अटवाल विवाद: कनाडाई सांसद सराई ने कहा मैं बलि का बकरा नहीं हूं, विवाद की ली जिम्मेदारी
कनाडा के सांसद रणदीप एस सराई ने कहा है कि खालिस्तानी आतंकी जसपाल अटवाल को भारत में कनैडियन पीएम जस्टिन ट्रूडो के डिनर कार्यक्रम में उन्होंने इनवाइट नहीं किया था। इसके साथ ही उन्होंने इस बात से भी इनकार कर दिया कि उन्हें इस मामले में बलि का बकरा बनाया जा रहा है।
ओटावा। कनाडा के सांसद रणदीप एस सराई ने कहा है कि खालिस्तानी आतंकी जसपाल अटवाल को भारत में कनैडियन पीएम जस्टिन ट्रूडो के डिनर कार्यक्रम में उन्होंने इनवाइट नहीं किया था। इसके साथ ही उन्होंने इस बात से भी इनकार कर दिया कि उन्हें इस मामले में बलि का बकरा बनाया जा रहा है। सराई ने यह बात सरे नाओ-लीडर को दिए एक खास इंटरव्यू में कही है। आपको बता दें कि 19 फरवरी को मुंबई में आयोजित डिनर में पीएम ट्रूडो की पत्नी सोफी के साथ अटवाल की फोटोग्राफ ने विवाद खड़ा कर दिया था। इसके बाद दिल्ली स्थित कनैडियन उच्चायोग की ओर से दिल्ली में ट्रूडो के लिए आयोजित डिनर को इस विवाद की वजह से कैंसिल कर दिया गया था। इस विवाद के सामने आने के बाद सराई ने कहा था कि उन्होंने ही अटवाल को डिनर में इनवाइट किया था।

गलतियों से सीख रहा हूं
सराई ने इंटरव्यू में कहा है, 'जैसे ही यह पूरा मसला सामने आया मैंने पूरी जिम्मेदारी ली। उसका नाम मेरे ऑफिस से भेजा गया था। उसका नाम भेजने से पहले मुझे पूरी तरह से जांच कर लेनी चाहिए थी। मुझे इस पूरे मसले पर और ज्यादा ध्यान देना चाहिए था। मैं नया हूं, और एकदम युवा सांसद हूं। मैं अपनी गलतियों से सीख रहा हूं।'उन्होंने दावा किया कि कई पब्लिक इवेंट्स में उन्होंने अटवाल को देखा था लेकिन उसके साथ उनका किसी तरह का कोई संबंध नहीं है। सराई के मुताबिक अटवाल एक मीडिया पर्सनाल्टी है और वह मीडिया वेव्स नामक रेडिया सर्विस से जुड़ा है। ऐसे में उसे हर कहीं देखा जा सकता है। सराई ने जानकारी दी कि वह चुनावों से पहले उसके रेडियो स्टेशन पर गए थे और एक दो बार ही उससे मिले हैं। सराई की मानें तो वह सरे में सामाजिक तौर पर काफी सक्रिय है।
इस्तीफा नहीं देंगे सराई
रणदीप सराई ने इस पूरे विवाद के बाद अपने पद से इस्तीफा देने से इनकार कर दिया है। लेकिन उन्होंने इस पूरे विवाद की जानकारी ली है। सराई ने कहा कि उन्हें अभी सिर्फ 11 वर्ष का ही समय हुआ है और अपने स्टाफ में उनके पास ही सबसे ज्यादा अनुभव है। बाकी स्टाफ मेंबर्स अभी युवा हैं और उनकी उम्र 20 वर्ष से कुछ ही ज्यादा है। सराई ने कहा कि हमें अटवाल मसले की अच्छी तरह से जांच कर लेनी चाहिए थी। मुंबई में जो डिनर आयोजित हुआ था उसे भारत में कनाडा के राजदूत नादिर पटेल की ओर से आयोजित किया गया था। अटवाल पंजाब सरकार में मंत्री रहे मलकियाज सिंह सिद्धू की हत्या का दोषी है। साल 1986 में वैंकुवर आइलैंड पर उनकी हत्या कर दी गई थी।












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