• search
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

ट्रंप बरी तो हो गए, पर उनकी राजनीतिक वापसी कितनी आसान

By एंथनी जर्चर

एंथनी जर्चर

पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ख़िलाफ़ पांच दिनों तक महाभियोग के प्रस्ताव पर सुनवाई करने के बाद आखिरी फैसला आ गया है और उन्हें कैपिटल हिल में हिंसा भड़काने के आरोप से बरी कर दिया गया है. व्यापक स्तर पर इसी तरह के नतीजे का अनुमान भी लगाया जा रहा था.

अमेरिकी इतिहास में अब चार ऐसे राष्ट्रपति हो चुके हैं जिनके ख़िलाफ़ लाए गए महाभियोग पर प्रस्ताव पर सुनवाई हुई है.

महाभियोग के ऊपर यह भले ही सबसे कम दिनों तक चलने वाली कार्यवाही रही लेकिन यह प्रक्रिया अमेरिकी लोकतंत्र की प्रतिष्ठा को धूमिल करने वाली रही है.

यहाँ पर हम उन कुछ प्रमुख लोगों पर एक नज़र डालने जा रहे हैं जो इस दौरान अमेरिकी इतिहास में उभरकर सामने आए.

डोनाल्ड ट्रंप

डोनाल्ड ट्रंप के ख़िलाफ़ दूसरी बार लाए गए महाभियोग प्रस्ताव के नजीते भी वही रहे जो पहली बार के रहे. एक बार फिर अमेरिकी सीनेट में उन्हें दोषी नहीं ठहराया गया क्योंकि बड़े पैमाने पर रिपब्लिकन उनके साथ बने रहे.

वोटिंग का आखिरी नतीजा 57-43 का रहा. सीनेटरों के 57 वोट उनके ख़िलाफ़ पड़े तो 43 वोट उनके पक्ष में पड़े. इस तरह से जरूरी दो तिहाई बहुमत से 10 वोट उनके ख़िलाफ़ कम रहे और वो दोषी करार नहीं दिए गए.

यह प्राथमिक स्तर पर उनके लिए एक जीत रही. वो अब भी दोबारा अगर लड़ना चाहे तो 2024 में चुनाव लड़ सकते हैं.

उनका आधार अब भी उनके साथ बना हुआ है. संसद के दोनों ही सदनों प्रतिनिधि सभा और सीनेट में ज्यादातर रिपब्लिकन उनके ख़िलाफ़ महाभियोग चलाए जाने के ख़िलाफ़ रहे हैं. जिन रिपब्लिकन ने ऐसा नहीं किया है, उन्हें कड़ी आलोचना झेलनी पड़ी है.

प्रेस को दिए एक बयान में पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप ने खुद को बरी किए जाने पर खुशी जाहिर की है और डेमोक्रेट्स की आलोचना की है. उन्होंने कहा है कि उनकी राजनीति अब शुरू हुई है.

हालांकि ट्रंप पूरी तरह से इस सुनवाई से बेदाग निकल गए हो ऐसा भी नहीं है. अभियोजन पक्ष की ओर से जो नए वीडियो पेश किए गए, उसमें ट्रंप के समर्थक 'अमेरिका को फिर से महान' बनाने वाली टोपी और ट्रंप के समर्थन वाले झंडों के साथ कैपिटल हिल में तोड़फोड़ करते हुए दिखाई पड़ रहे हैं.

ये तस्वीरें हमेशा के लिए अब ट्रंप की छवि के साथ जुड़े चुकी हैं. अब जब कभी भी वो किसी तरह का राजनीतिक नेतृत्व करेंगे तो इस हिंसा की यादें ताज़ा होंगी.

यह भले ही रिपब्लिकन पार्टी के अंदर उनकी स्थिति को कमजोर ना करे लेकिन निष्पक्ष वोटरों और समर्थकों के जेहन से शायद ही ये बाद कभी जाए.

