4 मार्च को चांद की सतह से टकराएगा रॉकेट, चीन बोला-मेरा नहीं है
नई दिल्ली, 21 फरवरी: पृथ्वी से भेजे गये एक रॉकेट 4 मार्च को चंद्रमा पर टकराने वाला है। अभी तक ये कहा जा रहा था कि, यह उद्यमी एलॉन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स द्वारा प्रक्षेपित रॉकेट फाल्कन 9 है, लेकिन अब खगोलविदों ने नया खुलासा किया है कि यह चीनी अंतरिक्ष एजेंसी द्वारा भेजे गए मिशन चांग 5 टी1 के रॉकेट है। लेकिन अब चीन ने खगोलविदों के दावों को खारिज कर दिया है। चीन के मना करने के बाद एक बार फिर से इस टुकड़े को लेकर रहस्य गहरा गया है।

खगोलविदों ने शुरू में सोचा था कि स्पेस में तैर रहा कबाड़ एक स्पेसएक्स रॉकेट का एक हिस्सा है। पृथ्वी के पास से गुजरने वाले पिंडों पर निगरानी रखने वाले प्रोजोक्ट प्लूटो कंपनी के सॉफ्टवेयर का प्रबंधन करने वाले खगोलविद बिल ग्रे ने कहा था कि यह वस्तु कुछ और नहीं बल्कि 2015 में उपयोग में लाया गया स्पेस एक्स कंपनी का फॉल्कन-9 रॉकेट था। 11 फरवरी 2015 को इस रॉकेट से डीप स्पेस क्लाइमेट ऑब्जर्वेटरी नामक उपग्रह अंतरिक्ष में भेजा गया था।
लेकिन अब बिल ग्रे ने ही अपने दावे में बदलाव किया है और अब उनका दावा है कि यह वास्तव में चीनी अभियान चांग ई-5 का हिस्सा है। लेकिन चीन के विदेश मंत्रालय ने सोमवार को बिल ग्रे के दावे को खारिज कर दिया। चीन का कहना है कि, चांग ई-5 का बूस्टर पृथ्वी के वायुमंडल में सुरक्षित रूप से प्रवेश कर गया था और पूरी तरह से भस्म हो गया था। प्रवक्ता वांग वेनबिन ने एक नियमित प्रेस वार्ता में कहा कि, बीजिंग ईमानदारी से बाहरी अंतरिक्ष में गतिविधियों की दीर्घकालिक स्थिरता को बनाए रखता है।
4 मार्च को चांद की सतह से टकराने वाली इस घटना को भारत का चंद्रयान-2 रिकॉर्ड कर सकता है। इस रॉकेट को अब 2014-065B कहा जाता है। एस्ट्रोनॉमर्स जोनाथन मैकडॉवेल ने ट्वीट किया कि अंतरिक्ष में दूर मौजूद वस्तुओं की सही तरीके से ट्रैकिंग न होने के कारण यह गलती हुई। उन्होंने बताया कि जब यह रॉकेट चंद्रमा की सतह से टकराएगा तो तेज रोशनी दिखाई दे सकती है।












Click it and Unblock the Notifications