India
  • search
क्विक अलर्ट के लिए
अभी सब्सक्राइव करें  
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts
Oneindia App Download

जमीन से अंतरिक्ष तक 'ड्रैगन'बढ़ा रहा पावर, अमेरिका की उड़ जाएगी नींद

|
Google Oneindia News

बीजिंग, 27 जून : चीन जमीन के साथ-साथ अंतरिक्ष में भी अपने महत्वकांक्षी परियोजनाओं के साथ आगे बढ़ रहा है। वह अब अमेरिका जैसे शक्तिशाली देश को भी टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में चेलैंज कर रहा है। जानकारी के मुताबिक चीन अंतरिक्ष में पहला सौर ऊर्जा संचालित संयंत्र (solar power) लॉन्च करने के लिए तैयार है। यह परियोजना पहले से ही अपने शुरुआती चरण में है। खबर के मुताबिक चीन 2028 तक इसे लंच करने का लक्ष्य रखा है।

photo
चीन अंतरिक्ष में पैर जमा रहा है

चीन अंतरिक्ष में पैर जमा रहा है

चीन अंतरिक्ष में अपनी गहरी पैठ जमाता जा रहा है। वह आसमान में सौर्य ऊर्जा संचालित संयंत्र तो लगा ही रहा है, इससे पहले भी वह अपने पहले ही प्रयास में चंद्रमा से नमूनों को लाने में सफलता हासिल कर चुका है। इतना ही नहीं ड्रैगन देश मंगल पर लैंडिंग और घुमने के बाद अब साइंस एंड टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में नए-नए कीर्तिमान गढ़ने को तैयार है।

क्या है सौर अंतरिक्ष स्टेशन का उद्देश्य

क्या है सौर अंतरिक्ष स्टेशन का उद्देश्य

सौर अंतरिक्ष स्टेशन का उद्देश्य सौर ऊर्जा को बिजली और माइक्रोवेव में परिवर्तित करना है। उनका उपयोग कक्षा में चलने वाले उपग्रहों को शक्ति देने के लिए किया जा सकता है और एक वायरलेस पावर ट्रांसमिशन के माध्यम से निश्चित स्थानों पर ऊर्जा बीम को पृथ्वी पर निर्देशित कर सकते हैं।

जानें कैसे करेगा कार्य

जानें कैसे करेगा कार्य

एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, यह अध्ययन शिडियन विश्वविद्यालय के एक शोध दल द्वारा किया गया था। सौर स्टेशन पृथ्वी पर सौर ऊर्जा के परिवहन में सक्षम होगा और यह प्रारंभिक चरणों में सफल परीक्षण से गुजरा है।

ताकतवर हो रहा है चीन

ताकतवर हो रहा है चीन

अगर चीन अंतरिक्ष में सौर ऊर्जा स्टेशन बनाने में सफल हो जाता है तो वह और भी ज्यादा ताकतवर हो जाएगा। विज्ञान और तकीनक के क्षेत्र में चीन धीरे-धीरे आगे निकलता जा रहा है।

अंतरिक्ष सौर ऊर्जा स्टेशन एक हॉटस्पॉट तकनीक

अंतरिक्ष सौर ऊर्जा स्टेशन एक हॉटस्पॉट तकनीक

जानकारी के मुताबिक,अंतरिक्ष सौर ऊर्जा स्टेशन एक हॉटस्पॉट तकनीक होने की संभावना है जिसका उपयोग बिजली उत्पादन के लिए अंतरिक्ष के अभियान की चल रही परियोजना में किया जाएगा। पावर प्लांट की क्षमता 10 किलोवाट होगी।

ये भी पढ़ें :मिस्र को खाद्य संकट से 'आलू' बचाएगा ! गेहूं के लिए भारत से उम्मीदये भी पढ़ें :मिस्र को खाद्य संकट से 'आलू' बचाएगा ! गेहूं के लिए भारत से उम्मीद

Comments
English summary
After successfully returning samples from the Moon, landing, and roving on Mars in their first attempt, China is set to launch the first solar-powered plant in space. The project is already in its initial stages and the agency aims to launch it by 2028, two years ahead of the earlier estimated time.
देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
For Daily Alerts
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X