कैपिटल हिल
Reuters
कैपिटल हिल

रिपब्लिकन्स

एक साल पहले सिर्फ़ एक रिपब्लिकन सीनेटर ने उनके ख़िलाफ़ वोटिंग की थी. लेकिन इस बार छह और रिपब्लिकन्स ट्रंप की मुखालफत में उनके साथ आ गए हैं. यह कोई इत्तेफाक़ की बात नहीं हैं हालांकि जिन सीनेटरों ने पार्टी से अलग जाकर स्टैंड लिया है, उनमें से सुसान कोलिंस, बेन सैसे और बिल कैसिडी दोबारा से चुन कर आए हैं और उन्हें छह सालों तक अपने वोटरों का सामना करने की नौबत नहीं आएगी.

दो अन्य पेंसिल्वेनिया के पैट टूमी और उत्तरी कैरोलिना के रिचर्ड बर रिटायर हो रहे हैं.

लेकिन इससे कई रिपब्लिकन के लिए मुसीबत खड़ी हो सकती है क्योंकि इससे रिपब्लिकन पार्टी के प्राथमिक वोटर नाराज़ हो सकते हैं. वे ट्रंप को दोषी साबित करने के लिए किए गए वोट को ट्रंप के ख़िलाफ़ धोखे के तौर पर ले देखेंगे. जो रिपब्लिकन के हिसाब से सुरक्षित माने जाने वाले राज्यों में हैं, उनके ऊपर अपने डेमोक्रेट्स प्रतिद्वंदवियों की तुलना में और दबाव होगा.

फ्लोरिडा, विस्कॉन्सिन और आयोवा जैसे स्विंग स्टेट्स में अगले साल फिर से होने वाले चुनावों में रिपब्लिकन सीनेटर्स को डेमोक्रेट्स उम्मीदवारों के ख़िलाफ़ मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है.

उस वक्त कैपिटल हिल में हुई हिंसा और उससे जुड़े वीडियो की बातें किसी के ख्याल में आ सकती हैं.

बहुत कुछ इस पर भी निर्भर करने वाला है कि ट्रंप आगे क्या करते हैं. क्या वो दोबारा से अमेरिका की राजनीति में पूरी तरह से सक्रिय होते हैं या फिर खुद को प्राइवेट क्लब की ज़िंदगी और गोल्फ कोर्स तक महदूद रखते हैं?

मिच मैककोनेल

हर रिपब्लिकन सीनेटर का सीनेट में वोट देने का अपना राजनीतिक गुणा-भाग रहा होगा. उन्होंने पार्टी को नाराज़ करने के जोखिम और आम चुनावों में आए फैसले के मद्देनज़र कोई निर्णया लिया होगा. इसमें से खासतौर पर एक सीनेटर का व्यवहार लोगों के नज़र में रहा है.

उनका नाम हैं मिच मैककोनेल. वो सीनेट में अपने दल के नेता है. वो हफ़्तों से 6 जनवरी की घटना को लेकर डोनाल्ड ट्रंप के आलोचक रहे हैं. हालांकि इस बात को लेकर असमंजस बना हुआ था कि वो महाभियोग की सुनवाई के दौरान आखिरकार किस तरफ वोट करेंगे. शनिवार को उन्होंने अपने साथी सीनेटरों को बताया कि वो ट्रंप को बरी करने के पक्ष में वोट करेंगे.

लेकिन जब उन्होंने वाकई में ऐसा ही किया तब बताया कि ऐसा उन्होंने क्यों किया. उन्होंने ट्रंप के व्यवहार की आलोचना की और कहा कि उन्होंने "अपने कर्तव्य का अपमानजनक तरीके से निर्वहन किया है."

मिच मैककोनेल ने कहा, "इसमें कोई शक नहीं कि उस दिन जो घटना हुई, उसके लिए ट्रंप नैतिक रूप से जिम्मेवार हैं."

लेकिन ट्रंप के निर्दोष होने के पक्ष में वोटिंग करने पर उन्होंने कहा कि पूर्व राष्ट्रपति पर महाभियोग की सुनवाई नहीं होनी चाहिए थी. उन्होंने कहा कि अगर इस तरह का मिसाल अपनाया जाता है तब किसी भी आम नागरिक को संसद के द्वारा किसी सार्वजनिक भूमिका के लिए अयोग्य ठहराया जा सकता है.

