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भारत की मदद करने आईं अमेरिका की 40 कंपनियां, चीन ने भेजा 800 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर्स

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वॉशिंगटन/बीजिंग/नई दिल्ली: कोविड-19 से भारत बुरी तरह जूझ रहा है और हजारों लोगों की मौत कोरोना वायरस की वजह से हो रही है। भारत के अस्पताल में ऑक्सीजन की भारी किल्लत है और वेटिंलेटर्स का भी भारी अभाव है। भारत की इस स्थिति को देखते हुए विश्व भर से भारत को मदद मिल रही हैं। ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात समेत अमेरिका ने भारत की मदद करनी शुरू कर दी है। इन सबके बीच गुगल, माइक्रोसॉफ्ट और एप्पल के साथ साथ अमेरिका की 40 बड़ी कंपनियों ने भारत की मदद करने का ऐलान किया है। अमेरिका की 40 बड़ी कंपनियों के बड़े अधिकारी भारत की मदद करने के वास्ते एक साथ आए हैं।

भारत के साथ अमेरिका की 40 कंपनियां

भारत के साथ अमेरिका की 40 कंपनियां

अमेरिका की 40 बड़ी कंपनियों ने कोविड-19 के खिलाफ जंग में भारत की मदद करने का ऐलान किया है। भारत के लिए दुनिया भर में दुआएं मांगी जा रही हैं। ऐेस वक्त में अमेरिका की 40 बड़ी कंपनियों के सीईओ ने भारत की मदद करने के लिए वैश्विक कार्यबल का गठन करने के लिए एक साथ आए हैं। डेलोइट के सीईओ पुनीत रंजन के मुताबिक अमेरिका के चैम्बर ऑफ कॉमर्स की अमेरिका-भारत काउंसिल और यूएस इंडिया स्ट्रैटेजिक एंट पार्टनरशिप फोरम एंड बिजनेस राउंडटेबल की कलेक्टिव पहल पर भारत की मदद करने का फैसला लिया गया है। जिसके तहत भारत को 20 हजार ऑक्सीजन मशीनें भेजी जाएंगी। इसके साथ ही ये कमेटी भारत को मेडिकल सामान, वैक्सीन, ऑक्सीजन के साथ साथ जिंदगी बचाने वाले इमरजेंसी सामानों की सप्लाई भी भारत को करेगी। इस कमेटी के सदस्यों को संबोधित करते हुए अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने कहा कि 'कोरोना संकट के दौरान भारत वैश्विक कार्यबल की मदद का लाभ भारत और अमेरिका उठा सकता है। इस कमेटी के पास कई विशेषताएं और क्षमताएं हैं, जिसका लाभ कोविड महामारी के दौरान निश्चित तौर पर भारत और अमेरिका को मिलेगा।'

दूसरे लहर ने दहलाया

दूसरे लहर ने दहलाया

डेलोइट के सीईओ पुनीत रंजन ने कहा कि भारत ने कोविड-19 की पहली लहर का सामना मजबूती के साथ किया था, जैसा की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी कहा था कि पहली लहर से निपटने के बाद हम आश्वस्त हैं और भारत का मनोबल काफी ऊंचा है, लेकिन कोरोना के दूसरे लहर ने हमें फिर से झकझोर कर रख दिया है, ऐसे में हम सबकी पहली जिम्मेदारी भारत को कोरोना वायरस के दूसरे लहर से बचाने की है। उन्होंने कहा कि अमेरिका की 40 बड़ी कंपनियों ने एक साथ आकर भारत को 20 हजार ऑक्सीजन कंसंट्रेटर्स, एक हजार मेडिकल मशीन इसी हफ्ते भारत भेजने का फैसला किया है। वहीं, 5 मई तक 11 हजार और मशीनों के साथ साथ ऑक्सीजन के 10 लीटर और 45 लीटर वाले सिलेंडर भारत तक भेजने की कोशिश की जा रही है।

चीन ने भेजी मदद

वहीं, कोरोना के इस संकटकाल में चीन ने भी भारत को हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया है। एक रिपोर्ट के मुताबिक चीन ने भारत को 800 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर्स की खेप भेजी है, जिसे हांगकांग से भेजा गया है। वहीं, चीन की एक रिपोर्ट के मुताबिक इस हफ्ते के अंत तक चीन 10 हजार ऑक्सीजन कंसंट्रेटर्स और भारत को भेजेगा। सोमवार को चीन ने भारत में कोरोना की स्थिति को देखते हुए चिंता जताई थी और भारत को मदद देने की पेशकश की थी। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने एक ट्वीट कर भारत की स्थिति पर चिंता जताई और कहा कि अगर भारत हमें अपनी जरूरतें बताता है तो हम भारत की मदद करने के लिए तैयार हैं। चीन के अलावा फ्रांस, ब्रिटेन, अमेरिका, सऊदी अरब और रूस भी लगातार भारत की मदद कर रहे है। फ्रांस ने भारत को ऑक्सीजन उत्पादन करने वाला 10 जेनरेटर भेजा है तो वहीं फ्रांस ने तत्काल तौर पर 50 हजार मरीजों के लिए ऑक्सीजन की सप्लाई भारत को कर दी है।

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English summary
To help India troubled by the Corona virus, 40 large US companies have created a global workforce, while China has sent 800 oxygen concentrators to India for Corona patients.
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