चाबहार पोर्ट पर Good News, मई से शुरू होगा व्यापार, पाकिस्तान से छूटा पीछा, अब एशिया का किंग बनने की तैयारी

भारत के अंतराष्ट्रीय व्यापार के लिए बेहद अहम माने जाने वाले चाबहार बंदरगाह से मई से कारोबार शुरू हो जाएगा। अभ खाड़ी देशों से व्यापार के लिए भारत को पाकिस्तान के व्यापार मार्ग पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

नई दिल्ली/तेहरान: भारत के अंतराष्ट्रीय व्यापार के लिए बेहद अहम माने जाने वाले चाबहार बंदरगाह से मई से कारोबार शुरू हो जाएगा और भारत की इस उपलब्धि को पड़ोसी देश पाकिस्तान पचा नहीं पा रहा है तो चीन को भी मिर्ची लगी हुई है। भारत ने ईरान के साथ मिलकर चाबहार पोर्ट का निर्माण किया है जो रणनीतिक तौर पर बेहद अहम है और इससे अंतर्राष्ट्रीय व्यापार में भारत के लिहाज से पाकिस्तान पूरी तरह से कट जाएगा। भारत के शिपिंग मिनिस्टर मनसुख मांडविया ने कहा है कि मई के अंत तक चाबहार बंदरगाह व्यापार के लिए पूरी तरह से तैयार हो जाएगा।

CHABHAR PORT

चाबहार परियोजना- भारत की उपलब्धि

ईरान के दक्षिण पूर्वी भाग में सिस्ताम-बलूचिस्तान प्रांत में स्थित चाबहार पोर्ट रणनीतिक तौर पर भारत के लिए बेहद अहम है और इसके जरिए भारत, ईरान, अफगानिस्तान सहित पूरे मध्य एशिया, रूस और यूरोप से भी व्यापार करने के लिए रास्ता मिल गया है। अरब सागर में स्थित इस बंदरगाह के जरिए भारत-ईरान-अफगानिस्तान के बीच नये रणनीतिक ट्रांजिट मार्ग की शुरूआत हो गई है और इस रास्ता का निर्माण होने के बाद अब तीनों देशों का व्यापार काफी मजबूत हो जाएगा। इस पोर्ट के निर्माण के साथ ही भारत के लिए अफगानिस्तान कर पहुंचना भी बेहद आसान हो गया है। अभी तक अफगानिस्तान तक सामान भेजने या फिर मंगवाने के लिए भारत को पाकिस्तान के रास्ते का इस्तेमाल करना पड़ता था लेकिन अब पाकिस्तान हमेशा के लिए पीछे छूट गया है। अकसर देखा जाता था कि पाकिस्तान भारत के व्यापार में अड़ंगा लगाने की कोशिश करता था। चाबहार पोर्ट भारत को पश्चिम एशिया से कनेक्ट होने का सीधा रास्ता देगा जिसमें पाकिस्तान कोई दखल नहीं दे पाएगा।

पिछले गुरुवार को भारत सरकार ने चाबहार दिवस का आयोजन किया था जिसमें अफगानिस्तान, आर्मोनिया, ईरान, कजाखिस्तान, रूस और उजबेकिस्तान के मंत्रियों ने हिस्सा लिया था। आपको बता दें कि अमेरिका ने ईरान पर प्रतिबंध लगा रखा है लेकिन भारत के साथ अच्छे संबंध और अफगानिस्तान की विकास की खातिर अमेरिका ने चाबहार बंदरगाह को लेकर छूट दे रखी है।

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चाबहार पोर्ट से व्यापार

चाबहार पोर्ट पूरी तरह से मई से फंक्शन में आ जाएगा मगर इस पोर्ट से व्यापार काफी पहले शुरू हो चुका है। पिछले साल कोविड क्राइसिस के दौरान भारत ने चाबहार पोर्ट से 75 हजार टन गेहूं मानवीय आधार पर अफगानिस्तान को सप्लाई की थी। वहीं, पिछले साल चाबहार पोर्ट से 123 जहाज और 1.8 मिलियन टन के सामान का भी व्यापार किया गया।

भारत सरकार का कहना है कि इतनी मात्रा में व्यापार की उसने उम्मीद नहीं की थी। वहीं, भारत सरकार ने चाबहार पोर्ट को लेकर भविष्य में कई परियोजनाएं बना रखी हैं जिसका मकसद अंतर्राष्ट्रीय कनेक्टिविटी को और मजबूत करना है। भारत इस परियोजना से मध्य पूर्व और एशिया के दूसरे देशों को भी जोड़ना चाहता है। वहीं, भारत सरकार ने इंटरनेशनल नॉर्थ साउथ ट्रांसपोर्ट कारिडोर यानि INSTC को भी चाहबार से जोड़ने का प्रस्ताव दिया है। आईएनएसटीसी में भारत के समेत 12 देश हैं और भारत सरकार ने ही इस सोच को सामने रखा है। इस परियोजना के जरिए भारत यूरोपीय देशों के साथ कनेक्ट हो जाएगा और इस प्रोजेक्ट के पूरा होने पर यह एशिया से लेकर यूरोप तक का सबसे बड़ा इकोनोमिक कॉरीडोर बन जाएगा।

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