ट्रंप को लेकर मैककोनेल की आलोचना को खुद को बचाने के एक तरीके के तौर पर देखा जाएगा ना कि किसी सैद्धांतिक रुख के तौर पर. उनके इस कदम से वो पार्टी में बहुमत के खिलाफ जाने से भी बच गए.

यह मिच के लिए भी एक सुरक्षित रास्ता है. अब समय बताएगा कि उनके रिपब्लिकन साथी उनकी आलोचना को लेकर नहीं तो कम से कम सुनवाई से तो संतुष्ट हुए.

डेमोक्रेट्स

अपने करियर के ज्यादातर वक्त में प्रतिनिधि सभा के सदस्य गुमनामी में ही रहते हैं. सदन के 435 सदस्यों में से कुछ को ही राष्ट्रीय स्तर पर इस तरह से अपनी पहचान बनाने का मौका मिलता है जैसा कि इस बार महाभियोग के प्रस्ताव की सुनवाई के दौरान कुछ सीनेटर्स के साथ देखने को मिला.

पांच दिनों तक चली इस सुनवाई में नौ सदस्यों की एक टीम ने शानदार ढंग से अपनी बात रखी. इस दौरान उन्होंने छह जनवरी के दिन की वीडियोज भी सदन में रखे. उन्होंने इसके लिए मैप का सहारा लेकर भी बताया कि उस दिन भीड़ अमेरिकी नेताओं के कितने करीब पहुँच गई थी. इन नेताओं में उप-राष्ट्रपति माइक पेंस भी शामिल थे.

इस दल का नेतृत्व करने वाले जैमी रैस्किन को सुनवाई की शुरुआत बेहद भावनात्मक संबोधन से करने के लिए याद किया जाएगा. उनका गला इस संबोधन के दौरान उस समय रुंध गया था जब वो कैपिटल हिस से निकलने के बाद अपनी 24 साल की बेटी से हुई बातचीत का प्रसंग सुना रहे थे.

इसके बाद जैसे बाकी के पांच दिनों में उन्होंने अभियोजन पक्ष का नेतृत्व किया वो उनके अमेरिकन यूनिवर्सिटी में संवैधानिक क़ानून के प्रोफेसर होने की पृष्ठभूमि को दर्शाने वाला था.

दूसरी बार संसद में आए जो नगुसे को डेमोक्रेटिक पार्टी की राजनीति में एक उभरते हुए नेता के तौर पर देखा जा रहा है. उन्होंने जिस तरह से अपनी बात रखी है, उसने इस धारणा को देश के सामने और मज़बूत ही किया है.

इस टीम की ओर से सबसे बड़ी सरप्राइज पैकेज स्टैसी प्लास्केट रहीं. वो अमेरिकी वर्जिन आइलैंड से हैं.

एक वोट नहीं देने वाली प्रतिनिधि के तौर पर उनका संसद में प्रभाव भले ही कम है लेकिन उन्होंने पूरी सुनवाई के दौरान यादगार दलीलें दी हैं. डेमोक्रेट्स संसद में उनके इस प्रदर्शन के बाद वर्जिन आइलैंड को राज्य का दर्जा देने को लेकर लामबंद हो सकते हैं.

अभियोजन पक्ष का नेतृत्व करने वालों के ख़िलाफ़ जो एक बात जाती है वो यह था कि वो प्रमाण जुटाने की कोशिश को लेकर अनियमित थे. शानदार शुरुआत करने के बाद ट्रैक से उतर जाने से कइयों को कड़वे अनुभव हुए होंगे.

जो बाइडन

जो बाइडन
Getty Images
जो बाइडन

मौजूदा राष्ट्रपति ने पूर्व राष्ट्रपति के महाभियोग के प्रस्ताव पर सुनवाई को लेकर दूरी बना रखी थी. व्हाइट हाउस के अधिकारियों ने बताया कि वो इस पूरी प्रक्रिया में कोई खास दिलचस्पी नहीं ले रहे थे. पूरी सुनवाई के दौरान वो कोरोना वायरस से जुड़े कार्यक्रमों में व्यस्त रहे.

