'सूर्य के गुस्से' का शिकार हुई एलन मस्क की कंपनी, एक ही झटके में करोड़ों डॉलर स्वाहा, आखिर कैसे?
नई दिल्ली: पिछले कुछ वक्त से सूर्य गुस्से में नजर आ रहा, जिस वजह से उस पर लगातार विस्फोट हो रहे हैं। यही विस्फोट सौर तूफान का कारण भी बनते हैं, जो अंतरिक्ष की हर दिशा में फैल जाते हैं। इसके अलावा ये तूफान अपने रास्ते में आने वाली हर चीज को नष्ट करने की कोशिश करते हैं। अभी इसकी चपेट में सबसे ज्यादा सैटेलाइट आ रहे, क्योंकि वो पृथ्वी की तय कक्षा में घूमते रहते हैं और तूफान के वक्त उनके बचाव के लिए कुछ किया भी नहीं जा सकता है।

38 स्टारलिंक सैटेलाइट बर्बाद
अब रिपोर्ट आ रही है कि सूर्य के इस विनाशकारी गुस्से का शिकार एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स भी हुई है, जिसके 38 स्टारलिंक उपग्रह नष्ट हो गए। इस घटना से मस्क की कंपनी को करोड़ों डॉलर का नुकसान हुआ। रिपोर्ट्स के मुताबिक साल की शुरुआत में ही ये घटना हुई थी, लेकिन शोधकर्ताओं ने इसका खुलासा अब किया है। अभी हाल ही में अमेरिका के गैलेक्सी 15 सैटेलाइट का कंट्रोल सौर तूफान की वजह से टूट गया था।

सूर्य से हुआ कोरोनल मास इजेक्शन
यू.एस. और चीनी शोधकर्ताओं ने एक अध्ययन में पाया कि 3 फरवरी को फ्लोरिडा के कैनेडी स्पेस सेंटर से 49 इंटरनेट सैटेलाइट्स को लॉन्च किया गया था। उस वक्त सूर्य से कोरोनल मास इजेक्शन हुआ, जिस वजह से पृथ्वी के पास से भयकंर सौर तूफान गुजरा। इसकी चपेट में आने से कई सैटेलाइट बर्बाद हो गए। इनकी संख्या 38 के आसपास बताई जा रही है। ये घटना अंतरिक्ष मौसम की बेहतर समझ और सटीक भविष्यवाणी की आवश्यकताओं को बताती है।

वातावरण को किया गर्म
शोधकर्ताओं ने ये भी पाया कि सौर तूफान से स्पेसएक्स को दसियों मिलियन डॉलर का नुकसान हुआ। अध्ययन में आगे कहा गया कि डेटा और मॉडल सिमुलेशन दोनों का उपयोग करके सौर विस्फोट, प्रसार और वायुमंडलीय घनत्व वृद्धि को चित्रित किया गया। जांच में पता चला कि सौर तूफान ने हमारे वातावरण को गर्म कर दिया और 130 मील की ऊंचाई पर हवा की छोटी मात्रा का घनत्व बढ़ा दिया जहां स्टारलिंक उपग्रह भेजे गए थे।

3000 से ज्यादा सैटेलाइट
शोधकर्ताओं के मुताबिक छोटे उपग्रहों को खुद को कई सौ मील ऊंचा उठाना चाहिए था, लेकिन वायुमंडलीय ड्रैग के कारण ऐसा नहीं हुआ। इस वजह से ये सैटेलाइट बर्बाद हुए, जबकि पहले से स्थापित सैटेलाइट को कोई नुकसान नहीं हुआ। अभी एलन मस्क के 3000 से ज्यादा सैलेलाइट अंतरिक्ष में हैं और कंपनी हजारों की लॉन्चिंग की योजना बना रही है।

क्यों उठ रहे सौर तूफान?
आपको बता दें कि हाल ही में सूर्य की उम्र को लेकर एक रिसर्च हुई थी, जिसमें पता चला कि 4.57 अरब वर्ष पूरा करने के साथ सूर्य लगभग अपनी आधी उम्र से गुजर रहा है। सूर्य का सौर चक्र अभी भी चरम है, जिसकी वजह से लगातार वहां से कोरोनल मास इजेक्शन (CME) देखने को मिल रहा है।












Click it and Unblock the Notifications