कनाडा में बढ़ रहा गैंगवार... 'ब्रदर्स कीपर' गैंग के हरप्रीत की हत्या, टोरंटो में परमवीर को बदमाशों ने भूना
कनाडा में पिछले एक सप्ताह में कम से कम तीन भारतीय मूल के कनाडाई लोगों की हत्या कर दी गई है। इसका कारण वहां पर मौजूद बड़ी सिख/पंजाबी आबादी के बीच बढ़ते गैंगवार बताया जा रहा है।
बीते 9 नवंबर को कनाडा के एडमॉन्टन में एक सिख व्यक्ति हरप्रीत सिंह उप्पल (41) और उसके 11 वर्षीय बेटे की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वे अपनी सफेद एसयूवी में थे। जहां उप्पल ने तुरंत दम तोड़ दिया, वहीं उनके बेटे की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई।

इस घटना को गैंगवार बताया गया था। अब इस मामले में पुलिस ने संदिग्धों और उनकी गाड़ी का वीडियो जारी किया है। पुलिस ने उप्पल की पहचान ड्रग्स के व्यापार में शामिल एक हाई प्रोफाइल गिरोह के सदस्य के रूप में की है।
पुलिस का मानना है कि उप्पल के बेटे की हत्या जानबूझकर की गई थी। वैंकूवर सन के अनुसार, पुलिस ने उप्पल को ब्रदर्स कीपर गिरोह का एक साथी बताया है। पुलिस ने कहा कि उप्पल ब्रदर्स कीपर्स गैंग का एक्टिव सदस्य था। पुरानी रंजिश के चलते उसकी हत्या की गई। हत्या का संबंध UN गैंग से था।
इससे पहले 27 वर्षीय परमवीर चाहिल की वैंकूवर में एक पार्किंग गैरेज में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। चाहिल भी कनाडाई मीडिया ने 'UN' का सदस्य बताया गया था।
पुलिस ने रविवार को निगरानी फुटेज और एक वाहन और दो संदिग्धों की तस्वीर जारी की है। वीडियो में दो लोग दिखाई दे रहे हैं, जो 41 वर्षीय गिरोह के सदस्य उप्पल और उसके 11 वर्षीय बेटे की हत्या में संदिग्ध हैं। दोनों को गुरुवार (स्थानीय समय) के मध्य में 50 स्ट्रीट और एलर्सली रोड पर एक शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में गोली मार दी गई थी।
वीडियो में संदिग्धों को काली BMW एसयूवी से निकलते हुए दिखाया गया है। पुलिस के अनुसार, संदिग्ध उप्पल की सफेद एसयूवी की ओर भागे, हथियार से गोलीबारी की और मौके से भाग गए। उप्पल और उनके बेटे को गोली मार दी गई और कुछ ही समय बाद उनकी मृत्यु हो गई।
गोलीबारी के समय, एक और 11 वर्षीय लड़का, जो उप्पल से संबंधित नहीं था, कार में था। बयान के मुताबिक, वह गोलीबारी के बाद मौके से भागने में सफल रहा और उसे शारीरिक चोट नहीं आई। पुलिस ने फिलहाल बच्चे का नाम सार्वजनिक नहीं किया है। क्योंकि बच्चा अभी 11 वर्ष का ही था।
हरप्रीत पर पहले भी हथियार से हमला करने और गैरकानूनी बंदूक रखने का भी आरोप लगाया गया था। अवैध हथियार रखने के आरोप में उप्पल को 2013 में 15 महीने की जेल हुई थी।
उप्पल पर कोकीन रखने और तस्करी के आरोप में मुकदमा चल रहा था। वह अक्टूबर 2021 में तब एक हमले में बाल-बाल बच गया था, जब एक बंदूकधारी ने उन पर कई गोलियां चलाईं थीं, तब वह अपने परिवार के साथ पिज्जा की दुकान पर था।












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