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बेकाबू हुआ चीन का 21 हजार किलो का रॉकेट, अंतरिक्ष से कहीं भी धरती पर गिरने की आशंका, मच सकती है तबाही

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बीजिंग, मई 04: चीन का 21 टन वजन का रॉकेट लॉंग मार्च 5बी रॉकेट अंतरिक्ष में ऑउट ऑफ कंट्रोल हो गया है और बेकाबू होकर धरती की तरफ काफी तेजी से आ रहा है। इस रॉकेट का वजन 21 हजार किलो है और आशंका है कि ये धरती पर कहीं भी गिर सकता है। वहीं, वैज्ञानिकों ने आशंका जताई है कि धरती के जिस भी हिस्से में ये रॉकेट गिरेगा, वहां ये भारी तबाही मचा सकता है। इस रॉकेट की रफ्तार 4 मील प्रति सेकेंड्स की है। अंतरिक्ष का बादशाह बनने की सनक में चीन पागलों जैसा बर्ताव कर रहा है और अब ये दुनिया की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बनता जा रहा है। कोरोना वायरस की सौगात पहले ही चीन दुनिया को दे चुका है, जिसने ना सिर्फ लाखों लोगों की जान ले ली बल्कि दुनिया की अर्थव्यवस्था को बर्बाद करके रख दिया है और अब चीन का रॉकेट दुनिया के लिए नई मुसीबत बन चुका है।

बेकाबू हुआ चीन का रॉकेट

बेकाबू हुआ चीन का रॉकेट

चीन के इस रॉकेट का नाम लॉंग मार्च 5बी रॉकेट है और इसका वजन 21 टन यानि 21 हजार किलो है। इसे पिछले हफ्ते यानि 29 अप्रैल को ही लॉन्च किया गया था लेकिन अंतरिक्ष में जाने के बाद ये ऑउट ऑफ कंट्रोल हो गया है। जिसके चलते अब इस रॉकेट पर नियंत्रण बनाना काफी मुश्किल हो रहा है और वैज्ञानिकों ने आशंका जताई है कि ये रॉकेट कहीं पर भी गिर सकता है। आशंका इस बात को लेकर सबसे ज्यादा है कि अगर ये रॉकेट आबादी वाले हिस्से में गिरता है तो फिर क्या होगा? वैज्ञानिकों ने आशंका जताई है कि अगर 21 हजार किलो का ये रॉकेट किसी शहर के ऊपर गिरता है तो ये भारी तबाही मचा सकता है और सैकड़ों लोगों की जान ले सकता है। सबसे दिक्कत की बात ये है कि ये रॉकेट दुनिया के किस हिस्से में गिरेगा, इसकी सटीक जानकारी नहीं लग पा रही है।

अमेरिका पर बड़ा खतरा

अमेरिका पर बड़ा खतरा

विशेषज्ञ अनुमान लगा रहे हैं कि इस रॉकेट का मलबा ज्यादा उम्मीद अमेरिका में गिर सकता है। वैज्ञानिकों के मुताबिक इस रॉकेट का मलबा न्यूयॉर्क या मैड्रिड शहर में गिर सकता है लेकिन वैज्ञानिक पूरी तरह से अपनी बात पर सहमत नहीं हो पा रहे हैं। वैज्ञानिकों को आशंका है कि रॉकेट का मलबा चीन के पेइचिंग शहर पर भी गिर सकता है। गार्डियन की रिपोर्ट के मुताबिक जोनाथन मैकडोवेल, जो मशहूर खगोलविद हैं और हॉवर्ड यूनिवर्सिटी में एयरोफिजिक्स के विशेषज्ञ हैं, उन्होंने कहा है कि 'ये काफी खतरनाक है और दुनिया के लिए अच्छा नहीं है।' उन्होंने कहा कि 'इस सैटेलाइट का रास्ता इस वक्त न्यूयॉर्क, मैड्रिड या फिर पेइचिंग की तरफ बनता दिख रहा है, जो इसे पेइचिंग से उत्तर की तरफ और दक्षिण में न्यूजीलैंड और चीली की तरफ ले जा रहा है। इस लोकेशन में ये रॉकेट कहीं पर भी धरती से टकरा सकता है'। उन्होंने कहा कि संभव है ये रॉकेट समुन्द्र में गिर जाए लेकिन इस रॉकेट के आबादी वाले इलाके में गिरने से बिल्कुल भी इनकार नहीं किया जा सकता है।

