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क्‍या बराक ओबामा की तरह कनाडा में इतिहास रचेंगे जगमीत सिंह, जानिए कौन है यह पॉपुलर सिख नेता

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ओटावा। कनाडा में 21 अक्‍टूबर को वोट डाले जाएंगे और देश की जनता फैसला करेगी कि देश की बागडोर प्रधानमंत्री और लिबरल पार्टी नेता जस्टिन ट्रूडो के हाथ में रहेगी या फिर कंजरवेटिव पार्टी के हाथ में जाएगी। वहीं, दोनो पार्टी के बीच एक और पार्टी न्‍यू डेमोक्रेटिक पार्टी (एनडीपी) के नेता जगमीत सिंह 'डार्क हॉर्स' बनकर सामने आ रहे हैं। जगमीत को लोग देश के अलगे पीएम के तौर पर देख रहे हैं। अगर जगमीत, चुनाव जीतते हैं तो फिर वह इस देश के पहले सिख प्रधानमंत्री बन सकते हैं।

बनेंगे देश के पहले अश्‍वेत पीएम!

बनेंगे देश के पहले अश्‍वेत पीएम!

जगमीत का नाम पहली बार अक्‍टूबर 2017 में कनाडा की राजनीति में सुना गया था जब वह राजनीतिक पार्टी, एनडीपी के नए नेता बने। उन्‍होंने साल 2019 के चुनावों में हिस्‍सा लेना का ऐलान भी कर दिया। जगमीत ने उस समय कहा था कि वह ट्रूडो की लिबरल पार्टी के खिलाफ किस्‍मत आजमाएंगे। अब वह देश के पहले अश्‍वेत प्रधानमंत्री बनने की तरफ आगे बढ़ रहे हैं। अगर जगमीत चुनाव जीतते हैं तो फिर वह पूर्व अमेरिकी राष्‍ट्रपति बराक ओबामा की तरह किसी देश के पहले अश्‍वेत राष्‍ट्राध्‍यक्ष होंगे। जगमीत ने साल 2001 में राजनीति में एंट्री ली थी और तब से ही वह शरणार्थियों और अप्रवासियों के हक की लड़ाई लड़ते आ रहे हैं। वह आंटोरियो में एनडीपी के उप नेता के तौर पर भी सेवाएं दे चुके हैं।

कनाडा में ही जन्‍में जगमीत

कनाडा में ही जन्‍में जगमीत

जगमीत का जन्‍म कनाडा में ही हुआ है। जहां देश में ज्‍यादातर सिख राजनेता भारत से आकर कनाडा में बसे हैं तो सिंह पहले ऐसे सिख नेता हैं जो यहीं जन्‍में हैं। दो जनवरी 1979 को उनका जन्‍म कनाडा के स्‍कारबोरो में हुआ था। उनके माता-पिता पंजाब से जाकर बसे थे। साल 2001 में सिंह ने यूनिवर्सिटी ऑफ वेस्‍टर्न ओंटारियो से बायोलॉजी में बीएससी किया था। इसके बाद साल 2005 यॉर्क यूनिवर्सिटी से उन्‍होंने लॉ की डिग्री ली। सिंह ने राजनीति की शुरुआत अपने कॉलेज के दिनों से ही कर दी थी। जब वह लॉ स्‍कूल में पढ़ रहे थे तो उसी समय उन्‍होंने बढ़ी हुई ट्यूशन फीस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। साल 2006 में वह बार काउंसिल के लिए चुने गए और ग्रेटर टोरंटो एरिया में उन्‍होंने क्रिमिनल डिफेंस लॉयर के तौर पर काम करना शुरू कर दिया।

कुछ लोग उड़ाते हैं मजाक

कुछ लोग उड़ाते हैं मजाक

सिंह सिख हैं और अपने धर्म का पूरा सम्‍मान करते हैं। लेकिन अक्‍सर उन्‍हें उनके गहरे रंग और बढ़े हुए बालों की वजह से लोगों के मजाक का सामना करना पड़ता। लोग उनके भद्दी बातें तक कहते थे। सिंह जो सूट और पगड़ी पहनते हैं, वे अब कनाडा की राजनीति का ब्रांड बन चुके हैं। साल 2017 में अमेरिकी मैगजीन जीक्‍यू के साथ इंटरव्‍यू ने बताया था कि उनके पास बहुत सी रंग-बिरंगी पगड़‍ियां हैं और उनके थ्री पीस सूट अब पॉलिटिकल ब्रांड का हिस्‍सा हैं। एक बार सिंह की वेबसाइट पर इसे बारे में लिखा है, 'मुझे महसूस हुआ कि मैं अकेला नहीं हूं। मैंने अपने आसपास बच्‍चों को देखा, वह किसी भी तरह से किसी से कम नहीं थे और वह इतने क्षमतावन थे कि उन्‍हें उनके हिस्‍से का सम्‍मान और प्रतिष्‍ठा मिलनी चाहिए।'

साल 2017 में पहली बार गया दुनिया का ध्‍यान

साल 2017 में पहली बार गया दुनिया का ध्‍यान

सितंबर 2017 में दुनिया का ध्‍यान, सिंह पर गया जब उनके कैंपेन से एक वीडियो वायरल होना शुरू हुआ। कार्यक्रम 'जगमीत एंड ग्रीट' का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। यह वीडियो उस घटना का था जहां पर वह एक गुस्‍साई महिला को शांत कराने की कोशिश कर रहे थे तो उन पर मुस्लिम ब्रदरहुड और शरिया लॉ को लेकर हमला कर दिया था। सिंह ने इस महिला की तरफ से की गईं नस्‍लभेदी टिप्‍पणियों को नजरअंदाज कर दिया था। सिंह ने उस महिला से कहा था कि नफरत से डरने की जरूरत नहीं है।

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English summary
Canada Elections 2019: Jagmeet Singh often bullied for his brown skin and long hair may be the first Sikh PM of the nations.
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