएंगे, आप भारत चलिए। आप भारत में उत्पादन शुरू करिए।'' गडकरी ने आगे कहा, ''मैं टेस्ला की कार में घूमा हूं, टेस्ला बेस्ट है, लेकिन एलन मस्क ने कहा कि, मेरे पास अभी टाइम नहीं है, क्योंकि अभी मैं चीन में गाड़ी बनाना चाहता हूं, और अमेरिका में टेस्ला की इतनी डिमांड है, जिसे मैं पूरा नहीं कर पा रहा हूं''।

चीन में गाड़ियां बनाना चाहते हैं मस्क

चीन में गाड़ियां बनाना चाहते हैं मस्क

एलन मस्क को हालिया समय में अमेरिकी सरकार की तरफ से सख्त धमकी दी गई है, जब एलन मस्क ने चीन के शिनजियांग प्रांत में टेस्ला का प्रोडक्शन शुरू किया है। शिनजियांग वही क्षेत्र है, जहां उइगर मुस्लिमों पर अत्याचार करने के आरोप चीन पर लगते हैं। खैर, बतौर नितिन गडकरी, एलन मस्क फिलहाल भारत में टेस्ला मैन्यूफैक्चरिंग प्लांट लगाने में उत्साहित नहीं हैं, लेकिन हां, एलन मस्क भारतीय बाजार में जरूर आना चाहते हैं और भारतीय बाजार में एलन मस्क टेस्ला के लिए जगह जरूर बनाना चाहते हैं, और यहीं से एलन मस्क के डबल गेम का पता चलता है।

एलन मस्क का 'डबल गेम'

एलन मस्क का 'डबल गेम'

एलन मस्क भारत की जगह चीन में टेस्ला की गाड़ियों का निर्माण करना चाहते हैं और फिर उन गाड़ियों को भारत में बेचना चाहते हैं, लेकिन उससे भी भारत सरकार को एतराज नहीं है। भारत सरकार का कहना है, कि आप बेशक चीन में गाड़ियां बनाकर भारत में बेचिए, लेकिन ऐसा करने पर आपको नियमों के मुताबिक, 100 प्रतिशत ड्यूटी चार्ज चुकाना पड़ेगा, जितना बाकी कंपनियों को भी चुकाना पड़ता है, चीन की कंपनियां समेत। और यहीं पर एलन मस्क को दिक्कत है। एलन मस्क चीन में गाड़ियों को निर्माण कर उसे शून्य प्रतिशत ड्यूटी चार्ज दिए भारत में बेचना चाहते हैं, और इसके लिए भारत सरकार तैयार नहीं है और यही एलन मस्क की दिक्कते हैं। आपको बता दें कि, 100 फीसदी इम्पोर्ट ड्यूटी चुकाना भारत सरकार का नियम है और सभी गाड़ी कंपनियों को 100 प्रतिशत इंपोर्ट ड्यूटी चुकाना पड़ता है।

एलन मस्क पहले भी कर चुके हैं डिमांड

एलन मस्क पहले भी कर चुके हैं डिमांड

यानि बात साफ है, एलन मस्क चाहते हैं, कि वो गाड़ियों का निर्माण तो चीन में करें, लेकिन उन गाड़ियों को ज़ीरो प्रतिशत इम्पोर्ट ड्यूटी के साथ भारतीय बाजार में बेचें, जिसे भारत सरकार ने नकार दिया। एलन मस्क यही डिमांड पिछले साल भी कर चुके हैं। जब पिछली बार एलन मस्क से भारत में आने को लेकर सवाल किया गया था, तो उन्होंने कहा था कि, ''हम भारत में आना चाहते हैं, लेकिन भारत में इम्पोर्ट ड्यूटी पूरी दुनिया के सभी देशों के मुकाबले सबसे ज्यादा है। इसके साथ ही ग्रीन एनर्जी गाड़ियों को भी डीजल- पेट्रोल गाड़ियों की तरह ही व्यवहार किया जा रहा है''। उसके बाद एक और ट्वीट में एलन मस्क ने भारत में आने में देरी के पीछे कोरोना वायरस को जिम्मेदार बताया था। यानि, एलन मस्क भारत सरकार पर प्रेशर भी बनाना चाहते हैं, लेकिन भारत में प्रोडक्शन शुरू नहीं करना चाहते हैं।

