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पहली बार चीन की मीडिया ने कबूला, बहुत बड़ी मुश्किल में फंस गया है देश

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बीजिंग, जून 18: युवा आबादी को बढ़ाने के लिए चीन तेजी से पैर मार रहा है, लेकिन लाख कोशिशों के बाद भी चीन को इसमें कामयाबी नहीं मिल रही है और अब चीन से जो रिपोर्ट आई है, उसने यकीनन चीन की नींद और चैन छीन ली होगी। चीन की मीडिया ने पहली बार माना है कि चीन बेहद मुश्किल हालातों में फंसता जा रहा है और अगर बहुत जल्द इससे बाहर नहीं निकला, तो देश भयंकर स्थिति में फंस जाएगा। चीन एक वरिष्ठ प्रजनन विशेषज्ञ ने दावा किया है कि चीन की एक बड़ी आबादी बांझपन का शिकार बनती रही है और चीन के युवा नपुंसक होते जा रहे हैं, जिससे चीन की आबादी बढ़ाने वाले तमाम उपायों को तगड़ा झटका लग रहा है।

बांझपन की तरफ बढ़ता चीन

बांझपन की तरफ बढ़ता चीन

चीन के सरकारी अखबार साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट में चीन के प्रमुख प्रजनन विशेषज्ञ ने दावा किया है कि चीन में बांझपन बढ़ने का जो अनुपात है, वो कहीं ज्यादा है, जिसका अनुमान लगाया गया था। साउथ चायना मॉर्निंग पोस्ट ने प्रजनन चिकित्सक और जीवविज्ञानी, क्यूओ जी के नेतृत्व में किए गये एक राष्ट्रीय प्रजनन स्वास्थ्य सर्वेक्षण का हवाला देते हुए लिखा है कि चीन ने अपनी बांझपन दर 2007 में 12 प्रतिशत थी जो 2020 में बढ़कर 18 प्रतिशत हो गई है और ये प्रतिशत काफी तेजी से बढ़ रहा है। जिसका मतलब ये है कि चीन में प्रत्येक 5.6 जोड़ों में से एक को बच्चा पैदा करने में कठिनाईयों का सामना करना पड़ता है। इससे पहले अनुमान लगाया गया था कि चीन में 2025 चत बांझपन का दर 18 प्रतिशत तक पहुंचेगा, लेकिन 5 साल पहले ही बांझपन का प्रतिशत 18 पहुंच चुका है। जो चीन के लिए काफी ज्यादा चिंता की बात है।

आबादी नहीं बढ़ा पा रहा है चीन

आबादी नहीं बढ़ा पा रहा है चीन

चीन पिछले 20 सालों से देश की आबादी को बढ़ाना चाहता है और इसके लिए चीन में कई अभियान भी चलाए जा रहे हैं, लेकिन चीन की कम्यूनिस्ट पार्टी को कामयाबी नहीं मिल पा रही है। चीन में जनसंख्या कानून नियंत्रण भी हटा लिया गया है और अब चीन में 3 बच्चे तक पैदा करने की आजादी दी गई है, लेकिन अगर जोड़े बच्चा ही पैदा ना कर पाएं तो फिर क्या होगा? विश्व में सबसे ज्यादा आबादी वाला देश में दो पीढ़ियों के बीच में उम्र का अंतर काफी तेजी से बढ़ रहा है और इससे निकलने के लिए चीन लगातार हाथ-पांव मार रहा है। चीन की एक बड़ी आबादी काफी तेजी से बुढ़ापे की तरफ बढ़ रही है तो नई बच्चों का जन्म काफी कम हो रहा है। चीन की जनगणना रिपोर्ट के मुताबिक चीन की वर्तमान जनसंख्या एक अरब 42 करोड़ के करीब है लेकिन चीन में पिछले 4 सालों से लगातार एक करोड़ के करीब नये बच्चों का जन्म हो रहा है, जो चीन के लिए बेहद खतरनाक स्थिति है।

जनसंख्या नहीं बढ़ने से क्या होगा?

जनसंख्या नहीं बढ़ने से क्या होगा?

चीन की एक बड़ी आबादी काफी तेजी से बुढ़ापे की तरफ बढ़ रही है जिसकी वजह से उसकी सेना में अब नये जवानों की भर्ती काफी कम हो पा रही है। साउथ चायना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट में चीन के विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि चीन अपनी कम जन्म दर को सही नहीं करता है, तो उसकी हालत जापान जैसा हो सकता है, जिसकी आर्थिक वृद्धि घटती जनसंख्या के साथ घट गई थी। बीजिंग थिंत टैंक के हुआंग वेनझांग ने कहा कि "बढ़ती बांझपन दर का पूरी जनसंख्या पर एक खास प्रभाव ही हो सकता है, लेकिन यह भी काफी चिंताजनक है क्योंकि ज्यादातर महिलाएं जो दूसरा या तीसरा बच्चा पैदा करने की इच्छुक हैं, उनकी उम्र आमतौर पर 30 साल से ऊपर है"

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English summary
China's population growth program has suffered a major setback. Chinese media has said that a large population of the country is increasingly becoming a victim of infertility.
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