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चीन ने मांगा राष्ट्रपति जो बाइडेन से जवाब, अफगानिस्तान को बर्बाद कर क्यों भागा अमेरिका ?

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बीजिंग, जुलाई 11: चीन ने अफगानिस्तान में जारी सुरक्षा संकट के लिए अमेरिका को जिम्मेदार ठहराते हुए कई सवाल पूछे हैं और एक तरह से अफगानिस्तान की इस स्थिति के लिए अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया है। चीन ने कहा है कि वाशिंगटन ने अफगानिस्तान को युद्ध में झोंक दिया है और खुद अपने सैनिकों को बुला लिया है।

अमेरिका पर बरसा चीन

अमेरिका पर बरसा चीन

चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने अपने आर्टिकिल में अफगानिस्तान की स्थिति के लिए सीधे तौर पर अमेरिका को घेरा है और कहा है कि अफागन के लोगों पर युद्ध थोपकर अमेरिका भाग खड़ा हुआ है। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वेनबिन ने शनिवार को आरोप लगाया कि अमेरिका अपनी जिम्मेदारियों और कर्तव्यों से पीछा छुड़ाते हुए अफनागिस्तान से फरार हो रहा है, और अफगानिस्तान से सैनिकों की जल्दबाजी में वापसी करके अफगान लोगों और देश पर युद्ध थोप रहा है। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान की इस स्थिति के लिए अमेरिका पूरी तरह से जिम्मेदार है।

चर्चा करने को तैयार चीन

चर्चा करने को तैयार चीन

द न्यूज इंटरनेशनल की रिपोर्ट के मुताबिक चीनी विदेश मंत्री वांग यी अगले हफ्ते शंघाई सहयोग संगठन की बैठक में रूस, भारत, पाकिस्तान और कई मध्य एशियाई देशों के विदेश मंत्रियों के साथ अफगानिस्तान की सुरक्षा स्थिति पर चर्चा करने के लिए तैयार हैं। इससे पहले चीन भी अफगानिस्तान से अपने नागरिकों को निकाल चुका है। इनमें से 22 लोगों में बाद में कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई थी। आपको बता दें कि तालिबान तेजी से अफगानिस्तान के नए जिलों और क्षेत्रों पर कब्जा कर रहा है, और अफगान सरकारी बल भी वहां से भाग रहे हैं। इस बीच, अफगान सरकार के अधिकारियों ने तालिबान अधिकारियों के उन दावों को खारिज कर दिया है कि विद्रोही समूह ने अमेरिकी सैनिकों की वापसी के बीच अफगानिस्तान में 85 प्रतिशत क्षेत्र पर कब्जा कर लिया

तालिबान ने बताया दोस्त

तालिबान ने बताया दोस्त

एक तरफ चीन अमेरिका से सवाल पूछ रहा है तो दूसरी तरफ तालिबान ने चीन को अपना दोस्त बताया है। तालिबान ने कहा है कि, तालिबान चीन को अफगानिस्तान के लिए एक "मित्र" के रूप में देखता है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, तालिबान ने कहा है कि वो अफगानिस्तान के पुनर्निर्माण कार्य के लिए चीनी निवेश की उम्मीद करता है। तालिबान के प्रवक्ता सुहैल शाहीन ने साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट को बताया कि तालिबान करीब 85 प्रतिशत अफगान क्षेत्र को नियंत्रित कर रहा है और वो अफगानिस्तान में चीनी निवेशकों और श्रमिकों की सुरक्षा की गारंटी देता है। आपको बता दें कि अफगानिस्तान में चीन ने अरबों डॉलर का निवेश कर रखा है और अमेरिकी सैनिकों के हटने के बाद चीन के लिए भी काफी मुश्किल भरे हालात हो गये हैं और चीन ने भी अपने सैकड़ों कर्मचारियों को अफगानिस्तान से वापस बुला लिया है।

उइगर मुस्लिम को लेकर परेशान चीन

उइगर मुस्लिम को लेकर परेशान चीन

तालिबान की यह टिप्पणी उस समय आई है, जब चीन अफगानिस्तान को पूर्वी तुर्किस्तान इस्लामिक मूवमेंट यानि ईटीआईएम का केंद्र बनने के बारे में चिंतित है, जो एक अलगाववादी संगठन है और शिनजियांग में विद्रोह कर रहा है। चीन अफगानिस्तान में शांति प्रक्रिया को स्थिर किए बिना अपने सैनिकों को वापस बुलाने के अमेरिकी कदम की तीखी आलोचना करता रहा है। इस हफ्ते बीजिंग ने चार्टर्ड फ्लाइट से अफगानिस्तान से 210 चीनी नागरिकों को निकाला। चीन मान रहा है कि अफगानिस्तान की बिगड़ती स्थिति का असर शिनजिंयाग पर पड़ेगा, जहां उसने उइगर मुस्लिमों को कैंप में रखा है। वहीं, तालिबान ने चीन के सरकारी अखबार को इंटरव्यू में कहा है कि ''तालिबान चीन के खिलाफ जाकर उइगर मुस्लिमों को अफगानिस्तान में नहीं आने देगा''

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English summary
China has lashed out at America for the situation in Afghanistan and has blamed America for this situation.
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