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QUAD की बैठक से पहले चीन ने उगला जहर, गलवान गाटी झड़प के दौरान भारत पर लगाया जमीन हड़पने का आरोप

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बीजिंग/नई दिल्ली, सितंबर 24: चीन ने शुक्रवार को पिछले साल जून में गलवान घाटी संघर्ष के लिए भारत को जिम्मेदार ठहराया है, जिसमें 20 भारतीय सैनिक शहीद हो गये थे और चार चीनी सैनिक मारे गए थे। क्वाड की बैठक से पहले चीन ने भारत के खिलाफ जहर उगलते हुए कहा कि, नई दिल्ली ने सीमा संबंधी सभी समझौतों का उल्लंघन किया और चीनी क्षेत्र पर अतिक्रमण किया।

गलवान घाटी में हिंसक संघर्ष

गलवान घाटी में हिंसक संघर्ष

पिछले 16 महीने से भारत और चीन के सैनिक लगातार एलएसी पर तैनात हैं। 15 जून 2020 को गलवान घाटी में दोनों देश की सेनाओं के बीच हिंसक झड़प हुई थी, जिसमें दोनों देशों की सैनिकों ने लोहे के रॉ़ड और कांटेदार तार से एक दूसरे पर हमला किया था। इस हमले में 20 भारतीय जवान वीरगति को प्राप्त हो गये, जबकि चीन ने पहले चार सैनिकों के मारे जाने की बात कबूली थी और बाद में उसने एक और जवान के मारे जाने की बात को कबूल किया था। 1975 के बाद वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर पहली बार हिंसक संघर्ष हुआ था और जवानों की मौत हुई थी। उस संघर्ष के बाद कई दौर की कूटनीतिक और सैन्य वार्ता भी तनाव को पूरी तरह से हल करने में विफल रही है।

    जानिए क्या है QUAD ?, जिसके जरिए China को घेरने की तैयारी में जुटा India | वनइंडिया हिंदी
    भारत पर अनर्गल आरोप

    भारत पर अनर्गल आरोप

    गलवान घाटी संघर्ष के बाद से चीन कई बार अपने बयान बदल चुका है, जबकि भारत एक स्टैंड पर कायम है। भारत ने बार-बार और लगातार चीन के आरोपों को खारिज कर दिया है कि भारतीय सैनिकों ने पूर्वी लद्दाख में एलएसी के चीनी सीमा में गई थी। नई दिल्ली ने हमेशा सीमा प्रबंधन और सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति और शांति बनाए रखने के लिए एक जिम्मेदार दृष्टिकोण अपनाया है। हालांकि चीन भारत पर लगातार आरोप लगाता रहा है। भारतीय सेना के थिएटर कमांड में पुनर्गठन और चीन-भारत सीमा के प्रबंधन पर इसके प्रभाव पर एक सवाल के जवाब में, चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियन ने कहा कि, ''चीन और भारत के बीच शांति बनाए रखने के लिए सभी समझौते और संधियां और एलएसी के क्षेत्र में स्थिरता ने सीमावर्ती क्षेत्रों में स्थिरता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।''

    चीन ने क्या कहा?

    चीन ने क्या कहा?

    एक बार फिर से भारत पर अनर्गल आरोप लगाते हुए चीन के झाओ लिजियन ने कहा कि, ''पिछले साल, गलवान घाटी की घटना हुई थी, क्योंकि भारत ने सभी हस्ताक्षरित समझौतों और संधियों का उल्लंघन किया और चीनी क्षेत्र पर अतिक्रमण किया, अवैध रूप से सीमा रेखा (एलएसी) को पार किया। हमें उम्मीद है कि भारत सभी हस्ताक्षरित समझौतों का पालन करेगा और ठोस कार्रवाई के साथ सीमा क्षेत्र में शांति स्थिरता बनाए रखेगा।'' आपको बता दें कि, सितंबर 2020 में, चीन ने कहा था कि वह एलएसी का पालन करता है, जो कि चीन-भारत की काल्पनिक सीमा है, जैसा कि प्रीमियर झोउ एनलाई द्वारा प्रधान मंत्री जवाहरलाल नेहरू को 7 नवंबर, 1959 को एक पत्र में प्रस्तावित किया गया था, लेकिन भारत सरकार ने तभी से लगातार इस प्रस्ताव को खारिज कर रही है। इसे पहली बार 61 साल पहले बनाया गया था।

    भारत का जवाब

    चीन के बेबुनियाद आरोप पर भारत की तरफ से कड़ी प्रतिक्रिया दी गई है। भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंद बागची ने कहा कि, ''हम ऐसे बयानों को खारिज करते हैं। पूर्वी लद्दाख में एलएसी के साथ पिछले साल के घटनाक्रम के संबंध में हमारी स्थिति स्पष्ट और सुसंगत रही है''। भारत हमेशा से कहता आया है कि भारतीय सैनिक किसी भी तरफ से चीन की सीमा रेखा में नहीं गये थे, बल्कि चीन ने घुसपैठ करने की कोशिश की थी, जिसे भारतीय सैनिकों ने नाकाम कर दिया।

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    English summary
    China has alleged that India has violated the boundary line agreement for the Galwan Gati clash. India has termed China's allegations as baseless.
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