इटली में कोरोना से पूरी तरह ठीक हो चुके मरीज को फिर से वायरस ने जकड़ा, मरीजों में दोबारा इंफेक्शन से डरे डॉक्टर
रोम। इटली में कोरोना वायरस की वजह से मरने वालों का आंकड़ा 3,000 के करीब पहुंच गया है। वायरस फैलने के बाद से यह मृतकों का अब तक का सर्वोच्च आंकड़ा है। इटली में अब कोरोना वायरस के 35,713 केस हैं और इसमें से 4,000 लोग पूरी तरह से ठीक हो चुके हैं। डॉक्टर इस ठीक हुए मरीज को देखकर खुश हो ही रहे थे कि एक घटना ने उन्हें परेशान कर दिया है। इटली में कोरोना वायरस का मरीज जो पूरी तरह से ठीक हो चुका था, उसमें फिर से इस महामारी के लक्षण मिले हैं।

डिस्चार्ज होने से पहले नजर आए लक्षण
ब्रिेटिश अखबार द सन की एक रिपोर्ट के मुताबिक ट्यूरिन शहर में रहने वाले 40 वर्षीय व्यक्ति को दोबार कोरोना हो गया है। यह व्यक्ति न सिर्फ आइसोलेशन में था बल्कि इसका इलाज हुआ और टेस्ट में ये नेगेटिव भी आया लेकिन डिस्चार्ज करने से एक दिन पहले ही इसमें फिर से लक्षण दिखने लगे और टेस्ट में ये फिर से पॉजिटिव पाया गया है। इस व्यक्ति को अमेडो डी सावियो सिटी हॉस्पिटल में बीते महीने से आइसोलेशन में रखा गया था। रिपोर्ट के मुताबिक बीते सोमवार को इसका टेस्ट नेगेटिव आया और इसे डिस्चार्ज करने का फैसला लिया गया। हालांकि इसी शाम को इस व्यक्ति में फिर से कोरोना के लक्षण नजर आने लगे।

आइसोलेशन के बाद भी संक्रमण
डॉक्टरों को समझ नहीं आ रहा है कि आइसोलेशन में रहने के बावजूद इस व्यक्ति को आखिर दोबारा संक्रमण कैसे हो सकता है। फिलहाल मरीज को फिर से अस्पताल में रखा गया और फिर से इसके इलाज के साथ ही कई तरह के टेस्ट भी किए जा रहे हैं। अस्पताल के वायरोलॉजिस्ट प्रोफ़ेसर जिवानी दी पेरी के मुताबिक हमने टेस्ट किया था और ये व्यक्ति नेगेटिव था, इस टेस्ट में कोई गलती नहीं हो सकती।

कोरोना से तबाह हुआ यूरोप
उन्होंने माना कि हो सकता है कि इस वायरस में टेस्ट के नेगेटिव और पॉजिटिव आने के बीच की भी एक फेज हो जिसका पता अभी तक हमें नहीं है। उन्होंने बताया कि इटली में कई और अस्पतालों में भी इस तरह के केस सामने आए हैं लेकिन अभी सारे डॉक्टर्स का ध्यान सिर्फ इलाज पर है, क्योंकि मरीज काफी ज्यादा हैं। चीन के बाद इटली दुनिया का दूसरा ऐसा देश है जहां पर कोरोना वायरस का सबसे ज्यादा कहर बरपा है। दुनियाभर में अब तक इस महामारी की वजह से 8,758 लोगों की मौत हो गई है।

चीन में भी कुछ मरीज दोबारा इंफेक्टेड
चीन में भी करीब 14 प्रतिशत मरीज ऐसे हैं जिनमें दोबारा से कोरोना के लक्षण दोबारा देखे गए हैं। कुछ यूरोप में अब तक कोरोना वायरस के 200,000 केस मिले हैं। यूरोप दुनिया का वह हिस्सा है जहां पर दुनिया के सबसे ज्यादा कोरोना केस हैं और 80 प्रतिशत केस सिर्फ यूरोप और वेस्टर्न पैसेफिक क्षेत्र में हैं जिसमें एशिया का ज्यादातर हिस्सा आता
है।












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