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अमेरिका की ‘शांति बिगाड़ने वाले’ डोनाल्ड ट्रंप के दामाद नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामांकित

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Donald Trump son in law nominated for Nobel peace Prize: वाशिंगटन: अमेरिका के विवादित पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के दामाद (Son In Law) जारेड कुशेनर (Jared Kushner) को नोबेल पीस प्राइज के लिए नामांकित किया गया है। ट्रंप के दामाद जारेड कुशेनर को इजरायल और अरब देशों के बीच शांति समझौता करवाने की अमेरिका को सलाह देने के लिए नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामांकित किया गया है।

DONALD TRUMP SON IN LAW

डोनाल्ड ट्रंप के दामाद नोबेल के लिए नामांकित

डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जारेड कुशेनर ट्रंप शासनकाल में व्हाइट हाउस में सीनियर एडवाइजर थे। जिन्होंने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को इजरायल और अरब देशों के बीच शांति के लिए मध्यस्थता करवाने की सलाह दी थी। जिसके बाद इजरायल और सऊदी अरब के बीच 'अब्राहम समझौता' करवाने में डोनाल्ड ट्रंप ने अहम भूमिका निभाई थी। जारेड कुशेनर को अमेरिकी राष्ट्रपति को ये सलाह देने के लिए रविवार को नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामांकित किया गया है। डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जारेड कुशेनर के साथ ही व्हाइट हाउस में उनके डिप्टी सलाहकार रहे एवी बर्कोवित्ज़ (Avi Berkowitz) और एलन डर्स्विट्ज़ (Alan Dershowitz) को भी नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामांकित किया गया है।

जारेड कुशेनर अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद हैं तो एवी बर्कोवित्ज़ इजरायल, संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन, सूडान और मोरक्को में अमेरिका की तरफ से दूत रह चुके हैं। एवी बर्कोवित्ज़ को अमेरिका का दूसरे देशों के साथ संबंध स्थापित करने में अहम भूमिका निभाने वाले एंबेसडर के तौर पर जाना जाता है।

डोनाल्ड ट्रंप ने करवाई थी दोस्ती

इजरायल और UAE को साथ लाने में सबसे बड़ी भूमिका अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने निभाई थी। पिछले साथ डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायल और यूएई के बीच एग्रीमेंट साइन होने की बात कहकर पूरी दुनिया को हैरान कर दिया था। डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले साल कहा था कि UAE और बहरीन ने इजरायल को बतौर देश मान्यता देने का फैसला किया है। डोनाल्ड ट्रंप ने हजारों लोगों की भीड़ को संबोधित करते हुए कहा था, 'दशकों के विभाजन और संघर्ष के बाद मिडिल इस्ट में नये सूरज का उदय हुआ है, इजरायल और UAE का एक साथ एक टेबल पर आना एतिहासिक है'। वहीं, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने यूएई से हुई दोस्ती के बाद कहा था 'आज का दिन एतिहासिक है और दुनिया के लिए आज का दिन शांति की सुबह है''

क्या है 'अब्राहम समझौता' ?

एक वक्त था जब इजरायल मुस्लिम देशो की आंखों की किरकिरी हुआ करता था मगर पिछले साल इजरायल UAE से लिए आंखों का सितारा बन गया। फिलिस्तीन वो वजह है, जिसने मुस्लिम देशों को इजरायल से दूर रखा था। मिस्र और जॉर्डन के बाद UAE इजरायल से दोस्ती करने वाला चौथा अरब देश और पहला गल्फ देश है।

पिछले साल 15 सितंबर को हुए 'अब्राहम समझौता' के तहत दोनों देशों ने एक दूसरे को संप्रभुता को मान्यता देने, दूतावास खोलने, वीजा समझाता करने समेत कई करार किए थे। इजरायल से दोस्ती करने का UAE को सबसे बड़ा फायदा हथियारों को लेकर होगा। इजरायल से रिश्ते सुधारने के बाद UAE को अमेरिकी हथियारों तक पहुंच मिल सकती है। इसके साथ ही इजरायल टेक्नोलॉजी को लेकर काफी ज्यादा आगे है और वहां भी UAE को मदद मिल सकती है। वहीं, इजरायल के लिए सबसे बड़ा फायदा ये है कि आखिरकार उसे मुस्लिम देशों ने स्वीकारना शुरू कर दिया है। इजरायल को उम्मीद है कि UAE के बाद दूसरे मिडिल ईस्ट के देश भी इसे मान्यता देंगे। ऐसे में फलिस्तीन के खिलाफ वो और ज्यादा मजबूत होकर आगे आएगा।

दोस्ती का नया अध्याय: इजरायल ने UAE में खोला दूतावास, ट्रंप ने रखी थी दोस्ती की बुनियाददोस्ती का नया अध्याय: इजरायल ने UAE में खोला दूतावास, ट्रंप ने रखी थी दोस्ती की बुनियाद

English summary
Donald Trump's son-in-law has been nominated for a Nobel Peace Prize for playing a role in the Israeli-Arab settlement
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