टेस्ला को भारत से मिले ऑफर

टेस्ला को भारत से मिले ऑफर

टेस्ला मे भारत सरकार पर जैसे ही 'निशाना साधा', ठीक वैसे ही भारत की कई राज्य सरकारों ने इसका फायदा उठाने की कोशिशें शुरू कर दीं। सबसे पहले पश्चिम बंगाल की ममता सरकार ने ट्वीट कर एलन मस्क से पश्चिम बंगाल में टेस्ला की फैक्ट्री लगने का ऑफर दे दिया। यानि, जिस ममता बनर्जी की पूरी राजनीति एक वक्त टाटा को पश्चिम बंगाल से भगाने पर आधारिक थी, वो टेस्ला को पश्चिम बंगाल में प्लांट लगाने का ऑफर दे रही हैं। सिर्फ ममता बनर्जी ने ही नहीं, नवजोत सिंह सिद्धू ने भी टेस्ला को पंजाब आकर प्लांट लगाने का ऑफर दे डाला तो महाराष्ट्र और तेलंगाना सरकार ने भी एलन मस्क को अपने अपने राज्यों में आने और प्लांट लगाने का ऑफर दे दिया। लेकिन, बात साफ है, भारत की ये पार्टियां देश के अंदर राजनीति कर रहे हैं और एलन मस्क भारत के साथ डबल गेम खेलने की कोशिश।

कुछ और हैं भारत सरकार के प्लान

कुछ और हैं भारत सरकार के प्लान

भारत सरकार की प्लानिंग 5 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनने की है और भारत लगातार इसके लिए कोशिशें कर रहा है, जिसके लिए 'मेक इन इंडिया' काफी ज्यादा जरूरी है और इसी हफ्ते मुकेश अंबानी ने संभावना जताई है, कि साल 2025 तक भारत 5 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बन सकता है। इस बीच भारत सरकार ने भारत की सबसे विश्वसनीय कंपनियों में से एक टाटा को कहा है, कि वो टेस्ला से भी जबरदस्त कार का निर्मा करे और टाटा ने इस जिम्मेदारी को कबूल कर लिया है। इसके साथ ही इसरो से भारत सरकार ने कहा कि, आप इलेक्ट्रिक कार बनाने के लिए टेस्ला में लगने वाली बैट्री से मजबूत और शक्तिशाली बैटरी बनाइये और इसरो ने भारत सरकार का ये काम कर भी दिया है।

जब इसरो और टाटा आए एक साथ...

जब इसरो और टाटा आए एक साथ...

नितिन गडकरी ने कहा कि, इसरो ने भारत सरकार के कहने पर टेस्ला कार में लगने वाली बैट्री से शक्तिशाली और इससे 40 प्रतिशत सस्ती बैटरी का निर्माण कर दिया। इसके साथ ही इसरो की उस टेक्नोलॉजी को भारत की 17 कंपनियों के साथ शेयर किया गया और अब भारत की ये 17 कंपनियां भारत में रहकर भारत के लिए टेस्ला से मजबूत बैटरियों का निर्माण करेंगी, जो अब तक भारत सिर्फ खरीदा करता था। नितिन गडकरी मे कहा कि, जिस लिथियन ऑयन बैट्री को इसरो ने बनाया है, उसकी लागत 40 प्रतिशत कम है, जो हमारे लिए बहुत बड़ी उपलब्धि है। इसके साथ ही अब टाटा ने भी इलेक्ट्रिक कार बनाने की दिशा में तेजी से काम शुरू कर दिया है।

मर्सडीज को नहीं, सिर्फ टेस्ला को ही क्यों है दिक्कत?

मर्सडीज को नहीं, सिर्फ टेस्ला को ही क्यों है दिक्कत?

मर्सडीज भी भारत में इलेक्ट्रिक कार लांच करना चाहता है और भारत सरकार ने उसे भी वहीं ऑफर दिया है, जो टेस्ला को भारत सरकार की तरफ से मिला है और मर्सडीज भारत में अपना प्लांट लगाने जा रहा है। जिसके बाद सवाल ये उठ रहे हैं, कि जो काम मर्सडीज कर सकती है, वो काम एलन मस्क क्यों नहीं कर सकते हैं। इसके साथ ही भारत सरकार ने ये ऑफर सिर्फ ऑटोमोबाइल कंपनियों को ही नहीं, बल्कि दूसरे सेक्टर्स की कई और कंपनियों को दिए हैं, जिसमें हेलिकॉप्टर बनाने वाली कंपनियां भी शामिल हैं। यानि, बात साफ है, टेस्ला असल में भारत में अपनी कंपनी खोलना ही नहीं चाहती है और वो इसके लिए अपने माथे पर जिम्मेदारी भी नहीं लेना चाहती हैं। पर हां, एलन मस्क को भारतीय बाजार जरूर चाहिए....

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English summary
Elon Musk Vs Nitin Gadkari... Will India Now Build Electric Cars On Its Own?
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