Coronavirus: चीन में रोज हो रही हैं 100 मौतें, WHO ने दिया कोरोना को नया नाम-Covid-19

बीजिंग। चीन में कोरोना वायरस की वजह से मंगलवार को भी 90 लोगों की मौत हो गई है। इस नए आंकड़ें के बाद अब तक इस जानलेवा वायरस ने 1,114 लोगों की जान ले ली है। चीन के स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारियों की तरफ से इस बात की जानकारी बुधवार को दी गई है। वहीं, विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन (डब्‍लूएचओ) ने इस वायरस को नया नाम दिया है और अब संस्‍था की तरफ से इसे कोविड-19 के नाम से जाना जाता है। वायरस की वजह से अब तक 44,742 लोग संक्रमित हैं जिसमें से 33,300 केसे अकेले हुबेई प्रांत से हैं। हुबेई का वुहान ही इस महामारी का केंद्र है।

वुहान में बिल्डिंग्‍स को किया जा रहा है सील

वुहान में बिल्डिंग्‍स को किया जा रहा है सील

जेनेवा स्थित डब्‍लूएचओ की तरफ से मंगलवार को वायरस के नए नाम का ऐलान किया गया है। चीन में मृतकों की नई संख्‍या के बारे में खबर तब आई है जब वुहान में रिहायशी इमारतों को पूरी तरह से सील करने का आदेश दिया गया है। यह कदम किसी भी तरह से ह्यूमन-टू-ह्यूमन ट्रांसमिशन को पूरी तरह से रोकने के मकसद से उठाया गया है। अथॉरिटीज की तरफ से जारी आदेश में कहा गया है, 'सभी रिहायशी समुदायों को मंगलवार से सील कर दिया जाएगा। महामारी को फैलने से रोकने और लोगों के कम बाहर निकलने के लिए कदम उठाया जा रहा है।' सभी बिल्डिंग्‍स की यूनिट्स में संदिग्‍ध मरीज हैं या फिर वहां पर मौजूद संदिग्‍ध केसेज पर नजर रखी जा रही है।

लोगों के बाहर निकलने पर लगा बैन

लोगों के बाहर निकलने पर लगा बैन

आदेश में कहा गया है कि संदिग्‍ध केसेज जिनमें हल्‍के लक्षण देखने को मिले हैं जिनमें ऐसे मरीज हैं जिन्‍हें बुखार है, उन्‍हें पूरी तरह से अलग रखा जाएगा और पास के मेडिकल इंस्टिट्यूट में उनका इलाज होगा। उन्‍हें पास के जिले में जाकर इलाज लेने की जरूरत नहीं है। वुहान और हुबेई प्रांत का ज्‍यादातर हिस्‍सा 23 जनवरी से ही पूरी तरह से लॉकडाउन की स्थिति में है। वायरस को फैलने से रोकने के लिए वुहान को पूरी तरह से बंद कर दिया गया था। हुबेई की हाउसिंग अथॉरिटीज की तदफ से कहा गया है कि रिहायशी इलाकों में लोगों के बाहर निकलने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है।

हालात होते जा रहे हैं बेकाबू

हालात होते जा रहे हैं बेकाबू

चीनी सरकार के टॉप मेडिकल एडवाइजर झोंग नानशान ने कहा है कि वुहान, महामारी का केंद्र है और यहां पर हालात अभी तक काफी मुश्किल हैं। अगर सार्स और मार्स से तुलना की जाए तो वायरस की वजह से इससे होने वाली मौतों का आंकड़ा कम है मगर अभी तक यहां पर लोगों के आपसी संपर्क में आने पर प्रतिबंध नहीं लग सका है। प्रांत में 11 फरवरी को न्‍यूमोनिया के 1638 नए केसेज दर्ज किए गए हैं। इनमें से 94 नए केसेज मौत के हैं और 417 केसेज में सुधार देखा गया है। अभी तक 2,639 केस ऐसे हैं जिनमें मरीज ठीक हो पाए हैं।

24 देशों में 400 लोगों में इनफेक्‍शन

24 देशों में 400 लोगों में इनफेक्‍शन

वहीं, डब्‍लूएचओ की तरफ से कहा गया है कि इस बीमारी ने अंतरराष्‍ट्रीय स्‍तर पर स्‍वास्‍थ्‍य इमरजेंसी घोषित कर दी है। 24 देशों में 400 लोग इससे पीड़‍ित हैं। संगठन ने वायरस को कोविड-19 नाम दिया है। हालांकि संगठन ने नाम तय करते समय किसी भी जगह या फिर जानवर का जिक्र नहीं किया है। संगठन के चीफ टेडरॉस एबहानोम ने इस बारे में ऐलान किया और कहा, 'हमें एक नाम की तलाश करनी थी जिसमें किसी भी जगह या फिर जानवर या फिर किसी व्‍यक्ति या संगठन का जिक्र न आता हो, जिसका उच्‍चारण आसान हो और जो किसी बीमारी से सबंधित न हो।'

क्यों रखा गया Covid-19 नाम

क्यों रखा गया Covid-19 नाम

उन्‍होंने कहा कि एक नाम होने की वजह से दूसरे नामों का प्रयोग करने से बचा सकेगा। साथ ही आने वाले समय में अगर कोई महामारी फैलती है तो फिर इसी क्रम में कोरोना वायरस का प्रयोग हो सकेगा। कोविड-19 कोरोना, वायरस और डिजीज को मिलाकर बना है और इसमें 19 का मतलब साल 2019 से है। दिसंबर 2019 में इस महामारी का पहला केस हुबेई में देखा गया था। डब्‍लूएचओ की चीफ साइंटिस्‍ट सौम्‍या स्‍वामीनाथन ने कहा, 'कोविड-19 का मतलब 2019 में कोरोना वायरस बीमारी है।'

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