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लद्दाख तनाव के बीच विकसित देशों में चीन की छवि हुई बर्बाद, 14 देशों के सर्वे का नतीजा जानिए

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नई दिल्ली- पिछले साल दिसंबर से चीन ने जो दुनिया में तरह-तरह के कारनामे किए हैं, उससे ड्रैगन की छवि बहुत ही खराब हो चुकी है। हालांकि, ऐसी धारणा तो कोरोना वायरस और पड़ोसी मुल्कों के साथ तनाव बढ़ाने की उसकी कोशिशों के चलते पहले से ही शुरू हो गई थी, लेकिन अब एक जाने-माने इंटरनेशनल सर्वे ने इसपर मुहर लगा दी है। प्यू रिसर्च सेंटर ने चीन और शी जिनपिंग को लेकर मंगलवार को एक ताजा सर्वे जारी किया है, जिसके मुताबिक दुनिया के विकसित देशों में चीन के खिलाफ नकारात्मक धारणा में बहुत ही ज्यादा इजाफा हुआ है।

China’s image in advanced countries of the world deteriorated and dispute with neighbors is a big reason

चीन की छवि तबाह हुई
प्यू रिसर्च सेंटर के सर्वे के नतीजे पर गौर करें तो खासकर ऑस्ट्रेलिया और ब्रिटेन जैसे देशों में चीन की छवि पूरी तरह से बर्बाद हो चुकी है। यह सर्वे ऐसे वक्त में किया गया है, जब चीन भारत समेत अपने दूसरे पड़ोसी मुल्कों से कई तरह के कूटनीतिक विवादों को बढ़ाने में लगा हुआ है। वह बहुत ही ज्यादा आक्रामक रवैया अपना रहा है और कई देशों के साथ वह व्यापार को लेकर भी पंगे ले रहा है। जिन 14 देशों में यह सर्वे किया गया है, वहां के ज्यादातर लोग चीन के खिलाफ नजरिया रखते हैं। यह सर्वे 10 जून से लेकर 3 अगस्त के बीच टेलीफोन के जरिए 14 देशों के 14,276 लोगों से हुए सवालों पर आधारित है।

14 विकसित देशों में हुआ सर्वे
दुनिया के जिन 14 विकसित देशों में यह सर्वे हुआ है, वे हैं- अमेरिका, कनाडा, बेल्जियम, डेनमार्क, फ्रांस, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड, स्पेन, स्वीडन, यूके, ऑस्ट्रेलिया, जापान और दक्षिण कोरिया। प्यू रिसर्च सेंटर के इस सर्वे में दक्षिण कोरिया में 3.1 फीसदी और बेल्जियम में 4.2 फीसदी गलती रहने की भी संभावना जताई गई है।

ऑस्ट्रेलिया में सबसे ज्यादा चीन के खिलाफ नजरिया
ऑस्ट्रेलिया में तो 81 फीसदी लोगों का नजरिया चीन के प्रतिकूल है। यह आंकड़ा पिछले साल की तुलना में 24 फीसदी ज्यादा है। जिन देशों में चीन के खिलाफ नकारात्मक नजरिया बढ़ा है, उनमें ब्रिटेन 74 फीसदी (पिछले साल से 19 फीसदी ज्यादा), जर्मनी 71 फीसदी (पिछले साल साल से 15 फीसदी ज्यादा) और अमेरिका 73 फीसदी (पिछले साल से 13 प्रतिशत ज्यादा)। सबसे बड़ी बात है कि 14 में से 9 देशों में चीन के खिलाफ नकारात्मकता 12 साल या उससे भी ज्यादा स्तर पर पहुंच गया है, जब से इस तरह का सर्वे शुरू हुआ है।

जिनपिंग की छवि हुई और खराब, लेकिन ट्रंप उनसे भी आगे
यह सर्वे चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के लिए भी बहुत बड़ा तमाचा है। सर्वे में शामिल देशों के औसतन 78 फीसदी नागरिकों को उनमें भरोसा नहीं है और उन्हें लगता है कि वो जो कुछ भी कर रहे हैं, वह दुनिया के लिए सही नहीं है। हालांकि, इस मामले में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की छवि थोड़ी ज्यादा ही खराब हो चुकी है और औसतन 83 फीसदी लोगों ने कहा है कि वो उनपर विश्वास नहीं करते।

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English summary
China’s image in advanced countries of the world deteriorated and dispute with neighbors is a big reason
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