UK PM race: लाइव टीवी डिबेट में ऋषि सुनक ने लिज ट्रस को हराया, ब्रिटिश मीडिया को बड़ा झटका

स्काई न्यूज पर हुई डिबेट के बाद हुई वोटिंग में ऋषि सुनक ने अपनी प्रतिद्वंदी और ब्रिटिश विदेश मंत्री लिज ट्रस को हरा दिया है।

लंदन, अगस्त 06: ब्रिटिश प्रधानमंत्री पद की रेस से भारतीय मूल के ऋषि सुनक अभी तक बाहर नहीं हुए हैं, बल्कि ऐसा लग रहा है, कि ब्रिटिश मीडिया लगातार प्रोपेगेंडा के जरिए ऋषि सुनक को रेस से बाहर दिखाना चाहता है। ऋषि सुनक के खिलाफ ब्रिटिश मीडिया में कई तरह की निगेटिव खबरें चल रही हैं, जिनमें उनकी संपत्ति और उनकी पत्नी के कपड़ों की कीमत पर भी चर्चा की जा रही है। लेकिन, जब वोटिंग लोगों के बीच होती है, तो ऋषि सुनक ही विजेता बनकर सामने आते हैं, जबकि टीवी और अखबरों के ओपिनियन पोल में ऋषि सुनक को काफी पीछे बताया जाता है।

लाइव टीवी डिबेट में जीते

लाइव टीवी डिबेट में जीते

स्काई न्यूज पर हुई डिबेट के बाद हुई वोटिंग में ऋषि सुनक ने अपनी प्रतिद्वंदी और ब्रिटिश विदेश मंत्री लिज ट्रस को हरा दिया है। दोनों नेताओं के बीच की ये बहस आमने-सामने हुई थी, जिसमें ऋषि सुनक ने जीत हासिल की है। टीवी बहस 'बैटल फॉर नंबर 10' की बहस के दौरान कंजर्वेटिव पार्टी के दोनों नेताओं के बीच जोरदार बहस हुई और लाइव बहस के दौरान दोनों नेताओं ने अपनी अपनी बातें दर्शकों के सामने रखीं। इस दौरान स्काई न्यूज ने बहस में वोट डालने के लिए कंजर्वेटिव पार्टी के उन सदस्यों को बुलाया था, जिन्होंने अभी तक तय नहीं किया है, कि किस उम्मीदवार को वोट देना है, लिहाजा उनका वोट काफी मायने रखता है और नतीजे बदल सकता है। दोनों उम्मीदवारों ने बहस के दौरान वोटरों को रिझाने की कोशिश की, लेकिन जब वोट डाले गये, तो टीवी स्टूडियो में सदस्यों ने ऋषि सुनक को अपना प्रधानमंत्री चुना था।

रेस में 'ऋषि इज बैक'

रेस में 'ऋषि इज बैक'

आपको बता दें कि, ब्रिटिश मीडिया दावा करता है, कि प्रधानमंत्री की रेस से ऋषि सुनक बाहर हो चुके हैं, क्योंकि ज्यादातर कंजर्वेटिव पार्टी के सदस्य लिज ट्रस को वोट डालने वाले हैं, लेकिन लाइव टीवी बहस में हुई वोटिंग ने दिखा दिया है, कि जमीनी सच्चाई कुछ अलग है, लिहाजा इसे ऋषि सुनक की दमदार वापसी कहा जा रहा है। टीवी स्टूडियो में मिली ये जीत भारतीय मूल के उम्मीदवार के मनोबल को बढ़ाने वाला है, क्योंकि उन्हें लिज ट्रस के मुकाबले 32 प्रतिशत अंकों से पीछे रखा गया है। लाइव टीवी बहस के दौरान दर्शकों में मौजूद कंजर्वेटिव पार्टी के एक सदस्य ने ऋषि सुन से सवाल किया, कि क्या मतदान के आंकड़ों को देखते हुए उन्होंने चुनाव में किसी मोड़ पर पीछे हटने की सोची? जिसपर ऋषि सुनक ने जवाब देते हुए कहा कि, 'मेरा तत्काल जवाब है, नहीं। और ऐसा इसलिए है, क्योंकि, मैं उस चीज के लिए लड़ रहा हूं, जिस पर मैं वास्तव में विश्वास करता हूं और मैं अपने विचारों को देश भर में ले जा रहा हूं।"

ऋषि सुनक ने क्या कहा?

ऋषि सुनक ने क्या कहा?

ऋषि सुनक ने एक दर्शक के सवाल का जवाब देते गुए कहा कि, "मैं इस अभियान के अंतिम दिन तक आपके हर एक वोट के लिए अविश्वसनीय रूप से कठिन लड़ाई लड़ने जा रहा हूं। और ये स्टेक वास्तव में काफी ऊंचा है''। वहीं, जब सुनक से पूछा गया, कि इतने वरिष्ट केन्द्रीय मंत्रई और आंकड़े लिज ट्रस का समर्थन क्यों कर रहे हैं, तो ऋषि सुनक ने कहा कि, "संसदीय प्रक्रिया के हर चरण में मुझे सबसे व्यापक और सबसे बड़ा समर्थन मिला।" उन्होंने कहा कि, "हम सब एक टीम हैं और हम सब एक परिवार हैं, हम इसके बाद हम एक साथ (विपक्षी पार्टी की नेता) कीर स्टारर से मुकाबला करने जा रहे हैं और अगला चुनाव जीतेंगे, क्योंकि वही असली है पुरस्कार है। कैबिनेट की मेज के चारों ओर बैठे बहुत से लोग भी मेरा समर्थन करते हैं और मैं वास्तव में विनम्र रहा हूं'। पूर्व वित्त मंत्री अपने केंद्रीय मुद्दे पर अड़े रहे और टैक्स में कटौती से पहले बढ़ती महंगाई पर काबू पाने की जरूरत पर अपना संदेश केंद्र में रखा।

सुनक से पूछा गया संपत्ति पर सवाल

सुनक से पूछा गया संपत्ति पर सवाल

टीवी डिबेट के दौरान दोनों नेताओं के सामने टैक्स, आव्रजन, ब्रेक्सिट और राज्य द्वारा वित्त पोषित राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा (एनएचएस) को लेकर कई सवाल पूछे गये। इस दौरान ऋषि सुनक से उनकी संपत्ति और उनके महंगे सूट-बूट और महंगे जूते को लेकर भी सवाल पूछे गये। जिसपर जवाब देते हुए ऋषि सुनक ने कहा कि, "मुझे लगता है कि ब्रिटिश लोग, लोगों को उनके चरित्र और उनके कामों से आंकते हैं, न कि उनके बैंक खाते से।" दर्शकों के एक सदस्य ने यह भी पूछा, कि क्या उनका मानना है कि उन्होंने "अपने स्वार्थ के लिए बोरिस जॉनसन की पीठ में चाकू घोंपा है'? इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि, "मैंने कुछ वर्षों तक प्रधानमंत्री के साथ काम किया और वह उस समय अपने किए गये काम के लिए बहुत अधिक श्रेय के पात्र हैं।" ऋषि सुनक ने आगे कहा कि, "[लेकिन] ... सरकार एक नैतिक मुद्दे के गलत पक्ष में थी, और चलिए मेरे लिए ये पर्याप्त था, लेकिन क्या 60 लोगों ने भी अपने स्वार्थ के लिए ऐसा किया? आपको बता दें कि, बोरिस जॉनसन से नाराज होकर उनकी कैबिनेट के 60 सदस्यों ने इस्तीफा दे दिया था।

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