प्रयोगशाला में कई और वायरस बना रहा है चीन, कोरोना वायरस भी चीन ने बनाया- खुलासा

अमेरिकन खुफिया एजेंसी ने सबूतों के साथ कहा है कि चीन 2015 से ही सार्स सीओवी कोरोना वायरस को तैयार कर रहा था और कोरोना वायरस को एक मिलिट्री विकल्प के तौर पर देख रहा था ताकि दुनिया के बाकी देशों में तबाही मचाई जा सके।

वॉशिंगटन, मई 09: चीन के वैज्ञानिक वर्ल्ड वार-3 की तैयारी करने के लिए जैविक हथियार बना बना रहे हैं। खुलासा हुआ है कि पिछले 6 सालों से चीन के वैज्ञानिक जेनेटिक और बायोलॉजिकल हथियार तैयार कर रहे हैं। चीन के वैज्ञानिकों ने ही कोरोना वायरस भी तैयार किया है। इसका खुलासा अमेरिका की खुफिया एजेंसियों ने किया है और कहा है कि चीन पिछले 6 सालों से वर्ल्ड वार-3 की तैयारी कर रहा है।

अमेरिका ने किया खुलासा

अमेरिका ने किया खुलासा

अमेरिकन खुफिया एजेंसी की खुफिया रिपोर्ट का खुलासा हुआ है, जिसमें कहा गया है कि चीन वर्ल्ड वार-3 में जीत हासिल करने के लिए जैविक हथियार का सहारा लेगा और कोरोना वायरस भी चीनी प्रयोगशाला में ही तैयार किया गया है। रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि चीन किसी उचित समय की तलाश कर रहा है जिसमें वो दुनिया के ऊपर जैविक हथियार छोड़ सके। रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन का मकसद दुश्मनों के मेडिकल फैसिलिटी को तहस-नहस कर देना है, ताकि दुश्मनों को खत्म किया जा सके।

सबूतों के साथ खुलासा

सबूतों के साथ खुलासा

अमेरिकन खुफिया एजेंसी ने सबूतों के साथ कहा है कि चीन 2015 से ही सार्स सीओवी कोरोना वायरस को तैयार कर रहा था और कोरोना वायरस को एक मिलिट्री विकल्प के तौर पर देख रहा था ताकि दुनिया के बाकी देशों में तबाही मचाई जा सके। वहीं, दुनिया के कई वैज्ञानिक अभी भी मान रहे हैं कि कोरोना वायरस चीनी प्रयोगशाला से किसी हादसे में बाहर आ गया और पूरी दुनिया में फैल गया। लेकिन, चूंकी चीन को इस वायरस के बारे में पहले से ही पता था, इसीलिए चीन इस वायरस पर अपने देश में रोकने में कामयाब रहा है।

चीन के डोजियर से खुलासा

चीन के डोजियर से खुलासा

द ऑस्ट्रेलियन की रिपोर्ट के मुताबिक चीन की पिपल्स रिपब्लिक ऑफ चायना के वैज्ञानिक कोरोना वायरस के एक जैविक हथियार की तरह देख रहे थे और इसके बारे में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और उनके काफी करीबी लोगों को पता था। रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि चीन इस कोरोना वायरस को 2015 से ही मिलिट्री विकल्प के तौर पर देख रहा था। द ऑस्ट्रेलियन की रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन अगला विश्वयुद्ध जैविक हथियारों से लड़ना चाहता है, जबकि इससे पहले दोनों विश्वयुद्ध बम बारूद से लड़े गये थे। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान अमेरिका ने जापान के ऊपर एटम बम गिराया था और उसकी वजह से जापान ने सरेंडर किया था लेकिन तीसरा विश्व युद्ध जैविक हथियारों से लड़ा जाएगा।

चीन बना रहा है कई और वायरस

चीन बना रहा है कई और वायरस

रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन के वुहान लैब से ही सबसे पहले कोरोना वायरस बाहर आया था। इसके साथ ही चिंता जताई गई है कि चीन अपने प्रयोगशालाओं में कई और वायरस तैयार कर रहा है, जो काफी खतरनाक हैं और कोरोना वायरस से कई गुना तेजी से फैलने में सक्षम में हैं। चीन जो नये वायरस बना रहा है, वो कोरोना वायरस की तुलना में कई गुना ज्यादा जानलेवा हैं। तुगंधत के मेंबर ऑफ पार्लियामेंट और फॉरेन अफेयर्स कमेटी के चेयरमैन ने कहा है कि 'इन डॉक्यूमेंट्स में जो खुलासा किया गया है वो बेहद चिंता की बात है और सबसे चिंता की बात है कि बड़े नेताओं को इसकी जानकारी है जबकि सबको पता है कि ऐसे वायरस कितने खतरनाक होते हैं।'

राजनीति को कंट्रोल करने की कोशिश

राजनीति को कंट्रोल करने की कोशिश

कैमिकल हथियारों के एक्सपर्ट हमीस दी ब्रेटन गोर्डन ने इन डॉक्यूमेंट्स में होने वाले खुलासे पर कहा कि 'चीन हर वो कोशिश कर रहा है जिससे दुनिया की राजनीति को प्रयोगशाला से कंट्रोल किया जा सके'। वहीं, ऑस्ट्रेलियन स्ट्रेटेजिक पॉलिसी डायरेक्टर पीटर जेनिंग्स ने भी इस रिपोर्ट पर चिंता जताई है, जिसमें कहा गया है कि चीन ने कोरोना वायरस तो बनाया ही है, इसके साथ ही चीन के प्रयोगशालाओं में कई और बेहद खतरनाक वायरस तैयार किए जा रहे हैं।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+