आठ साल तक महिला बना रहा डोनाल्ड ट्रंप का दामाद, आखिर क्या थी वजह?
वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस के वरिष्ट सलाहकार का पद अपने दामाद जेराड कुश्नर को दिया हुआ है। जेराड उनकी बड़ी बेटी इवांका ट्रंप के पति हैं। कुश्नर को लेकर हाल ही में काफी बड़ा खुलासा हुआ है और इंटरनेशनल मीडिया में हर जगह इसके चर्चे हैं। इतनी बड़ी बात जानकर तो शायद उनकी पत्नी और ससुर को भी अच्छा न लगे। कुश्नर के बारे में बात सामने आई है कि उन्हें 8 साल तक महिला बन कर रहना पड़ा। ये काफी चौंकाने वाला है।


बड़ी गलती के कारण बने महिला
कुश्नर के बारे में ये खुलासा किया है डेमोक्रेटिक अपोजिशन रिसर्च समूह 'अमेरिकन ब्रिज' ने। कुश्नर के सालों से महिला बने रहने का कारण उनका साल 2009 में मतदाता पंजीकरण के दौरान फॉर्म भरते वक्त बड़ी गलती कर दी थी। कुश्नर ने खुद के लिए महिला कॉलम में टिक का निशान लगा दिया था।

नहीं भर सके आसान सा फॉर्म!
इस गलती के कारण उनका पंजीकरण महिला के तौर पर हो गया। रिसर्च समूह के प्रवक्ता ब्राड बैनुम का कहना है कि वो इतना छोटा सा काम ढंग से नहीं कर सके तो उनसे राजनीतिक काम सही से करने की उम्मीद कैसे की जा सकती है। 'कुश्नर ये आसान सा फॉर्म भी नहीं भर सके, इसलिए कोई कैसे सोच सकता है कि वो मध्य-पूर्व में शांति बहाल करेंगे।'

कुश्नर ने किया खुद का बचाव
उन्होंने आगे राष्ट्रपति पर सवाल उठाते हुए कहा, 'राष्ट्रपति के दामाद के अलावा और किसी को इस गलती के बाद वेस्ट विंग का काम करने दिया जाता।' वहीं कुश्नर ने अपना बचाव करते हुए कहा है कि ये उनके सहयोगियों से संवाद में गलतफहमी के चलते हुई है।

चुनाव बोर्ड ने किया राष्ट्रपति के दामाद का बचाव
इससे भी हैरानी की बात ये है कि साल 2009 से पहले पंजीकरण में उनका कोई जेंडर ही नहीं लिखा था। उनके नाम के आगे अज्ञात लिखा था। इस पूरे विवाद के बढ़ने के बाद चुनाव बोर्ड ने भी राष्ट्रपति के दामाद का बचाव करते हुए कहा है कि जेराड ने महिला के कॉलम पर टिक नहीं किया था, बल्कि ये डेटाबेस एरर के चलते हुआ है।












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