चीन ने चेताया, फिर आ सकता है शीत युद्ध सा दौर
वुहान, 11 नवंबर। न्यूजीलैंड में हो रही एशिया पैसिफिक इकॉनोमिक कोऑपरेशन (APEC) के दौरान सीईओ फोरम में दिए एक रिकॉर्डेड भाषण में शी जिनपिंग ने कहा कि भूराजनीतिक आधार पर छोटे-छोटे दायरे बनाने या वैचारिक सीमाएं खींचने की कोशिशें कामयाब नहीं हो पाएंगी.

शी ने कहा, "एशिया प्रशांत क्षेत्र को शीत युद्ध जैसे बंटवारे और विवाद में ना तो पड़ना चाहिए, और ना वो पड़ सकता है." शी के इस बयान को अमेरिकी की एशिया प्रशांत क्षेत्र में बढ़तीं गतिविधियों से जोड़कर देखा जा रहा है. अमेरिका ने ऑस्ट्रेलिया, जापान और भारत को मिलाकर बने क्वॉड नामक संगठन की गतिविधियां बढ़ा दी हैं, जिसे एशिया प्रशांत क्षेत्र में चीन के अधिपत्य को टक्कर के तौर पर माना जा रहा है.
विवाद टालने की कोशिश
मंगलवार को चीनी सेना ने कहा कि उसने ताइवान खाड़ी में पैट्रोलिंग की है. इससे पहले चीनी रक्षा मंत्रालय ने एक अमेरिकी संसदीय प्रतिनिधिमंडल के ताइवान दौरे की आलोचना की थी. स्वायत्तशासी लोकतांत्रिक क्षेत्र ताइवान को चीन अपना हिस्सा बताता है.
चीन में बर्फीला तूफान
पिछले कुछ महीनों में चीन के साथ अमेरिका के कूटनीतिक विवादों ने बाइडेन प्रशासन के कई अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों को भी परेशान किया है. अब अमेरिकी अधिकारी मानते हैं कि शी जिनपिंग के साथ सीधा संवाद ही दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच किसी विवाद को टालने का सबसे अच्छा तरीका है.
शी जिनपिंग और बाइडेन के बीच होने वाली वर्चुअल मुलाकात की कोई तारीख तय नहीं हुई है लेकिन कहा जा रहा है कि यह अगले हफ्ते हो सकती है. अपने वीडियो संदेश में शी ने कहा कि महामारी से उबरना और आर्थिक बहाली को साधना क्षेत्र की सबसे बड़ी चुनौती रही है और टीकाकरण में अंतर को पाटने के लिए सभी देशों को मिलकर काम करना चाहिए.
उन्होंने कहा, "वैक्सीन एक वैश्विक सार्वजनिक वस्तु है, इस सहमति को हमें ठोस कदमों में बदलना होगा ताकि समान और समतामूलक बंटवारा हो सके." एपेक सदस्यों ने जून में एक विशेष बैठक में वादा किया था कि वे कोविड-19 वैक्सीन के उत्पादन और बंटवारे को बढ़ाएंगे और दवाओं के व्यापार पर लगीं रुकावटें दूर करेंगे.
ताइवान बढ़ा सकता है पारा
न्यूजीलैंड द्वारा आयोजित 21 एपेक देशों की सालाना फोरम शुक्रवार को सभी देशों के नेताओं की ऑनलाइन बैठक के साथ खत्म होगी. फोरम में शी वीडियो संदेश के जरिए शामिल हुए. उन्होंने पिछले 21 महीनों से चीन से बाहर कदम नहीं रखा है क्योंकि देश में कोविड-19 के खिलाफ जीरो-टॉलरेंस पॉलिसी लागू है और आने-जाने पर कड़ी पाबंदियां लगी हुई हैं.
ताइवान कॉम्प्रहेंसिव ऐंड प्रोग्रेसिव अग्रीमेंट फॉर ट्रांस पैसिफिक पार्टनरशिप (सीपीटीपीपी) नाम के एक क्षेत्रीय व्यापार समझौते में शामिल होने की कोशिश कर रहा है, जो एपेक नेताओं के बीच होने वाली बैठक में तनाव का विषय बन सकता है.
चीन ने भी सीपीटीपीपी की सदस्यता के लिए आवेदन किया है लेकिन वह ताइवान की सदस्यता का विरोध करता है. उसने ताइवान के इर्द-गिर्द अपनी सैन्य गतिविधियां भी बढ़ा दी हैं. हालांकि, अमेरिका ने पूर्व राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के कार्यकाल में इस संधि को छोड़ दिया था.
वीके/एए (रॉयटर्स, एएफपी)
Source: DW
-
Who Is Saeed Jalili: Ali Larijani के बाद सईद जलीली होंगे ईरान आर्मी के चीफ? क्यों कहते हैं 'जिंदा शहीद’? -
US Israel Iran War: 'ट्रंप ने संसद से 200 मिलियन डॉलर की डिमांड', क्या खत्म होने वाली है जंग? -
Aaj Ka Chandi ka Bhav: अमेरिका-ईरान जंग के बीच चांदी धड़ाम! ₹38,000 सस्ती, आपके शहर का लेटेस्ट Silver Rate -
Irani Nepo Kids: अमेरिका में मौज कर रहे ईरानी नेताओं-कमांडरों के बच्चे, जनता को गजब मूर्ख बनाया, देखें लिस्ट -
Mamta Kulkarni: क्या साध्वी बनने का नाटक कर रही थीं ममता कुलकर्णी? अब गोवा में कर रहीं ऐसा काम, लोग हुए हैरान -
प्यार में ये कैसा पागलपन? महेश भट्ट के लिए सड़क पर बिना कपड़ों के दौड़ीं ये फेमस एक्ट्रेस, फिर हुआ दर्दनाक अंत -
Sone ka Bhav: जंग के बीच सोने में बड़ी गिरावट! 7000 रुपये सस्ता, क्यों गिर रहा है भाव? आज का लेटेस्ट Gold Rate -
Weather Delhi NCR: दिल्ली में कब साफ होगा मौसम? दो दिन बाद फिर लौटेगी बारिश, IMD के अलर्ट ने बढ़ाई टेंशन -
Hyderabad Gold Silver Rate Today: ईद के मौके पर सोना-चांदी ने किया हैरान, जानें कहां पहुंचा भाव? -
Gold Rate Today: सोना सस्ता या अभी और गिरेगा? Tanishq से लेकर Kalyan, Malabar तक क्या है गहनों का भाव? -
Iran Espionage Israel: दूसरों की जासूसी करने वाले इजरायल के लीक हुए सीक्रेट, Iron Dome का सैनिक निकला जासूस -
Petrol Price Hike: ईरान जंग का पहला झटका! पावर पेट्रोल हुआ महंगा, इतना बढ़ा दाम, चेक करें लेटेस्ट रेट












Click it and Unblock the Notifications