कोविड लॉकडाउन की वजह से श्रीलंका में आया आर्थिक संकट, लोग ना करें विरोध प्रदर्शन- राजपक्षे
कोलंबो, अप्रैल 11। श्रीलंका में आया आर्थिक संकट अभी भी बना हुआ है और हालात हर दिन के साथ-साथ लगातार खराब हो रहे हैं, लेकिन फिर भी वहां की सरकार इस संकट से निकलने के प्रयास में लगी है। इस बीच सोमवार को प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे ने राष्ट्र को संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने देश की जनता को आश्वसत किया कि सरकार आर्थिक संकट को दूर करने के प्रयास कर रही है।

प्रधानमंत्री ने बताए आर्थिक संकट के कारण
महिंदा राजपक्षे ने अपने संबोधन में बताया कि कोरोना महामारी के कारण लगाए गए लॉकडाउन की वजह से आज हालात खराब हुए हैं। उन्होंने कहा कि कोविड लॉकडाउन की वजह से ही देश की अर्थव्यवस्था खराब हुई है और इसीलिए हमारे देश का विदेशी भंडार लगातार कम हो रहा है। आपको बता दें कि 1948 में अंग्रेजों से आजादी के बाद श्रीलंका इस वक्त सबसे बुरे दौर से गुजर रहा है और यह सब हुआ है रिकॉर्ड मुद्रास्फीति और नियमित ब्लैकआउट के कारण।
24 घंटे काम कर रही है सरकार- राजपक्षे
प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे ने अपने संबोधन के दौरान कहा कि मैं जनता से अनुरोध करता हूं कि सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन ना करें, क्योंकि सड़क पर विरोध प्रदर्शन करने कि बजाए देश की करेंसी को उठाने के लिए अपना-अपना सहयोग दें। उन्होंने कहा कि आर्थिक संकट से उबरने के लिए सरकार 24 घंटे काम कर रही है और मैं इस देश के युवाओं से यह अपील करता हूं कि आप भी ऐसा ही कीजिए।
महिंदा राजपक्षे ने कहा, "हम कोविड महामारी का सामना करने के ठीक बाद आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। देश की अर्थव्यवस्था के नीचे जाने के बावजूद हमें लॉकडाउन लागू करना पड़ा और इसलिए हमारा विदेशी भंडार समाप्त हो गया।" राजपक्षे ने कहा कि मैं और श्रीलंकाई राष्ट्रपति मिलकर इस दिशा में काम कर रहे हैं कि अपने देश को कैसे आर्थिक संकट से निकाला जाए।
प्रधानमंत्री ने प्रदर्शनकारियों से सरकार विरोधी आंदोलन को समाप्त करने की भी अपील की और कहा कि सड़कों पर बिताया गया हर मिनट देश की अर्थव्यवस्था को और नुकसान पहुंचा रहा है। को डॉलर की आमद से वंचित करता है। राजपक्षे ने कहा, "2010 में हम चुनाव जीते, लोग कहानी भूल गए। लेकिन मुझे याद है। मैं वादा करता हूं कि भविष्य में कभी भी ब्लैकआउट नहीं होगा। हमने पावर प्लांट को एक प्रस्ताव दिया था, पूर्व सरकार ने हमारे प्रस्ताव का समर्थन नहीं किया था, वे इसके लिए जिम्मेदार हैं।"












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