कोरोना वायरस के बारे में बताने वाले डॉक्टर से चीनी सरकार ने क्यों मौत के बाद मांगी माफी
बीजिंग। चीन ने उस डॉक्टर की फैमिली को सॉरी कहा है जिन्हें जिनपिंग सरकार ने कोरोना वायरस की अफवाह फैलाने का दोषी बताते हुए धमकाया था। डॉक्टर खुद भी कोरोना वायरस की चपेट में आ गए थे और उन्होंने भी दम तोड़ दिया था। इतना ही नहीं चीन की सरकार ने उनकी मौत के सिलसिले में हुई जांच के बाद उन्हें आधिकारिक तौर पर दोषमुक्त कर दिया है। चीन के वुहान से दिसंबर 2019 में कोरोना वायरस निकला था और इसने अब तक पूरी दुनिया में 11,000 से ज्यादा लोगों की जान ले ली है।

वृद्धों पर ज्यादा असर, मगर युवा भी रहें सचेत
डब्लूएचओ के चीफ टेडरॉस एडहानोम घेब्रेसिस ने शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में कई अहम बातें कहीं। उन्होंने कहा कि भले ही अभी तक इस महामारी की चपेट में आने वाले वृद्धों की संख्या सबसे ज्यादा हो और अभी तक युवाओं पर उतना असर नहीं पड़ा है, मगर इसके बाद भी यह नहीं भूलना चाहिए कि अस्पताल में भर्ती सबसे ज्यादा संख्या युवाओं की है। उन्होंने कहा कि पीढ़ियों के बीच समनव्यता के साथ ही इस बीमारी को मात दी जा सकती है। टेडरॉस के शब्दों में, 'आज मैं युवाओं को यह संदेश देना चाहता हूं: आप अजेय नहीं हैं। इस वायरस की वजह से आप कई हफ्तों तक आपको अस्पताल में रहने को मजबूर होना पड़ सकता हैं और यहां तक कि आपकी मौत भी हो सकती
है।'

पुलिस ने जबरन साइन कराया था डॉक्यूमेंट
ऑफिसर्स ने बताया था कि आठ लोगों को भी वायरस से जुड़ी अफवाह फैलाने का दोषी मानते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की गई थी। लेकिन अभी तक यह साफ नहीं हो सका है कि ली इनमें से एक थे या नहीं। जिनपिंग सरकार की अब उनके देश में ही आलोचना हो रही है। लोगों का मानना है कि ली को जो धमकी दी गई थी सिर्फ उसके लिए ही माफी मांगी गई है। 34 साल के ली को बुखार हो गया था और उन्होंने ऑनलाइन बुखार के बारे में लिखा था।

फरवरी में कोरोना की वजह से हुई ली की मौत
जनवरी माह के अंत में ली को कोविड-19 होने का पता लगा था। फरवरी माह की शुरुआत में वायरस की वजह से उनकी मौत हो गई थी। उनकी मौत से चीन में सरकार के खिलाफ काफी गुस्सा है खासतौर पर इंटरनेट यूजर्स के बीच। अब चीनी सेंसर्स की मदद से उन सभी रिपोर्ट्स को डिलीट किया जा रहा है जिसमें सरकार को दोष दिया जा रहा है। चीन में जिनपिंग की कम्युनिस्ट पार्टी को जनता के भारी गुस्से का सामना करना पड़ रहा है। लोग सरकार से मांग कर रहे हैं जांचकर्ताओं को वुहान भेजा जाए और ली की मौत की विस्तृत जांच कराई जाए।

सरकार को सौंपी गई जांच रिपोर्ट
जांचकर्ताओं ने इस हफ्ते अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपी है और इसमें बताया गया है कि ली ने किसी भी तरह से सामाजिक व्यवस्था को भंग नहीं किया था। रिपोर्ट में ली को एक ऐसा मेडिकल प्रोफेशनल बताया गया है जिसने बहादुरी के साथ स्थिति का सामना किया और अपनी जिंदगी गंवा दी। हालांकि रिपोर्ट में इस बात का जिक्र भी है कि ली ने जानकारियों को साझा करने से पहले उनकी पुष्टि नहीं की थी।












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