अर्थव्यवस्था को मारा लकवा तो अकल आई! अमेरिका संग दोस्ती को तैयार हुए शी जिनपिंग, कह दी ये बड़ी बात
मंगलवार को न्यूयॉर्क में आयोजित अमेरिका-चीन संबंधों पर राष्ट्रीय समिति के भव्य रात्रिभोज में भेजे गए अपने संदेश में, शी ने कहा कि बीजिंग "पारस्परिक प्रगति के लिए अमेरिका के साथ काम करने के लिए तैयार है।"
अमेरिका संग संबंधों को लेकर चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने बड़ा बयान दिया है। जिनपिंग ने विश्व शांति और विकास पर अमेरिका-चीन संबंधों के प्रभाव का हवाला देते हुए कहा कि बीजिंग वाशिंगटन के साथ काम करने, मतभेदों को दूर करने और एक-दूसरे की प्रगति में योगदान देने के लिए तैयार है।

चीन की सरकारी मीडिया एजेंसी शिन्हुआ ने बुधवार को कहा कि दोनों देश प्रगति और आम समृद्धि पर जोर दे रहे हैं। शी ने कहा कि चीन "परस्पर सम्मान, शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व और विन-विन कॉर्पोरेशन" के तीन सिद्धांतों के आधार पर अमेरिका के साथ काम करने को इच्छुक है।
जिनपिंग ने कहा कि दुनिया के दो प्रमुख देशों के रूप में चीन और अमेरिका बातचीत का सही रास्ता खोज सकते हैं। यह विश्व शांति, विकास और मानव जाति के भविष्य पर निर्भर करता है।
मंगलवार को न्यूयॉर्क में आयोजित अमेरिका-चीन संबंधों पर राष्ट्रीय समिति के भव्य रात्रिभोज में भेजे गए अपने संदेश में, शी ने कहा कि बीजिंग "पारस्परिक प्रगति के लिए अमेरिका के साथ काम करने के लिए तैयार है।" शी जिनपिंग का ये बयान एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग (एपीईसी) शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए अगले महीने उनकी संभावित अमेरिका यात्रा से पहले आया है।
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने बुधवार को राजधानी बीजिंग में अमेरिकी राज्य कैलिफोर्निया के गवर्नर गेविन न्यूसोम से मुलाकात की। इससे पहले, विदेश मंत्री वांग यी ने कैलिफोर्निया के गवर्नर की मेजबानी की, जो एक सप्ताह की चीन यात्रा पर हैं।
गौरतलब है कि प्रौद्योगिकी, जासूसी, आर्थिक प्रतिस्पर्धा और सैन्य ताकत समेत कई मुद्दों पर अमेरिका और चीन के बीच तनाव बढ़ा हुआ है। दक्षिण चीन सागर और ताइवान जलडमरूमध्य में कई करीबी सैन्य मुठभेड़, इसी साल फरवरी में एक जासूसी गुब्बारा प्रकरण और वर्तमान आरोप कि चीन पर क्यूबा में एक जासूसी अड्डा संचालित करने के आरोपों ने दोनों देशों के बीच संबंधों को रसालत में ले जाने का काम किया है।
इससे पहले अगस्त में राष्ट्रपति जो बाइडन ने कई चीन विरोधी बयान दिए थे। राष्ट्रपति बाइडन ने आर्थिक चिंताओं का हवाला देते हुए शी के चीन को 'टिक-टिक करता टाइम बम' बताया था। इतना ही नहीं उससे पहले, जून में बाइडन ने शी को 'तानाशाह' तक कह दिया था। जिसके बाद इन बयानों को लेकर चीन ने सख्त प्रतिक्रिया दी थी।
इस बीच चीन के विदेश मंत्री वांग यी 26-28 अक्तूबर तक अमेरिका के दौरे पर जा रहे हैं। वांग यी अमेरिका में विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन से मुलाकात करेंगे। अमेरिका की बाइडन सरकार चीन के साथ बातचीत जारी रखने की इच्छुक है और इसी के चलते वांग यी का अमेरिका दौरा हो रहा है।
वांग यी का अमेरिका दौरा ऐसे वक्त में हो रहा है, जब अमेरिकी सांसद दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच तनाव को कम करने की मांग कर रहे हैं। गौरतलब है कि अगले महीने सैन फ्रांसिस्को में एक अहम क्षेत्रीय सम्मेलन होना है, जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति के साथ ही चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग भी शामिल हो सकते हैं।












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