बाइडन की टिप्पणी सिर्फ़ कैपिटल हिल की हिंसा से जुड़े नए वीडियो पर आई जिसे बार-बार टेलीविजन पर दिखाया जा रहा था. बाइडन प्रशासन का मानना है कि उनकी राजनीति की किस्मत इस बात पर निर्भर करेगी कि वो कितनी कामयाबी से इस महामारी से निपटते हैं.

इसके अलावा वो अर्थव्यवस्था और अमेरिका के दूसरे मुद्दों से कैसे निपटते हैं. ट्रंप के महाभियोग की सुनवाई से उनकी राजनीति पर कोई असर नहीं पड़ने वाला.

इस सुनवाई का जो बाइडन के सदन के एजेंडे पर बहुत कम प्रभाव पड़ा. सीनेट को अपनी सामान्य कार्यवाही सिर्फ़ तीन दिनों तक बंद करनी पड़ी. चैम्बर बाइडन के कोविड राहत कोष को तब तक अनुमति नहीं दे सकता जब तक कि सदन उसे पारित नहीं करता. इस चक्कर में एक हफ्ता गुजर चुका है.

सुनवाई खत्म होने के बाद अब सीनेट बाइडन प्रशासन की नियुक्तियों पर मुहर लगाएगा. इसमें अटॉर्नी जनरल के लिए नामित मेरिक गारलैंड भी शामिल हैं.

बाइडन प्रशासन और उनकी टीम इस प्रगति को लेकर अब खुश होंगे. हालांकि बाइडन के एजेंडे के साथ आगे बढ़ने की क़ीमत ट्रंप पर पूरी तरह से नकेल नहीं कसने को लेकर चुकानी पड़ रही है. उदाहरण के तौर पर बिना गवाहों के जल्दी में की गई सुनवाई की वजह से राजनीतिक क़ीमत चुकानी पड़ सकती है.

आगे की राजनीतिक लड़ाई के लिए बाइडन को एक एकजुट डेमोक्रेटिक पार्टी की जरूरत होगी. लेकिन इस महाभियोग की सुनवाई के बाद पार्टी में दरार पड़ने की शुरुआत हो सकती है.

डोनाल्ड ट्रंप के वकील

ब्रुस कैस्टर को डोनाल्ड ट्रंप के क़ानूनी टीम का मुख्य वकील माना जाता है. उन्होंने उस पुरानी कहावत को चरितार्थ किया है कि किसी को परखने के लिए 'बुरे प्रचार जैसा कुछ नहीं होता.'

पूर्व राष्ट्रपति के बचाव की शुरुआत उन्होंने एक लंबे और थकाऊ भाषण से की जिसकी वजह से ही हो सकता है कि लुइसियाना के बिल कैसिडी डेमोक्रेट्स की ओर चले गए.

इसके बाद डोनाल्ड ट्रंप के नाखुश होने की रिपोर्ट्स के बीच कैस्टर पीछे चले गए और उनकी जगह माइकल वान डेर वीन ने ले ली. माइकल ने पूर्व राष्ट्रपति की राजनीति को लेकर अपेक्षाकृत बेहतर तरीके से अपनी बात रखी. वो महाभियोग के सूत्रधारों का जिक्र करते हुए अक्सर उन पर व्यंग्य करते हुए नज़र आए.

आखिरकार वो सुनवाई को और लंबा खींचने की संभावना को कमजोर करने में कामयाब करते हुए दिखे और इसे जल्द निपटा कर एक संतोषजनक निष्कर्ष पर निकाल लाए.

वकीलों का आखिरकार उनकी जीत और हार से ही मूल्यांकन किया जाता है और इकल वान डेर वीन, कैस्टर और उनके साथी वकील अपने मुवक्किल को बचाने में कामयाब रहे.

BBC Hindi
देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
Trump was acquitted, but how easy his political comeback now
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X