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अब युवाओं को मार रहा है कोरोना, ब्राजील में 30-40 साल के मरीजों से भरे ICU, 27% युवा संक्रमितों की मौत

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ब्रासीलिया: कोरोना वायरस को लेकर ब्राजील सरकार ने भारी लापरवाही बरती और नतीजा ब्राजील के लोग अपनी जान देकर भुगत रहे हैं। पिछले साल ब्राजील में ज्यादातर बुजुर्ग लोगों की मौत कोरोना वायरस से हो रही थी लेकिन इस साल कोरोना वायरस जवान लोगों को अपना शिकार बना रहा है। कोरोना वायरस का इस लहर में ब्राजील में ज्यादातर युवा आ रहे हैं और ब्राजील में मौतों का आंकड़ा हर दिन करीब 3 हजार से करीब जा पहुंचा है और सबसे डराने वाली बात ये है कि इस बार ज्यादातर जवान लोगों की मौत हो रही है। वहीं, युवाओं को नहीं बचाने की वजह से अस्पतालों के डॉक्टर रो रहे हैं और अपने आप को धिक्कार रहे हैं।

युवाओं की जान ले रहा कोरोना

युवाओं की जान ले रहा कोरोना

ब्राजील में कोरोना वायरस से बीमार लोगों का ग्राफ काफी तेजी से बढ़ रहा है और इस बार ज्यादातर जवान लोग इसकी चपेट में आ रहे हैं। कोरोना से बीमार होने वाले ज्यादातर युवा काफी गंभीर बीमार हो रहे हैं और सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक उनमें से कईयों की मौत हो रही है। ऐसे में सवाल ये उठ रहे हैं कि आखिर इस बार ब्राजील में जवान लोग क्यों ज्यादातर कोरोना के शिकार हो रहे हैं? क्या कोरोना का नया वेरिएंट जवान लोगों को ज्यादा शिकार बना रहा है? या फिर जवान लोग अब कोरोना वायरस को लेकर लापरवाही बरतने लगे हैं और इन्फेक्शन के शिकार हो रहे हैं? ऐसे कई सवाल हैं, जिनसे ब्राजील के लोग ज्यादा जूझ रहे हैं।

आईसीयू में ज्यादातर युवा मरीज

आईसीयू में ज्यादातर युवा मरीज

ब्राजील के अस्पतालों में इस वक्त ज्यादातर युवा मरीज भर्ती हो रहे हैं और आईसीयू में ज्यादातर युवा मरीजों की जान बचाने की कोशिश जारी है। डॉक्टरों का कहना है कि कोरोना वायरस का लेटेस्ट वेभ जवान लोगों को ज्यादा शिकार बना रहा है। ब्राजील के रियो-डि-जिनेरियो स्थित एक अस्पताल के डॉक्टर पीट्रो आर्चर ने सीएनन को बताया है कि उनके पास ज्यादातर कोरोना मरीज 30 से 50 साल की उम्र के आ रहे हैं। सीएनन की रिपोर्ट के मुताबिक ब्राजील के करीब करीब सभी अस्पतालों के आईसीयू में जवान मरीज भरे हैं।

जवानों का मृत्युदर बढ़कर 27 फीसदी

जवानों का मृत्युदर बढ़कर 27 फीसदी

ब्राजील हेल्थ मिनिस्ट्री द्वारा जारी नेशनल स्टेटिटिक्स की रिपोर्ट के मुताबिक 30 साल से 59 साल तक के जो लोग कोरोना वायरस की चपेट में आए हैं, उनमें में 27 प्रतिशत मरीजों की मौत हो गई है। ये एक खतरनाक आंकड़ा है। वहीं एएफपी की रिपोर्ट के मुताबिक ब्राजील में 60 साल से ज्यादा उम्र के लोगों की कोरोना की वजह से मृत्युदर में 7 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। वहीं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक ब्राजील में जितने युवा कोरोना वायरस की चपेट में आ रहे हैं, उनमें से 60 प्रतिशत से ज्यादा मरीजों को आईसीयू तक ले जाना पड़ता है। वहीं, डॉक्टर बताते हैं कि अपनी आंखों के सामने जवान मरीजों को मरते देखना और उनकी जान ना बचा पाना उनके लिए सबसे ज्यादा दर्दनाक होता है।

कौन है जिम्मेदार?

कौन है जिम्मेदार?

ब्राजील में ज्यादा से ज्यादा संख्या में युवाओं का बीमार होना और ज्यादातर युवाओं की मौत ने ब्राजील को झकझोर कर रख दिया है। वहीं, ब्राजील में कोरोना वायरस का नया वेरिएंट भी मिला है। पी-1 वेरिएंट, जिसके बारे में वैज्ञानिकों ने कहा है कि ये ब्राजील से पैदा हुआ है, वो पिछले साल के मुकाबले 2.2 गुना ज्यादा कहर बरपा रहा है। 4 मार्च को ब्राजील के आठ राज्यों में ब्राजील की नेशनल हेल्थ रिसर्च इंस्टीट्यूट ने कोरोना वायरस संक्रमण पर रिसर्च किया गया है। जिनमें से 6 राज्यों में कोरोना वायरस का नया स्ट्रेन ज्यादा खतरनाक दिख रहा है। ब्राजील महामारी विशेषज्ञ जेसम ओरेलाना ने सीएनएन को दिए इंटरव्यू में बताया है कि ‘ब्राजील में मिला कोरोना वायरस का नया वेरिएंट काफी ज्यादा खतरनाक है और जानलेवा है, हालांकि, इसके बारे में अभी भी पुख्ता तौर पर कुछ नहीं कहा जा सकता है'

ब्राजील में चरम पर लापरवाही

ब्राजील में चरम पर लापरवाही

ब्राजील में कोरोना विशेषज्ञों ने लोगों की लापरवाही को भी कोरोना वायरस संक्रमण को तेजी से फैलने देने में जिम्मेदार बताया है। ब्राजील में नये साल के मौके पर कोरोना संक्रमण को नजरअंदाज करते हुए लोग पार्टी करने सड़क पर उतर आए। जिनमें जवान लोगों की तादाद सबसे ज्यादा थी। ब्राजील में अभी भी लोग सोशल डिस्टेसिंग को मानने के लिए तैयार नहीं हैं। वहीं, ब्राजील सरकार की तरफ से भारी लापरवाहियां बरती गई हैं और अब तक वैक्सीनेशन की प्रक्रिया में तेजी नहीं आई है। पहले ब्राजील सरकार ने चीन के साथ वैक्सीन को लेकर करार किया था लेकिन चीनी वैक्सीन ब्राजील में 50 फीसदी से भी कम कारगार रहा। भारत सरकार की तरफ से ब्राजील में 10 लाख से ज्यादा वैक्सीन के डोज भेजे गये हैं लेकिन उस वैक्सीन का डोज देने में भी लापरवाही बरती जा रही है, जिसका खामियाजा ब्राजील के युवाओं को अपनी जान देकर चुकानी पड़ रही है।

ब्राजील में कोरोना वायरस से तबाही, पिछले 24 घंटे में 3000 से ज्यादा मरे, अस्पतालों के बाहर त्राहिमामब्राजील में कोरोना वायरस से तबाही, पिछले 24 घंटे में 3000 से ज्यादा मरे, अस्पतालों के बाहर त्राहिमाम

English summary
New variant of the corona virus is taking the lives of young people more. ICU jawans of hospitals are filled with patients and 27 per cent of the youths suffering from infections are dying.
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