डोकलाम पर दादागिरी के बीच चीन का नया पैंतरा, सिखों को बनाया निशाना
नई दिल्ली। भारत और चीन के बीच पिछले तीन महीने से डोकलाम मुद्दे को लेकर कफी विवाद चल रहा है। दोनों ही देशों की ओर से लगातार बयानबाजी जारी है। एक तरफ जहां चीन भारत से डोकलाम पर सेना हटाने को कह रहा है तो वहीं भारत चीन से डोकलाम में हो रहे निर्माण का विरोध कर रहा है। लेकिन 15 अगस्त को चीन की तरफ से लद्दाख के पेंगोंग इलाके में जिस तरह से घुसपैठ का वीडियो सामने आया उसने भारत-चीन के बीच सीमा पर विवाद की गहराई को दुनिया के सामने लाकर रख दिया है।

लेकिन इन सारी बातों से दूर चीनी मीडिया ने सीमा विवाद पर भारत का मज़ाक उड़ाते हुए एक प्रौपेगैंडा वीडियो जारी किया है। जिसको लेकर सोशल मीडिया पर बवाल मच गया है क्योंकि इस वीडियो में भारत पर नस्लवादी होने के आरोप लगाए जा रहे हैं। इस वीडियो में सिखों को निशाना बनाया है और कहा गया है कि भारत बहुत छोटी सोच वाला देश है, वह मानता है कि बॉर्डर पर एक सड़क दोनों देशों के बीच रणनीतिक हालात को तय कर सकती है। भारत कोल्ड वाॅर खत्म करे और इलाके का दादा बनने की मानसिकता छोड़ दे।
चीन-नेपाल ट्रेड रूट इंडिया-नेपाल ट्रेड रूट का विकल्प
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इससे पहले बीजिंग के सरकारी मीडिया ने कहा था कि चीन-नेपाल ट्रेड रूट इंडिया-नेपाल ट्रेड रूट का विकल्प है। अब ज्यादातर नेपाली लोगों का यह मानना है कि अगर चीन-नेपाल ट्रेड रूट बेल्ट एंड रोड के तहत आया तो वे सचमुच कूटनीतिक आजादी हासिल कर लेंगे। यहां आपको ये भी बता दें कि चीन और भारत के बीच करीब 3 महीने से डोकलाम को लेकर गतिरोध चल रहा है। इस स्थिति में चीन के सरकारी मीडिया के इस नजरिये के सामने आने से ये माना जा रहा है कि बीजिंग अब नेपाल को भारत के मुकाबले खड़ा करने की कोशिश कर रहा है।
क्या है डोकलाम विवाद?
मालूम हो कि 16 जून 2017 ये विवाद 16 जून को तब शुरू हुआ था, जब इंडियन ट्रूप्स ने डोकलाम एरिया में चीन के सैनिकों को सड़क बनाने से रोक दिया था। हालांकि चीन का कहना है कि वह अपने इलाके में सड़क बना रहा है। चीन दावा करता है कि ये उसके डोंगलांग रीजन का हिस्सा है जबकि ऐसा नहीं है। भारत-चीन का जम्मू-कश्मीर से लेकर अरुणाचल प्रदेश तक 3488 km लंबा बॉर्डर है। इसका 220 km हिस्सा सिक्किम में आता है।












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