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खराब मौसम की मार से पूर्वी लद्दाख में चीनी सैनिकों में भगदड़, 90 प्रतिशत सैनिकों को चीन ने बदला

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बीजिंग, जून 06: पूर्वी लद्दाख में चीनी सीमा की तरफ चीनी सैनिकों की स्थिति खराब मौसम ने काफी ज्यादा खराब कर दी है। स्थिति ये हो गई है कि चीनी सैनिक खराब मौसम की वजह से बुरी तरह कांप रहे हैं और उनके लिए भारतीय सीमा पर तैनात रहना मुश्किल हो गया है। जिसके बाद पीपुल्स लिब्रेशन आर्मी ने अपने 90 प्रतिशत से ज्यादा सैनिकों को बदल दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक पीएलए ने 90 फीसदी से ज्यादा सैनिकों को पूर्वी लद्दाख में भारत-चीन सीमा से हटा दिया है और उनकी जगह पर नये सैनिकों को भेजा है।

    Ladakh: LAC की सर्दी में नहीं टिक पाए Chinese Soldiers, China ने 90 % जवानों को बदला |वनइंडिया हिंदी
    खराब मौसम से बेहाल चीनी सैनिक

    खराब मौसम से बेहाल चीनी सैनिक

    पिछले साल भारत और चीन के सैनिकों के बीच हिंसक झड़प के बाद लगातार भारत-चीन सीमा पर तनाव बना हुआ है और तनाव को देखते हुए चीन ने अपने 50 हजार सैनिकों को भारतीय बॉर्डर के पास भेज रखा था। लेकिन भारतीय समाचार एजेंसी एएनआई ने सूत्रों के हवाले से खबर दी है कि खराब मौसम की वजह से चीन को पूर्वी लद्दाख से 90 फीसदी सैनिकों को बदलना पड़ा है। एएनआई ने आर्मी सूत्रों के हवाले से खबर दी है कि 'चीनी ने अपने नये सैनिकों को पूर्वी लद्दाख में भारत-चीन सीमा पर तैनात किया है। यहां पर जो सैनिक पिछले एक साल से तैनात थे, खराब मौसम की वजह से उनकी स्थिति काफी खराब हो चुकी है और करीब 90 फीसदी सैनिकों को चीन ने रोटेशन के आधार पर बदल दिया है।'

    बिना लड़े ही हारा चीन!

    बिना लड़े ही हारा चीन!

    पूर्वी लद्दाख में भारतीय सैनिक सालों से डटे हुए हैं और वो खराब मौसम में भी रहने के अभ्यस्त हो चुके हैं जबकि चीनी सैनिकों के साथ ऐसा नहीं है। चीन के पास भले ही 15 लाख सैनिक हों लेकिन उनके सैनिकों को खराब मौसम में सरहद पर कमान संभाले रखना नहीं आता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि खराब मौसम की वजह से चीनी सैनिक काफी गंभीर तौर पर बीमार हो गये हैं वहीं, पहाड़ों पर तैनात रहना आसान नहीं होता है, ऐसे में चीनी सैनिकों के लिए एक एक पल पूर्वी लद्दाख में निकालना मुश्किल हो रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक पिछले साल पैंगोग सो लेक के जिस एरिया में झड़प हुई थी, वहां भी चीनी सैनिकों के लिए रहना मुश्किल साबित हो रहा है और हर दिन पीएलए को अपने सैनिकों को बदलना पड़ रहा है। बेहद खराब मौसम की वजह से चीनी सैनिकों के लिए मुवमेंट करना मुश्किल हो गया है।

    डटे हुए हैं भारतीय सैनिक

    डटे हुए हैं भारतीय सैनिक

    अगर चीनी सैनिकों की भारतीय सैनिकों से तुलना की जाए, तो एक तरफ जहां चीनी सैनिकों में भगदड़ मची हुई है, वहीं भारतीय सैनिक बिना किसी दिक्कत के भारतीय सीमा की रक्षा कर रहे हैं। दरअसल, इसके पीछे सबसे बड़ी वजह ये है कि भारतीय सैनिकों के पास जहां काफी ज्यादा एक्सप्रिएंस है, वहीं चीनी सैनिकों के पास पहाड़ों पर रहने का कोई अनुभव नहीं है। भारतीय सैनिक पहाड़ों पर रहने के लिए भी मानसिक तौर पर खुद को काफी ज्यादा मजबूत कर लेते हैं और किसी भी परिस्थिति से घबराते नहीं है, लेकिन चीनी सैनिकों के लिए ऐसा नहीं है। वो खराब मौसम की मार बर्दाश्त नहीं कर पा रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक हाई एल्टीट्यूड एरिया में भी भारतीय सैनिक पिछले दो सालों से मौजूद हैं और हर साल करीब 40 प्रतिशत सैनिकों को रोटेट किया जाता है। वहीं, आईटीबीपी जवान पहाड़ों में लगातार 2-2 साल से ज्यादा वक्त तक देश की सरहद की हिफाजत में लगे रहते हैं।

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    English summary
    Due to extremely bad weather in eastern Ladakh, China had to replace 90 percent of its troops.
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