चीन में कोरोना वायरस से फिर मरने लगे लोग, 6 महीने बाद पहली मौत, हजारों केस मिलने के बाद हड़कंप

चीन में पिछले डेढ़ साल से लगातार कोविड को रोकने के लिए सीमाओं को बंद रखा गया है और देश में एक के बाद एक सख्त लॉकडाउन लगाए जा रहे हैं।

Covid in China: चीन में कोरोना वायरस एक बार फिर से लोगों की जान लेने लगा है और करीब 6 महीने के बाद चीन में कोरोना वायरस से फिर एक मरीज की मौत हो गई है। चीन ने आधिकारिक तौर पर कोविड की वजह से मरीज की मौत की पुष्टि की है और पूरे देश में काफी सख्त पाबंदियों की घोषणा की है। चीन पहले से ही ज़ीरो कोविड पॉलिसी को लागू करता आया है और कोविड से 6 महीने के बाद हुई मौत के बाद राजधानी बीजिंग में अत्यधिक सख्त कोविड प्रतिबंधों को लागू कर दिया गया है। चीन में पिछले 24 घंटे में 24 हजार 215 मामले दर्ज किए गये हैं। (सभी तस्वीर- फाइल)

कोविड से चीन में मौत

कोविड से चीन में मौत

रिपोर्ट के मुताबिक, राजधानी बीजिंग में 87 साल के एक बुजुर्ग की कोविड की वजह से मौत हो गई है और उस मौत के साथ ही चीन में कोरोना से मरने वालों की आधिकारिक संख्या बढ़कर पांच हजार 227 हो गई है। इससे पहले पिछली मौत चीन की व्यापारिक राजधानी शंघाई में हुई थी, जहां इस साल गर्मियों के महीने में कोविड के मामलों में भारी उछाल आया था। चीन में कोरोना वायरस से उस वक्त मौत की रिपोर्ट दर्ज की गई है, जब सरकार का दावा है कि, देश में 92 प्रतिशत लोगों को कोरोना वायरस वैक्सीन की कम से कम एक खुराक जरूर दी जा चुकी है। हालांकि, बुजुर्गों में यह संख्या थोड़ी कम है, खासकर 80 साल से ज्यादा की उम्र की लोगों में। हालांकि, चीनी स्वास्थ्य विभाग ने आधिकारिक तौर पर इसका विवरण नहीं दिया है।

परेशान हो चुकी है चीनी जनता

परेशान हो चुकी है चीनी जनता

चीन में पिछले डेढ़ साल से लगातार कोविड को रोकने के लिए सीमाओं को बंद रखा गया है और देश में एक के बाद एक सख्त लॉकडाउन लगाए जा रहे हैं। शी जिनपिंग प्रशासन शून्य कोविड नीति के साथ चिपका हुआ है, जिसकी वजह से आम लोगों की जीवन पर काफी गंभीर प्रभाव पड़ा है। वहीं, लॉकडाउन, क्वारंटाइन और केस ट्रेसिंग और मास टेस्टिंग ने अब लोगों को भारी गुस्से में भरना शुरू कर दिया है। जिसकी वजह से देश के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन भी हुए हैं। वहीं, देश की अर्थव्यवस्था पर भी गंभीर प्रभाव पड़ा है और पिछले एक साल में चीन के कई सेक्टर कोविड की वजह से प्रभावित हुए हैं। वहीं, भारी विरोध के बाद जाकर अब झेंग्झौ शहर में कहा गया है, कि 3 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए अब कोविड निगेटिव सर्टिफिकेट दिखाने की जरूरत नहीं होगी। अब तक झेंग्झौ प्रांत में 3 साल से कम उम्र के बच्चों को भी क्वारंटाइन रखा जाता था और होटल में अकेले रखा जाता था। लेकिन, पिछले दिनों होटल में 4 महीने की एक बच्ची की मौत होने के बाद अब बच्चों के लिए ये नियम हटा दिया गया है।

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    भाषा बदलकर सरकार की आलोचना

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    चीन में बार बार लगाए जा रहे अत्यंत सख्त लॉकडाउन की वजह से अब चीन के लोग चिढ़े हुए हैं और चीन के लोगों ने अब अपने राष्ट्रपति को जमकर कोसना शुरू कर दिया है। हालांकि, चीन में राष्ट्रपति की निंदा करना संभव नहीं और इंटरनेट पर सख्ती है, लिहाजा अगर कोई राष्ट्रपति के खिलाफ अपनी भड़ास निकालेगा, तो वो सीधे जेल पहुंच जाएगा। लेकिन, भारी सेंसर वाले इंटरनेट को दरकिनार करने के लिए ग्वांगझू के रहने वाले लोगों ने एक नए तरीके का इजाद किया है और लोगों ने भाषा बदलकर शी जिनपिंग को कोसना शुरू कर दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, चीन के लोग कैंटोनीज भाषा में शी जिनपिंग के खिलाफ गुस्से का इजहार कर रहे हैं, जिसकी उत्पत्ति ग्वांगझू के आसपास के गुआंग्डोंग प्रांत में हुई थी और दक्षिणी चीन में लाखों लोग इस भाषा को बोलते हैं। इस भाषा ने सेंसर के नोटिस को दरकिनार कर चीनी निवासियों को अपनी सरकार के प्रति असंतोष व्यक्त करने का मौका दिया है। हालांकि, माना जा रहा है, कि बहुत जल्द इस भाषा को लेकर किए गये पोस्ट भी हटाने शुरू हो जाएंगे।

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