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ताइवान पर आमने-सामने: चीन ने अमेरिका को दी सीधी धमकी, हस्तक्षेप करने वाले अधिकारियों पर लगेगा प्रतिबंध

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China to sanction US officials over Taiwan: बीजिंग: ताइवान को लेकर अमेरिका और चीन के बीच तनातनी बढ़ती जा रही है। चीन पूरी तरह से ताइवान को निगलने की फिराक में है। चीन ताइवान की अस्तित्व खत्म करने की कोशिश में है, जिसे अगर कोई रोकने की कोशिश करता है तो चीन की बिलबिलाहट सामने आ जाती है। इस बार चीन ने ताइवान को लेकर अमेरिका को सीधी चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर कोई अमेरिकी अफसर ताइवान मामले में हस्तक्षेप करने की कोशिश की तो उन अफसरों पर प्रतिबंध लगा दिया जाएगा।

XI JINPING

चीनी विदेश मंत्री का ये बयान उस वक्त आया है जब अमेरिका ने ताइवान- अमेरिका अफसरों के बीच जानकारियां साझा करने में ढील दे दी है। अमेरिका के इस कदम से चीन काफी गुस्से में है। पिछले महीने अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पॉम्पियो ने अमेरिका और ताइवान के अधिकारियों को सूचना आदान प्रदान करने की अनुमति दे दी थी। चीन का गुस्सा उस वक्त और बढ़ गया जब यूनाइटेड नेशन में अमेरिका की एंबेसडर केली क्राफ्ट ने ताइवान की राष्ट्रपति साइ इंग वेन (Tsai ing-Wen) का ताईपेई (Taipei) दौरा रद्द होने के बाद बात की।

'अमेरिका को भुगतना होगा अंजाम'

जब चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता Hua Chunying से पूछा गया कि आखिर चीन ताइवान में बढ़ती अमेरिकन दखलअंदाजी को रोकने के लिए अमेरिका को क्या सबक सिखाएगा, इसपर चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता ने कहा, कि हम अमेरिकी अफसरों पर प्रतिबंध लगा देंगे। चीनी विदेश मंत्रालय ने कहा, यूनाइटेड नेशंस में अमेरिका की एबेंसडर ने ताइवान की राष्ट्रपति से बात कर सही नहीं किया है, जिसके बाद चीन ने उन अमेरिकी अधिकारियों पर प्रतिबंध लगाने का फैसला लिया है, जो ताइवान के अफसरों से जानकारियां लेते पाए जाएंगे।

हांगकांग में दखल देने वालों पर भी प्रतिबंध

हांगकांग और ताइवान को चीन ने निगलने का मन बना लिया है। लिहाजा, अब हर उन अधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं या फिर हांगकांग के उन लोगों के खिलाफ चीन ने सख्त एक्शन लेने का एलान कर दिया है, जो चीन की बात नहीं मानेंगे। जब चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता से पूछा गया कि हांगकांग के अफसरों ने सामूहिक गिरफ्तारी का एलान कर दिया है, इसपर चीन का क्या कदम होगा, प्रवक्ता ने कहा, चाहे वो अमेरिका के अधिकारी हों, कांग्रेस के मेंबर हों, किसी गैरसरकारी संगठन के सदस्य हों या फिर हांगकांग के अफसर हों, चीन ने सभी के खिलाफ प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है।

अमेरिकी प्रतिबंध के जवाब में चीनी प्रतिबंध

पिछले महीने अमेरिका ने चीन के 12 से ज्यादा अफसरों को जासूसी के आरोप में प्रतिबंध लगा दिया था, जिसके जवाब में चीन ने भी कुछ अमेरिकी अफसरों पर प्रतिबंध लगाए हैं। हालांकि, चीन ने ये साफ नहीं किया है अमेरिका के किन अधिकारियों पर प्रतिबंध लगाएं हैं और उनपर आरोप क्या हैं। चीन का कहना है कि संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ उसके संबंधों में ताइवान सबसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील मुद्दा है। और इससे पहले ताइवान को हथियार बेचने वाली अमेरिकी कंपनियों पर वो प्रतिबंध लगा चुका है। हालांकि, चीन ने साफ नहीं किया है कि अमेरिकन कंपनियों पर लगा प्रतिबंध किस तरह का है और ये प्रतिबंध कब से लागू हो रहा है।

चीन ने अमेरिका पर ताइवान को लेकर कई आरोप लगाए हैं। चीन ने कहा है कि अमेरिका ताइवान में हथियारों की सप्लाई करता है, उसके अधिकारी ताइवान में गैरजरूरी हस्तक्षेप करते हैं और ताइवान को मिलिट्री सपोर्ट दिया जा रहा है।

विश्व की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच पिछले कुछ सालों से जमकर जंग हो रही है। दोनों के संबंध सबसे खराब दौर से गुजर रहे हैं। खासकर ताइवान, हांगकांग, ट्रेड वार, मानवाधिकार, साउथ कोरिया सी और कोरोना वायरस को लेकर दोनों देश लगातार एक दूसरे से टकरा रहे हैं।

महामारी में भी चीन की GDP 2.3% बढ़ी, भारत की जीडीपी में आ सकती है 7.7% की गिरावट

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English summary
China to sensation US officials over Taiwan china foreign minister told
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