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चीन ने अमेरिका से कहा- लोकतंत्र कोकाकोला नहीं है कि हर जगह एक स्वाद होगा

By BBC News हिन्दी

चीन के विदेश मंत्री वांग यी
EPA/RUSSIAN FOREIGN AFFAIRS MINISTRY
चीन के विदेश मंत्री वांग यी

चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने कहा है कि अमेरिका को चीन के अपना विकल्प ख़ुद चुनने के फ़ैसले का सम्मान करना चाहिए.

शुक्रवार को चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने विदेशी मामलों के लिए अमेरिकी काउंसिल के अध्यक्ष रिचर्ड हास से वीडियो लिंक के ज़रिए दोनों देशों के बीच सौहार्दपूर्ण रिश्तों को आगे बढ़ाने पर चर्चा की. इस बैठक में अमेरिका से क़रीब और पाँच सौ प्रतिनिधि शामिल हुए.

वांग यी ने कहा कि चीन और अमेरिका के आपसी रिश्तों का भविष्य इस बात पर निर्भर करता है कि क्या अमेरिका चीन के शांतिपूर्ण विकास को स्वीकार कर सकता है और क्या वो चीनी नागरिकों के इस अधिकार का सम्मान करता है कि उन्हें भी बेहतर जीवन जीने का अधिकार है.

चीनी सरकारी मीडिया ग्लोबल टाइम्स के अनुसार उन्होंने कहा कि लोकतंत्र कोई कोकाकोला नहीं है कि दुनिया के हर कोने में समान स्वाद का वादा किया जा सके.

उन्होंने कहा कि चीन ने ख़ुद अपने लिए जो रास्ता चुना है, अमेरिका को उसका सम्मान करना चाहिए.

https://twitter.com/globaltimesnews/status/1385751113513590790

वांग यी ने कहा कि चीन को लेकर अमेरिका की विदेश नीति में कई तरह की ग़लतफ़हमियां हैं और वो अब तक चीन के साथ रिश्ते सामान्य करने को लेकर सही रास्ता तलाश नहीं पाया है.

उन्होंने दोनों देशों के बीच सौहार्दपूर्ण रिश्तों के लिए पाँच सुझाव दिए और कहा कि आगे बढ़ने के लिए रणनीतिक तौर पर इन बातों पर ध्यान देना ज़रूरी होगा.

इन पाँच सुझावों के बारे में उन्होंने कहा, "पहला- अमेरिका चीन के विकास को निष्पक्ष और तर्कसंगत रूप से समझने की कोशिश करे;

दूसरा-दोनों देशों के सह-अस्तित्व और आपसी हितों के लिए अमेरिका को चीन के साथ नए तरीक़े से काम करना चाहिए;

तीसरा- चीन ने ख़ुद अपने लिए जो रास्ता चुना है अमेरिका को उसका सम्मान करना चाहिए और उसके प्रति सहनशीलता दिखानी चाहिए;

चौथा- अमेरिका को वास्तविक अर्थों में बहुध्रुवीय दुनिया को मानना चाहिए; और पांचवा- चीन के आंतरिक मामलों में उसे हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए."

बैठक के दौरान वांग यी ने एक चीनी कहावत का उदाहरण दिया और कहा कि "चीन इस बात में यक़ीन रखता है कि एक देश जो पूरी दुनिया पर प्रभुत्व कायम करना चाहता है उसका नाकाम होना तय है. हम इस बात में भरोसा नहीं रखते हैं कि ताक़तवर होने पर पूरी दुनिया पर वर्चस्व कायम करना है."

उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि एक दिन वास्तविक अर्थों में बहुपक्षवाद का पालन करेगा.

बैठक में ताइवान के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि "ताइवान के मामले में हस्तक्षेप करना आग से खेलने के बराबर है."

उन्होंने अमेरिका के गुज़ारिश की कि वो कड़ाई से 'वन चाइना नीति' का पालन करे और चीन और अमेरिका के बीच इससे पहले तीन बार हुई बातचीत के अनुसार अपनी प्रतिबद्धता का पालन करे.

शिन्ज़ियांग स्वायत्त प्रांत में कपास की खेली में वीगरों से जबरन मज़दूरी कराने के आरोपों का उन्होंने खंडन किया और कहा कि राजनीतिक स्वार्थ के लिए 'नरसंहार' और 'जबरन मज़दूरी' जैसे बड़े झूठ फैलाए जा रहे हैं.

उन्होंने बैठक में हॉन्ग कॉन्ग के बारे में भी बात की और कहा कि 'एक देश दो प्रणाली के' तहत चीनी सरकार की कोशिशों का अमेरिका को सम्मान करना चाहिए.

उन्होंने कहा कि चीन हमेशा से दूसरे देशों के साथ ज़ोर-जबर्दस्ती का विरोध करता रहा है और चाहता है कि दूसरे देश भी उसके आंतरिक मामलों में दखल न दें.

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BBC Hindi
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English summary
china told America that Democracy is not Coca-Cola that there will be a taste everywhere
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