पिछली बार बिल्डिंगों पर गिरा था रॉकेट

पिछली बार बिल्डिंगों पर गिरा था रॉकेट

जोनाथन मैकडोवेल ने कहा है कि राहत की बात बस ये है कि अंतरिक्ष से धरती के नजदीक आने के बाद इस रॉकेट का बड़ा हिस्सा जलकर खाक हो जाएगा मगर फिर भी इतना मलबा बचेगा जो तबाही लाने के लिए काफी होगा। सैटेलाइट ट्रैकर के मुताबिक इस रॉकेट की लंबाई अभी करीब 100 फीट की है और ये 4 मील प्रति सेकेंड्स की रफ्तार से धरती की तरफ बढ़ रहा है। जोनाथन मैकडोवेल के मुताबिक चीन का रॉकेट इससे पहले भी बेलगाम होकर उपद्रव मचा चुका है। इससे पहले लॉंग मार्च 5बी नाम का ही रॉकेट बेकाबू होकर अंतरिक्ष से गिरा था, जिसका गोला काफी देर तक आइवेरी कोस्ट में आसमान पर दिखाई देता रहा और धरती पर रॉकेट का मलबा कई मकानों के ऊपर गिरा था जो पूरी तरह से तहस नहस हो गया था। हालांकि, पिछली बार पहले से ही लोग हटा लिए गये थे, इसीलिए किसी आदमी को चोट नहीं आई थी।

क्यों बेकाबू हुआ चीनी रॉकेट?

वैज्ञानिक जोनाथन मैकडोवेल के मुताबिक चीन का लॉंग मार्च 5 बी रॉकेट लॉन्च होने के बाद समुन्द्र में निर्धारित जगह पर गिरने के बजाए धरती के चक्कर काटने लगा और अब ये अगले कुछ दिनों में धरती पर गिरने वाला है। वहीं, स्पेस न्यूज के मुताबिक अब इस रॉकेट को कंट्रोल में नहीं किया जा सकता है और इसके गिरने की जगह का अनुमान लगाना करीब करीब नामुमकिन है। हालांकि, जोनाथन मैकडोवेल का मानना है कि चूंकी धरती पर 71 फीसदी हिस्से में पानी है, लिहाजा ज्यादा उम्मीद इस बात की होनी चाहिए कि ये बेकाबू रॉकेट पानी में गिरेगा। हालांकि, उन्होंने ये भी कहा कि इस रॉकेट का कई मलबा अलग हो सकता है जो एक छोटे प्लेन क्रैश की तरफ करीब 100 मील प्रति घंटे की रफ्तार से धरती पर गिर सकता है।

चीन की लापरवाही

चीन की लापरवाही

वैज्ञानिक जोनाथन मैकडोवेल के मुताबिक इसके पीछे पूरी तरह से चीन की लापरवाही है। जिस रॉकेट का वजन 10 टन से ज्यादा होता है, उसे हम बेकाबू होकर अंतरिक्ष से गिरने के लिए नहीं छोड़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि गिरने की संभावना कई जगहों को लेकर जरूर है लेकिन इसकी रफ्तार में आया जरा सा भी परिवर्तन इसकी दिशा को मोड़ सकता है। उन्होंने कहा कि ये 8 से 12 मई के बीच धरती पर गिर सकता है। हालांकि, उन्होंने ये भी कहा कि अगर इस रॉकेट के गिरने का दिन पता चल जाए तो इसके गिरने से करीब 6 घंटे पहले पता लगाया जा सकता है कि ये बेकाबू रॉकेट कहां गिरने वाला है।

चीन के स्पेश मिशन का हिस्सा

चीन के स्पेश मिशन का हिस्सा

आपको बता दें कि चीन ने अमेरिका को टक्कर देने के लिए 29 अप्रैल को स्पेस स्टेशन के पहले कोर कैप्सूल मॉड्यूल को लॉंच किया था चीन अंतरिक्ष में अपना अलग स्पेस स्टेशन बना रहा है जो 2022 के खत्म होने तक बनकर तैयार हो जाएगा। इसके लिए चीन ने 11 प्लान्ड मिशन तैयार किए हैं। इस वक्त स्पेस में सिर्फ नासा द्वारा तैयार किया गया ही एक मात्र स्पेश स्टेशन है। वहीं चीन ने अपने स्पेश स्टेशन का नाम टियोंगॉन्ग नाम रखा है और इसका डिजाइन T आकार का किया जा रहा है। चीन इस अंतरिक्ष स्टेशन को पृथ्वी की निचली कक्षा से करीब 340 किलोमीटर से 350 किलोमीटर के बीच स्थापित कर रहा है और उसी मिशन में लगा हुआ एक रॉकेट बेकाबू होकर धरती पर गिरने वाला है।

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English summary
China's Long March 5B rocket has gone uncontrolled in space and this 21 thousand kg rocket can fall anywhere on Earth.
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