कश्मीर पर पाकिस्तान के पक्ष में ड्रैगन ने उगला जहर, क्या ताइवान पर बोलकर जवाब देगी मोदी सरकार?
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान को अब तक तुर्की के अलावा कश्मीर मुद्दे पर किसी भी दूसरे देश का साथ नहीं मिला था और इमरान खान को पहली बार सीधे तौर पर चीन का साथ मिला है।
बीजिंग, फरवरी 07: चीन ने साफ तौर पर कश्मीर के मुद्दे को लेकर पाकिस्तान के पक्ष में बयान जारी कर दिया है, जिसके बाद सवाल ये उठ रहे हैं, कि क्या भारत भी अब ताइवान के पक्ष में आवाज बुलंद कर चीन को उसी की भाषा में जवाब देगा। चीन अभी तक कश्मीर को लेकर संतुलित रखता आया है और पाकिस्तान से लाख दोस्ती होने के बाद भी कश्मीर को भारत और पाकिस्तान के बीच का द्विपक्षीय मामला कहता आया है, लेकिन पहली बार चीन ने कश्मीर को लेकर पाकिस्तान की सुर में सुर मिलाया है।

पाकिस्तान के साथ चीन
चीन ने रविवार को कहा है कि चीन अपनी संप्रभुता की रक्षा और आतंकवाद से लड़ने में पाकिस्तान का दृढ़ता से समर्थन करता है। राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने रविवार को पाकिस्तानी पीएम इमरान खान से कहा कि दोनों नेता चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (सीपीईसी) परियोजना के "गहन" विकास को आगे बढ़ाने के लिए सहमत हैं। यह शी जिनपिंग की बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (बीआरआई) के तहत एक प्रमुख परियोजना है जो पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) से होकर गुजरती है। शी जिनपिंग ने रविवार को बीजिंग में ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल में इमरान खान से मुलाकात की और दोनों नेताओं के बीच अक्टूबर 2019 में चीन की बाद की यात्रा के बाद पहली मुलाकात हुई।
कश्मीर पर ड्रैगन ने उगला जहर
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान को अब तक तुर्की के अलावा कश्मीर मुद्दे पर किसी भी दूसरे देश का साथ नहीं मिला था और इमरान खान चीन से कर्ज की नई किश्त भी चाहते थे, लिहाजा ओलंपिक खेलों के उद्घाटन समारोह में भाग लेने के बीजिंग गये इमरान खान ने एक बार फिर से चीन के सामने कश्मीर का मुद्दा उठाया है। जिसको लेकर चीन की तरफ से एक बयान जारी करते हुए 'एकपक्षीय कार्रवाई का विरोध' किया गया है। चीन ने अपने बयान में कहा है कि, 'पाकिस्तानी पक्ष ने जम्मू-कश्मीर में ताजा स्थिति और घटनाक्रमों से अवगत कराया। चीनी पक्ष ने कहा कि, कश्मीर मुद्दा एक ऐसा विवाद है, जो अतीत से मिला है और उसका उपयुक्त और शांतिपूर्ण समाधाना होना चाहिए। चीन स्थिति को और जटिल करने वाली किसी भी एकपक्षीय कार्रवाई का विरोध करता है।'

पाकिस्तान के पीछे आया चीन
शी जिनपिंग ने कहा कि चीन नए युग में साझा भविष्य के साथ घनिष्ठ चीन-पाकिस्तान समुदाय के निर्माण में तेजी लाने और टेक्नोलॉजी, उद्योग और कृषि जैसे क्षेत्रों में सहयोग का विस्तार करने के लिए पाकिस्तान के साथ काम करने को तैयार है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने रविवार को शी जिनपिंग के हवाले से कहा कि, "चीन और पाकिस्तान को आपसी विश्वास, आपसी सहायता और सहयोग की परंपरा को आगे बढ़ाना चाहिए और अधिक व्यापक और गहन रणनीतिक सहयोग करना चाहिए।"

कश्मीर पर चीन का 'डबल गेम'
चीन ने कश्मीर पर पाकिस्तान के पक्ष में बोलकर डबल गेम खेलने की कोशिश की है। जिस चीन का इतिहास ही दूसरे देशों की जमीन पर कब्जा करने और हांगकांग और ताइवान जैसे देशों की स्वतंत्रता को खत्म करने की रही है, वो भला किस मुंह से कश्मीर पर बात कर सकता है। जिस चीन ने हांगकांग की राजनीतिक स्थिति को तहस-नहस कर दिया है, उस चीन को भारत और कश्मीर के मुद्दे पर बोलने का कोई हक नहीं है। दरअसल, चीन ने पाक अधिकृत कश्मीर में सीपीईसी प्रोजेक्ट के तहत अरबों रुपये का निवेश कर रखा है और चीन को डर है कि, कहीं भारत उसके अरबों डॉलर के प्रोजेक्ट और उसके नापाक मंसूबों पर पानी ना फेर दे, लिहाजा अब ड्रैगन ने जहर उगलना शुरू कर दिया है।

क्या ताइवान पर बोलेगा भारत?
ताइवान को लेकर भी भारत ने धीरे धीरे अपने विचारों में बदलाव शुरू किया है, जिससे ड्रैगन ने बिलबिलाना शुरू कर दिया है। लेकिन, सवाल ये उठता है, कि क्या कश्मीर पर ड्रैगन द्वारा जहर उगलने के बाद भारत भी ताइवान को लेकर साफ और सशक्त बयान जारी कर चीन को उसी की भाषा में जवाब देगा। क्या भारत खुलकर ताइवान के पक्ष में आवाज उठाएगा और चीन, जो बार बार ताइवान के हवाई क्षेत्र में दर्जनों विमान भेजकर उसपर प्रेशर बनाने की कोशिश करता है, क्या अब भारत उसके खिलाफ बोलकर चीन को उसकी औकात दिखाएगा? ये कुछ ऐसे सवाल हैं, जिनके जवाब का इंतजार रहेगा।

इमरान ने की भारत की शिकायत
पाकिस्तानी समाचार एजेंसी एपीपी की रिपोर्ट के मुताबिक, चीन पहुंचने के बाद इमरान खान ने अपने 'अब्बा' शी जिनपिंग से भारत की शिकायत की है। एपीपी की रिपोर्ट के अनुसार, इमरान खान ने शी जिनपिंग से कहा कि, भारत का "तेजी से सैन्यीकरण" क्षेत्रीय स्थिरता को कमजोर कर रहा है, और "भारत में अल्पसंख्यकों के उत्पीड़न" के बारे में इमरान खान ने शिकायत की। रिपोर्ट में कहा गया है, "पीएम इमरान ने रेखांकित किया कि, पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने चीन को पाकिस्तान की संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता, स्वतंत्रता और राष्ट्रीय विकास के लिए अटूट समर्थन के लिए धन्यवाद दिया।" इससे पहले इमरान खान ने चीन के प्रधानमंत्री ली केकियांग से भी भारत को लेकर शिकायत की थी, जब दोनों शनिवार को मिले थे।












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