दोस्ती की कसमें खाने वाला चीन नहीं लौटा रहा पाकिस्तानियों की पत्नियां
इस्लामाबाद। पाकिस्तान जिस चीन के साथ दोस्ती की कसमें खाता है। जिस चीन के नाम के दम पर वह भारत को आंख दिखाता है। जिस चीन को वह सबसे पक्का दोस्त बताते थकता नहीं है, उस चीन के साथ पाकिस्तान के रिश्तों का सच सामने आया है। खबर यह है कि पाकिस्तान में बहुत से ऐसे लोग हैं, जिनकी शादी चीन में हुई है, लेकिन वे अपनी पत्नी और बच्चों को वापस नहीं ला पा रहे हैं। ऐसा इसलिए हो रहा है, क्योंकि चीन इजाजत नहीं दे रहा है। चीन के इकलौते मुस्लिम बहुल प्रांत शिनजियांग की महिलाओं से बहुत से पाकिस्तानी नागरिकों की शादी हुई है। वे सभी परेशान हैं, वे इमरान खान की सरकार से उम्मीद लगाए बैठे हैं, लेकिन बेचारे इमरान खान चीन के सामने कुछ बोल भी नहीं पा रहे हैं।

चीन शिनजियांग के उइगर मुसलमानों पर सख्त रुख अपना रहा है। इन मुसलमानों पर काफी पाबंदियां लगाई गई हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान के एक व्यापारी मिर्जा इमरान बेग इन दिनों बीजिंग दूतावास के चक्कर काट रहे हैं। समाचार एजेंसी रॉयटर्स से बातचीत में उन्होंने बताया कि उनकी पत्नी और बच्चे चीन के शिनजियांग में फंस गए हैं। 40 साल के मिर्जा इमरान बेग का कहना है कि 33 साल की उनकी पत्नी उइगर मुसलमान हैं और उनके बच्चे भी चीन के ही नागरिक हैं, लेकिन चीनी अथॉरिटी ने उनकी पत्नी और बच्चों के पासपोर्ट ले लिए हैं।
मिर्जा इमरान बेग बताते हैं कि उनकी पत्नी और बच्चे को शिनजियांग में कैंप में ले जाया गया है, जहां उनका ब्रेन वॉश किया जा रहा है। चीन सरकार ब्रेन वॉश की इस प्रक्रिया को री-एजुकेट करना बोलती है। इमरान बेग बीजिंग की यात्रा कर रहे हैं और यहां दूतावास से संपर्क कर पत्नी-बच्चों को वापस निकालने की कोशिश में जुटे हैं। मिर्जा इमरान बेग बताते हैं कि जब भी वह पाकिस्तानी राजदूत से मदद मांगने जाते हैं, वह कहते हैं- इंतजार करो, इंतजार करो, एक दिन और दो दिन और..। इमरान बेग को उम्मीद है कि पाकिस्तान की नई इमरान खान सरकार उनकी पत्नी-बच्चों को लाने में जरूर मदद करेगी।
मियां शाहिद इलियास, लाहौर के बिजनेसमैन हैं, जो इस प्रकार के मामलों के बारे में जानकारी जुटा रहे हैं। इलियास ने बताया कि बेग की तरह कई पाकिस्तानी हैं, जिनकी चीन में शादी हुई है। सबकुछ ठीक चल रहा था, लेकिन साल 2017 के बाद से चीन ने शिनजियांग में काफी सख्ती कर दी है। इलियास के मुताबिक, ऐसे 38 मामलों की तो उनके पास पुख्ता जानकारी है, पर उनका अंदाजा है कि इस प्रकार के 300 से ज्यादा केस हो सकते हैं। दूसरी ओर इस मामले पर चीन की ओर से सफाई जारी करते हुए कहा गया है कि उसे इस्लामिक आतंकवाद से खतरा है। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गेंगे शुआंग से इस मामले में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सवाल भी पूछा गया, लेकिन वह पल्ला झाड़कर निकल गए।












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