चीन ने लॉन्च की पटरी पर तैरने वाली दुनिया की सबसे सुपरफास्ट अद्भुत ट्रेन, हेलीकॉप्टर से तेज है रफ्तार
चीन ने विश्व की सबसे तेज रफ्तार से चलने वाली मैग्लेव ट्रेन को लॉन्च कर दिया है। इसकी रफ्तार हेलीकॉप्टर की रफ्तार से भी ज्यादा होगी।
बीजिंग, जुलाई 20: अब इसमें कोई शक नहीं रह गया है कि चीन ने तरक्की के मामले में विश्व के तमाम देशों को काफी पीछे छोड़ दिया है और चीन ने जिस अद्भुत ट्रेन को दुनिया के सामने पेश किया है, उसे देखने के बाद आप भी हमारी बात से इत्तेफाक रखेंगे। चीन ने दुनिया के सामने जिस ट्रेन को पेश किया है, उसकी रफ्तार हेलीकॉप्टर की स्पीड से ज्यादा होगी और इस ट्रेन की खासियतों को जानकर यकीन मानिए आपके पैरों तले जमीन खिसक जाएगी। आईये जानते हैं विश्व में सबसे तेज रफ्तार से चलने वाली मैग्लेव ट्रेन की क्या क्या खासियतें हैं।
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विश्व की सबसे सुपरफास्ट ट्रेन
चीन ने मंगलवार को विश्व में सबसे तेज रफ्तार से चलने वाली ट्रेन को लॉन्च कर दिया है। इस ट्रेन की रफ्तार 600 किलोमीटर प्रति घंटे की होगी, यानि हेलीकॉप्टर की रफ्तार से भी ज्यादा तेज। चीन ने इस ट्रेन का नाम रखा है मैग्लेव ट्रेन। चीन की सरकारी मीडिया ने इस ट्रेन के बारे में जानकारी देते हुए कहा है कि इस ट्रेन की रफ्तार विश्व में सबसे ज्यादा है और इस ट्रेन को चीन के अंदर देश में बनाई गई अपनी ही टेक्नोलॉजी से बनाया गया। चीन की सरकारी मीडिया के मुताबिक मैग्लेव ट्रेन को चीन के तटीय शहर किंगदाओ में तैयार किया गया है और अब तक पूरी दुनिया में कहीं भी ऐसी ट्रेन नहीं बनाई गई है।

बिना पहिए के चलेगी ट्रेन
सुनकर आप हैरान हो सकते हैं, लेकिन इस ट्रेन में पहिए नहीं है। जी हां, आपने बिल्कुल सही सुना है, मैग्लेव ट्रेन बिना पहियों के चलने वाली है और ये चलने के लिए इलेक्ट्रो-मैग्नेटिक फोर्स का इस्तेमाल करेगी। दरअसल, ये ट्रेन पटरी पर चलेगी ही नहीं, यानि इस ट्रेन का ट्रैक से कोई संपर्क नहीं होगा। ये ट्रेन चुंबकीय टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करते हुए पटरी से उपर उठते हुए हवा में चलेगी, जिसकी वजह से इस ट्रेन को चलने के लिए काफी कम ऊर्जा की जरूरत होगी, लेकिन इसकी रफ्तार काफी ज्यादा होगी। चीन की सरकारी मीडिया के मुताबिक इस ट्रेन का डिजाइन अभी तक 600 किलोमीटर की रफ्तार पर किया गया है, जबकि इस ट्रेन की औसत रफ्तार 500 किलोमीटर प्रति घंटे की होगी।

69 फीट लंबी है मैग्लेव ट्रेन
चीन की सरकारी मीडिया के मुताबिक ट्रेन आज से लॉन्च हो गई है और ट्रेन की लंबाई करीब 69 फीट है। पटरी पर चलते वक्त ऐसा लगता है कि ट्रेन चल नहीं, बल्कि पटरी पर तैर रही है। रिपोर्ट के मुताबिक पिछले 20 सालों से चीन इस टेक्नोलॉजी पर काम कर रहा है और चीन की सबसे बड़े औद्योगिक शहर शंघाई में मैग्लेव ट्रेन की छोटी लाइन भी है, जो हवाई अड्डे से शहर तक चलती है। लेकिन अब चीन ने शहरों को जोड़ने के लिए मैग्लेव ट्रेन चलाने की योजना बनाई है। शुरूआत में शंघाई शहर से चेंकदू शहर के बीच इस ट्रेन को चलाया जाएगा।

हेलीकॉप्टर से तेज रफ्तार
600 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली इस मैग्लेव ट्रेन को शंघाई से चीन की राजधानी बीजिंग तक पहुंचने में सिर्फ ढाई घंटे का वक्त लगेगा। शंघाई से बीजिंग के बीच की दूरी एक हजार किलोमीटर है और हवाई जहाज से शंघाई से बीजिंग जाने में करीब 3 घंटे का वक्त लगता है, वहीं चीन की हाई स्पीड ट्रेन से जाने में करीब साढ़े पांच घंटे का वक्त लगता है। रिपोर्ट के मुताबिक, चीन ने जब इस टेक्नोलॉजी को लॉन्च कर दिया है, तब जापान और जर्मनी भी मैग्लेव ट्रेन के बारे में सोच रहे हैं। जापान में अभी बुलेट ट्रेन चलती है, लेकिन चूंकी मैग्लेव ट्रेन को लॉन्च करने में काफी ज्यादा का बजट लगेगा, लिहाजा जापान में भी सरकार मैग्लेव ट्रेन को लेकर कोई फैसला नहीं ले पा रही है।

मैग्लेव ट्रेन बनाने का उद्येश्य
चीन की सरकारी मीडिया के मुताबिक चीन में मैग्लेव ट्रेन चलाने के पीछे सरकार का उद्येश्य दो शहरों के बीच की दूरी को एकदम कम कर देना है, ताकि लोगों के पास फास्ट मोबिलिटी की सुविधा हासिल हो जाए और किसी दूसरे शहर जाने से पहले लोगों को सोचना नहीं पड़े। चीन की सरकारी मीडिया ने कहा है कि अभी इस ट्रेन की रफ्तार 600 किलोमीटर प्रति घंटे की है, लेकिन इसकी टेक्नोलॉजी पर अभी और काम चल रहा है और इसकी रफ्तार को 800 किलोमीटर प्रति घंटे पर ले जाना सरकार का लक्ष्य है।












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