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BRICS: गिरफ्तारी के डर से घबराए व्लादिमीर पुतिन, BRICS में जाने से किया इनकार, कट चुका है वारंट

BRICS: रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने इस वर्ष होने वाले BRICS शिखर सम्मेलन में व्यक्तिगत रूप से शामिल न होने का फैसला किया है, जिससे अटकलें तेज़ हो गई हैं कि क्या इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट (ICC) द्वारा जारी गिरफ्तारी वारंट के चलते वह अंतरराष्ट्रीय मंचों से दूरी बना रहे हैं। क्या पुतिन को वास्तव में गिरफ्तारी का डर सता रहा है, या यह एक सोची-समझी कूटनीतिक रणनीति है?

कोर्ट-कचहरी से घबराए पुतिन

महाशक्ति देशों में से एक रूस का बहुत ही समृद्ध इतिहास रहा है। रूस इतिहास से ले कर वर्तमान तक सबसे शक्तिशाली देशों में से एक रहा है। लेकिन अब शक्तिशाली देश के सबसे ताकतवर नेता को अपनी गिरफ़्तारी का दर सताने लगा है। रूस के विदेश नीति सलाहकार यूरी उशाकोव ने बुधवार को बताया कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन अगले सप्ताह ब्राजील में आयोजित होने वाले BRICS शिखर सम्मेलन में भाग नहीं लेंगे, क्योंकि इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट (ICC) द्वारा उनके खिलाफ गिरफ्तारी का वारंट जारी किया है। ICC ने यह वारंट 2023 में जारी किया था।

BRICS

क्या है पुतिन पर आरोप?

इस वारंट को रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के ठीक एक साल बाद जारी किया। जिसमें पुतिन पर यूक्रेन से सैकड़ों बच्चों को निर्वासित करने, हजारों यूक्रेनी बच्चों का अपहरण कर उन्हें रूस में ले जाने और उनके शोषण करने जैसे कई जघन्य अपराध शामिल हैं। वैश्विक विश्लेषकों के विश्लेषण के अनुसार, ये अपराध न केवल सबसे कमजोर यूक्रेनियों को धमकाते हैं और परिवारों को तोड़ते हैं, बल्कि बच्चों को रूसी बनने के लिए फिर से शिक्षित करके यूक्रेनी पहचान को मिटाने की कोशिश भी करते हैं।

कैसे हो सकती है पुतिन की गिरफ्तारी?

रूस ने इन युद्ध अपराध के आरोपों से साफ इनकार किया है, और क्रेमलिन, (जिसने ICC की स्थापना संधि पर हस्ताक्षर नहीं किए थे) ने वारंट को अमान्य घोषित कर दिया है। लेकिन इसका मतलब यह है कि पुतिन को इस जोखिम का आकलन करने की भी ज़रुरत है, कि अगर वह किसी ऐसे देश की यात्रा करते हैं जो आईसीसी संधि पर हस्ताक्षरकर्ता है तो उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है।

कैसे BRICS में शामिल होंगे पुतिन ?

उशाकोव ने आगे कहा कि पुतिन 6-7 जुलाई को ब्राजील में होने वाले BRICS शिखर सम्मेलन में वीडियो लिंक के माध्यम से भाग लेंगे। उशाकोव ने कहा, "ICC की आवश्यकता के संदर्भ में कुछ कठिनाइयों के कारण ऐसा हुआ है। इस कारण से, ब्राजील सरकार कोई स्पष्ट रुख नहीं अपना सकी, जिससे हमारे राष्ट्रपति को इस बैठक में भाग लेने की अनुमति मिल सके। इसके अलावा रूस का प्रतिनिधित्व करने के लिए रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव BRICS 2025 में शामिल होंगे।

क्या है BRICS 2025 का एजेंडा?

2025 में BRICS वैश्विक अर्थव्यवस्था, जलवायु परिवर्तन, ऊर्जा सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवा, और डिजिटल सहयोग जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर बातचीत कर सकता है। बदलते वैश्विक परिदृश्य और उभरती अर्थव्यवस्थाओं की जरूरत को देखते हुए, BRICS देशों के बीच व्यापार और निवेश को बढ़ावा देना, बहुपक्षीय संस्थाओं में सुधार लाना और वैश्विक दक्षिण की आवाज को मजबूत करना इस वर्ष का एजेंडे प्रमुख हो सकता है। इसके अलावा, जियो पॉलिटिक्स तनावों और ग्लोबल सप्प्लाई चेन में हो रहे बदलावों को ध्यान में रखते हुए BRICS देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और गहराई देने पर भी चर्चा होना संभव है।

क्या है BRICS? कौन-से देश हैं इसमें शामिल?

BRICS (BRICS) पांच उभरती हुई अर्थव्यवस्थाओं का एक अंतरराष्ट्रीय समूह है, जिसमें ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका शामिल हैं। हालांकि, 1 जनवरी 2024 को इसमें नए देश जैसे- ईरान, मिस्र, इथियोपिया और संयुक्त अरब अमीरात को भी शामिल किया गया। BRICS का उद्देश्य आर्थिक विकास, आपसी सहयोग और वैश्विक मंच पर सामूहिक आवाज उठाने के लिए मंच प्रदान करना है। वर्तमान में BRICS यूरोपियन यूनियन (EU) को पीछे छोड़कर दुनिया का तीसरा शक्तिशाली आर्थिक संगठन बन चुका है।

पुतिन की घबराहट पर आपकी क्या राय है, हमें कॉमेंट में बताएं।

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