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धमाकेदार अंदाज में शुरू हुआ Dubai Expo 2020, लिखा जाएगा भारत-UAE संबंधों का नया इतिहास

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दुबई, अक्टूबर 01: खाड़ी देशों की बदलती वैश्विक स्थिति से दुनिया को वाकिफ करवाने के लिए धमाकेदार अंजाज में दुबई एक्सपो-2020 की शुरूआत हो गई है और सबसे अहम बात ये है कि अगले कुछ हफ्तों में यूएई के साथ भारत के संबंधों पर काफी ध्यान दिया जाएगा। एक तरफ दुनिया के कई देशों का ध्यान यूएई में चल रहे आईपीएल मैचों पर है, तो दूसरी तरफ शानदार अंदाज में वैश्विक सहयोग की शक्ति के संदेश के साथ दुबई एक्सपो-2020 का आगाज हो गया। कई अंतर्राष्ट्रीय गायकों ने दुबई की इस ऐतिहासिक शाम में अपनी आवाजों का जादू बिखेरकर चार चांद लगा दिए। आखिर कैसे भारत और यूएई के बीच ऐतिहासिक संबंधों की शुरूआत इस मेले से हो रही है, आईये जानते हैं।

दुबई एक्सपो-2020 ऐतिहासिक कैसे

दुबई एक्सपो-2020 ऐतिहासिक कैसे

पिछले डेढ़ साल से बार बार लॉकडाउन लगने की वजह से दुबई एक्सपो में देरी हो रही थी, लेकिन अब दुबई एक्सपो का एतिहासिक आगाज हो चुका है। इसके आयोजकों ने दावा किया है कि, 'द ग्रेटेस्ट शो ऑन अर्थ' के रूप में प्रस्तुत दुबई एक्सपो में रिकॉर्ड 191 देशों की भागीदारी होगी और उन्हें तीन केंद्रीय विषयों - स्थिरता, गतिशीलता और अवसर के आसपास अपनी तकनीकी कौशल और महत्वाकांक्षा का प्रदर्शन करने में सक्षम बनाएगा। दुबई एक्सपो में भारत का पवेलियन 4600 वर्गमीटर में फैला हुआ है, जो काफी ज्यादा बड़ा है। दुबई एक्सपो में भारत चार मंजिला विशालकाय इमारत में अपनी टेक्नोलॉजी और ट्रेड का प्रदर्शन कर रहा है, जो पूरी दुनिया में सबसे बड़ा पॉवेलियन है। इससे साफ जाहिर हो जा रहा है कि भारत और संयुक्त अरब अमीरात अपनी दोस्ती और साझेदारी को लेकर किस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

दुबई एक्सपो और भारत का महत्व

दुबई एक्सपो और भारत का महत्व

दुबई एक्सपो में भारत के महत्व को आप इस तरह से समझ सकते हैं कि खाड़ी देशों का सबसे बड़ा मेला जब खत्म हो जाएगा और जब सभी देश के उद्यमी अपना अपना टेंट समेट चुके होंगे, उसके बाद भी भारत का पवेलियन बना रहेगा। भारत के पवेलियन में भारत और संयुक्त अरब अमीरात का की टेक्नोलॉजी, भारतीय उद्योगों की जानकारियां, संस्कृति को स्थायी तौर पर बढ़ावा दिया जाएगा। एक्सपो के शरूआती छह महीने की अवधि में भारत को अपनी प्राचीन संस्कृति को प्रदर्शित करने का मौका दिया जाएगा। जैसे अंतरिक्ष जैसे क्षेत्रों में भारत की अत्याधुनिक तकनीक, कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की भागीदारी और विविधता, अक्षय ऊर्जा से लेकर शहरी समुदायों तक, स्वास्थ्य और कल्याण से लेकर भोजन, कृषि और आजीविका तक के क्षेत्रों में भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाएं, और कई प्रमुख व्यावसायिक समूहों की भागीदारी के माध्यम से उद्यम की भावना का प्रदर्शन किया जाएगा।

