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सिंगापुर में पीएम मोदी के बयान पर खुश चीन ने कहा सकारात्‍मक संबंधों की शुरुआत

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    बीजिंग। चीन ने पिछले दिनों सिंगापुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर भारत और चीन के संबंधों को लेकर टिप्‍पणी की गई थी। अब चीन ने पीएम मोदी की इस टिप्‍पणी का स्‍वागत किया है। पीएम मोदी ने पिछले दिनों सिंगापुर में एक कार्यक्रम में कहा था कि भारत-चीन का सहयोग दुनिया के भविष्‍य के लिए बेहतर है। पीएम मोदी अप्रैल में चीनी राष्‍ट्रपति शी जिनपिंग के निमंत्रण पर अनौपचारिक मुलाकात के लिए वुहान गए थे। पीएम मोदी और जिनपिंग की उस मुलाकात के बाद दोनों देशों के रिश्‍तों में एक नया मोड़ आया है।

      PM Modi के Singapore Speech के बाद बदला China का रुख, Dragon ने की तारीफ | वनइंडिया हिंदी
      भारत और चीन दुनिया का भविष्‍य

      भारत और चीन दुनिया का भविष्‍य

      सिंगापुर दौरे पर पीएम मोदी ने 17वें शांगरी-ला डायलॉग में हिस्‍सा लिया था। मोदी ने यहां पर कहा, ' वह दृढ़ता से इस बात पर यकीन करते हैं कि एशिया और दुनिया का भविष्‍य काफी बेहतर है अगर भारत और चीन आपस में भरोसे और आत्‍मविश्‍वास के साथ मिलकर काम करें और साथ ही एक-दूसरे के हितों को भी ध्‍यान में रखें।' चीन के एक टॉप जनरल ने पीएम मोदी की तारीफ की है। उन्‍होंने इसे मोदी की तरफ से इस टिप्‍पणी को दोनों देशों के संबंधों को सुधारने वाली एक सकारात्‍मक टिप्‍पणी करार दिया है।

      अगले हफ्ते होगी मोदी-जिनपिंग की मुलाकात

      अगले हफ्ते होगी मोदी-जिनपिंग की मुलाकात

      लेफ्टिनेंट जनरल ही लेई ने चीन की मीडिया से कहा, 'मोदी ने अपने भाषण में चीन-भारत के रिश्‍तों पर एक सकारात्‍मक आकलन दिया है।' चीन ने इस बात पर भी खासा ध्‍यान दिया है कि मोदी ने अपने भाषण में अमेरिका, जापान, ऑस्‍ट्रेलिया और भारत इन चारों देशों की आपसी सहभागिता का जिक्र नहीं किया और न ही उन्‍होंने अमेरिका और चीन के बीच व्‍यापार पर जारी तनातनी को लेकर कुछ कहा है। पीएम मोदी का यह बयान उस समय आया जब अगले हफ्ते वह शंघाई को-ऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन (एससीओ) समिट के लिए चीन जाएंगे और एक बार फिर जिनपिंग से मुलाकात करेंगे।

      दो माह से भी कम समय में एक और मीटिंग

      दो माह से भी कम समय में एक और मीटिंग

      दो महीने से भी कम समय के अंदर पीएम मोदी और चीनी राष्‍ट्रपति जिनपिंग की मुलाकात किंगदाओ शहर में होगी। यहां पर फिर से दोनों नेता द्विपक्षीय मुलाकात करेंगे। भारत के अलावा पाकिस्‍तान भी इस समिट में शामिल होगा। 28 और 29 अप्रैल को सेंट्रल चीन के वुहान शहर में मोदी और जिनपिंग के बीच एक अनौपचारिक मुलाकात हुई थी। 10 घंटे के समय में दोनों नेताओं ने कई अलग-अलग मुद्दों पर बात की थी। एससीओ समिट से पहले पीएम मोदी का यह सकारात्‍मक बयान दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।

      चुनाव में होगा फायदा

      चुनाव में होगा फायदा

      चीन का यह भी मानना है कि सिंगापुर में दिए गए भाषण और सकारात्‍मक टिप्‍पणी के बाद अगले वर्ष होने वाले लोकसभा चुनावों में भी उन्‍हें फायदा मिल सकता है। चीनी के सरकारी अखबार ग्‍लोबल टाइम्‍स से बात करते समय शंघाई एकेडमी ऑफ सोशल साइंस में रिसर्चर ह्यू झियोंग ने कहा, 'मोदी की टिप्‍पणी से यह अच्‍छा संकेत गया है कि वह भारत-चीन के संबंधों सुधारने की दिशा में काम कर रहे हैं जिनमें पिछले वर्ष डोकलाम तनाव के बाद से कड़वाहट आ गई थी।' उन्‍होंने आगे कहा है कि मोदी प्रशासन को अगले वर्ष होने वाले लोकसभा चुनावों में ज्‍यादा वोट हासिल करने के लिए भारत-चीन के बीच बेहतर संबंधों की जरूरत है।

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      English summary
      China has welcomed Prime Minister Narendra Modi' remark in Singapore forum where he said that India-China cooperation is good for the world's future.

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