लहरों पर तैरता है यह अनोखा किताब घर, ऑनलाइन बुक मार्केट की बढ़ाता है टेंशन

'लहरों पर किताबघर'-
बनाकर आज सारा उस प्रतियोगी दौर से सीधी टक्कर ले रही है जहां किताबों की बिक्री दुकानों पर कम हो रही है और ऑनलाइन बाजार गर्म हो रहा है। सारा कहती हैं कि सुपर मार्केट, अमेजन, फ्िलपकार्ट जैसी प्लेटफॉर्म लेने के लिए जरूरी हो गया था कि कुछ नया सोचा जाए और मैंने लहरों का किताबघर बनाकर वह सपना पूरा किया। मैंने अपना वह सपना 'द बुक बार्ज' बनाकर पूरा किया और आज सिर्फ मेरे ही शहर में नहीं, बल्कि कई पड़ोसी क्षेत्रों ने भी मेरी इस सोच को सराहा।
नहीं रही बूढ़ी म्याउं
घर वालों और बैंकों ने कहा बेकार है आइडिया-
सारा ने जब अपने अभिभावकों से इस तरह की सोच को साकार करने की ठानी तो बैंक ने लोने देते वकत इसे बेबुनियाद आइडिया करार दिया। इसके बाद सारा ने इंग्लैंड के बर्टन में एक छोटी सी नाव ली। छोटी सी नाव, कम स्पेस में लगभग पूरी जगह किताबों ने घेर ली, जिससे उसे थोड़ी असुविधा हुई। हेंसॉ ने हिम्मत नहीं हारी, उन्होंने अपनी छोटी सी वोट, जो कि लंदन की लोकप्रिय नावें मानी जाती हैं, उनमें अपनी छोटी सी दुकान को विस्तार दिया।
अब कई शहरों की लहरों पर घूमेगा यह किताब घर-
कुछ समय के बाद उसकी यह शॉप मशहूर होने लगी और जल्द ही उसने एक बड़ी नाव में स्मार्ट पुस्तकालय खोल दिया। 2011 से अब तक सारा की यह सोच बेहद मशहूर हुई और संघर्ष से जूझ रहे किताब बाजार में हेंसॉ अपवाद साबित हुई। अब सारा की येाजना है कि वह इस 'बुक बार्ज' को अन्य शहरों तक ले जाए व इस तरह की पहल को दुनिया भर के सामने लाकर एक नई मिशाल पेश करे।












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