गहरी होगी भारत-यूएई की दोस्ती

गहरी होगी भारत-यूएई की दोस्ती

यह टेक स्टार्ट-अप्स और बिजनेस लीडर्स, राष्ट्रीय आइकन और महिला उद्यमियों, स्टार स्पीकर्स और युवा उपलब्धि हासिल करने वालों और निश्चित रूप से केंद्र सरकार और भाग लेने वाले राज्यों के शीर्ष अधिकारियों की एक श्रृंखला की मेजबानी करेगा। दुबई एक्सपो में हर सुबह योग और आध्यात्मिक संगीत की विशेषता वाले एक स्वस्थ सत्र के साथ शुरू होगी और ज्यादातर दिन शाम के वक्त भारतीय सांस्कृतिक कार्यक्रमों का प्रदर्शन होगा। मंडप के उद्घाटन के लिए प्रमुख सांस्कृतिक कार्यक्रमों की योजना बनाई गई है। दशहरा, दीवाली, लोहड़ी, बसंत पंचमी और होली जैसे त्योहारों की थीम के साथ भारतीय गणतंत्र का विशेष तौर पर प्रदर्शन किया जाएगा।

भारत-यूएई व्यापार समझौता

भारत-यूएई व्यापार समझौता

इस बीच संयुक्त अरब अमीरात के साथ भारत की एक महत्वाकांक्षी मुक्त व्यापार समझौते पर चर्चा शुरू हो गई है। खाड़ी की राजनीति से जुड़े कारणों के लिए इसे व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौता (सीईपीए) कहा जाएगा। इस दौरान दोनों देशों के राजनयिकों के बीच कई स्तर पर महत्वपूर्ण बातचीत होगी। आपको बता दें कि, संयुक्त अरब अमीरात चीन और अमेरिका के बाद भारत का तीसरा सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार था, लेकिन पिछले महीने प्रकाशित संयुक्त अरब अमीरात की नई ट्रेड रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत ने यूएई के साथ व्यापार में अमेरिका को पीछे छोड़ दिया है और दोनों देशों के बीच का द्विपक्षीय व्यापार 60 अरब डॉलर के आसपास हो गया है। वहीं, भारत संयुक्त अरब अमीरात में करीब 30 अरब डॉलर का सामान बेचता है, जो भारत के लिए यूएई को विश्व का दूसरा सबसे बड़ा बाजार बनाता है। इसके साथ ही दोनों देशों का लक्ष्य है कि भारत और यूएई के बीच अगले कुछ सालों में व्यापार 100 अरब डॉलर के आंकड़े को पार कर जाए।

सीईपीए समझौते की तरफ भारत-यूएई

सीईपीए समझौते की तरफ भारत-यूएई

भारत और यूएई इस साल दिसंबर तक सीईपीए वार्ता समाप्त करना चाहते हैं और दोनों देशों ने मार्च 2022 तक समझौते पर हस्ताक्षर करने का लक्ष्य रखा है। जिसमें व्यापारिक व्यापार को 100 अरब डॉलर तक बढ़ाने और सर्विस सेवाओं में व्यापार को पांच साल के भीतर 15 अरब डॉलर करने की महत्वाकांक्षा है। इससे कीमती धातु, पत्थर, रत्न और आभूषण, कपड़ा और वस्त्र, खाद्य पदार्थ, इंजीनियरिंग सामान और रसायन और रिफाइंड पेट्रोलियम उत्पादों जैसे भारतीय उत्पादों की एक बड़ी श्रृंखला को जबरदस्त फायदा हो सकता है।

नये स्तर पर भारत-यूएई संबंध

नये स्तर पर भारत-यूएई संबंध

पिछले कुछ सालों में भारत और संयुक्त अरब अमीरात काफी करीब आ गये हैं और पीएम मोदी के पिछले दौरे के वक्त संयुक्त अरब अमीरात ने अबूधाबी में विश्व का सबसे 'बड़ा' हिंदू मंदिर बनाने का ऐलान किया था, जिसका काम काफी तेजी से चल रहा है। इस प्रोजेक्ट में 15 देशों के इंजीनियरों की टीम लगी हुई है और दावा किया गया है कि इस मंदिर की उम्र कम से कम एक हजार साल से ज्यादा होगी। इसके साथ ही तालिबान की वापसी पर संयुक्त अरब अमीरात ने कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई है, जबकि तालिबान के पिछले शासन में यूएई ने उसे मान्यता दी थी, ऐसे में माना जा रहा है कि खाड़ी देश अपने विकास पर ध्यान दे रहे हैं। वहीं, एक्सपो के जरिए संयुक्त अरब अमीरात पूरी दुनिया को साफ संदेश देमा चाहता है कि उसकी नीति अब पूरी तरह से बदल चुकी है और अब उसका लक्ष्य वैश्विक शक्ति बनना है।

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English summary
Dubai Expo-2020 has started in a historic fashion and the biggest thing is that India's pandal in the expo is bigger than all the countries of the world.
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