कराची बंदरगाह पर दिखे चीन के वॉरशिप और सबमरीन, भारत के लिए क्या है इसका मतलब?
कराची बंदरगाह पर पाकिस्तान की नौसेना और चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) की नौसेना साझा अभ्यास कर रही हैं। एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, चीन और पाकिस्तान ने अपने अब तक के सबसे बड़े नौसेना अभ्यास को शुरू कर दिया है।
इस नौसेना अभ्यास का नाम सी गार्जियन-3 है। इसकी सैटेलाइट इमेज सामने आई हैं। न्यूज चैनल एनडीटीवी ने इसे लेकर रिपोर्ट की है। इसमें कराची पोर्ट पर चीन के कई फ्रंटलाइन युद्धपोत, एक पनडुब्बी (Submarine) और डॉकयार्ड देखे जा सकते हैं।

कराची में खड़ी चीनी नौसैनिक संपत्तियों में टाइप 039 डीजल-इलेक्ट्रिक पनडुब्बी शामिल है। इस पनडुब्बी की सटीक क्षमता के बारे में अभी पता नहीं चल पाया है। अरब सागर के पानी में नाव की मौजूदगी अपने घरेलू बंदरगाहों से कई हजार किलोमीटर दूर नौसेना की संपत्ति को तैनात करने में सक्षम होने में बीजिंग के भरोसे को भी दिखाती है
सी गार्जियन-3 अभ्यास ऐसे समय में हो रहा है, जब चीन ने हिंद महासागर के पानी में अपनी समुद्री मौजूदगी का काफी विस्तार किया है। इसमें जिबूती में एक प्रमुख बेस का निर्माण और क्षेत्रीय नौसेनाओं को कई आधुनिक प्लेटफार्मों की बिक्री भी शामिल है।
आपको बता दें कि पिछले साल हिंद महासागर में कई चीनी जासूसी जहाजों का भी पता चला है। उन्हें चीन सर्वेक्षण करने वाले जहाज बताता है। इस महीने की शुरुआत में चीन का ओशन रिसर्च शिप 'शि यान 6' कोलंबो में रुका था। लेकिन, आगे बढ़ने से पहले कि वह तमिलनाडु समुद्र तट और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के बीच उत्तर में बंगाल की खाड़ी की ओर से चला गया था।
ऐसा माना जा रहा है कि चीन पूरे क्षेत्र में पनडुब्बी संचालन को चालू करना चाहता है। इसके लिए बंगाल की खाड़ी सहित हिंद महासागर में वह सक्रिय रूप से मौके की फिराक में है।












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