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ब्राजील में पति को पीट-पीटकर मार डालने के बाद जर्मनी की राजनयिक कैसे आराम से अपने देश चली गयी?

ब्राजील के स्टेट प्रोसिक्यूटर्स ने एक जर्मन राजनयिक पर अपने बेल्जियन पति की हत्या का आरोप लगाया है। हालांकि हैरानी की बात ये है कि ये आरोप जर्मन राजनयिक के देश छोड़ देने के बाद लगा है।

रियो डे जनेरो, 30 अगस्तः ब्राजील के स्टेट प्रोसिक्यूटर्स ने एक जर्मन राजनयिक पर अपने बेल्जियन पति की हत्या का आरोप लगाया है। हालांकि हैरानी की बात ये है कि ये आरोप जर्मन राजनयिक के देश छोड़ देने के बाद लगा है। गिरफ्तारी के बाद स्टेट प्रोसिक्यूटर्स राजनयिक के खिलाफ आरोप पेश नहीं कर पाए थे जिसके बाद अदालत ने जर्मन राजनयिक को रिहा कर दिया था।

इसी महीने हुई थी पति की हत्या

इसी महीने हुई थी पति की हत्या

स्टेट प्रोसिक्यूटर्स उन खबरों की भी जांच कर रहे हैं, जिसमें ये दावा किया गया है कि पुलिस हिरासत से रिहा होने के बाद आरोपी ब्राजील छोड़कर अपने देश चली गयी है। रियो डे जनेरो में जर्मन दूतावास में काम करने वाली उवे हर्बर्ट एच को अपने पति की हत्या करने के आरोप में इसी महीने की शुरुआत में गिरफ्तार किया गया था। हालांकि उवे ने अधिकारियों को बताया था कि उनके पति वाल्टर हेनरी मेक्सिमिलयन बियो शुक्रवार की रात बीमारी की हालत में अपार्टमेंट से गिर पड़े और सिर में चोट लगने की वजह से उनकी मौत हो गई। हालांकि शव और घर की छानबीन करने के बाद पुलिस का कहना था कि उन्हें वहां से शख्स की पिटाई के संकेत मिले हैं। स्थानीय पुलिस अधिकारी के मुताबिक आरोपी की दलीलें फोरेंसिक रिपोर्ट के नतीजों से मेल नहीं खा रहीं हैं।

पुलिस ने आरोपी के दावे को बताया झूठा

पुलिस ने आरोपी के दावे को बताया झूठा

पुलिस अधिकारी लोरेंको ने कहा, " मृतक के धड़ समेत कई जगहों खरोंच के निशान हैं जो वैसे ही हैं जैसे कि कुचले जाने पर होते हैं इसके साथ ही किसी बेलनाकार चीज से हमले के निशान भी मिले हैं। मरने वाला इन परिस्थितियों में चीख भी रहा था।" जानकारी के अनुसार उवे की बियोट के साथ 20 साल पहले शादी हुई थी। बियोट बेल्जियम के नागरिक थे। उवे ने मौत की जगह को पुलिस के आने से पहले साफ करने की कोशिश की। उन्होंने पुलिस को बताया कि उनके पति काफी ज्यादा शराब पी रहे थे और नींद की गोलियां भी लेते थे।

दो सप्ताह बाद राजनयिक हुईं रिहा

दो सप्ताह बाद राजनयिक हुईं रिहा

आमतौर पर दूतावास और कॉन्सुलेट में काम करने वाले अधिकारियों को डिप्लोमैटिक इम्युनिटी यानी राजनयिक बचाव मिलता है। इसके तहत आमतौर पर उनकी गिरफ्तारी नहीं होती लेकिन उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था। हालांकि लगभग दो सप्ताह बाद उन्हें रिहा कर दिया गया। रिहाई की मुख्य वजह अभियोजकों द्वारा राजनयिक के खिलाफ आरोपों को पेश नहीं किया जाना था। ब्राजील के ब्रॉडकास्टर बैंड न्यूज टीवी ने बताया कि समय सीमा के नौ दिन बाद भी, अभियोजकों ने जर्मन अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई के लिए दायर नहीं किया। इसके बाद ब्राजील की राज्य अदालत ने उवे को रिहा कर दिया।

स्वदेश फरार हुई राजनयिक

स्वदेश फरार हुई राजनयिक

ब्राजील की मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक उवे ने ब्राजील से उड़ान भरी और सोमवार सुबह जर्मनी के फ्रैंकफर्ट पहुंच गयीं। हालांकि स्टेट प्रोसिक्यूटर्स इसकी जांच में लगे हुए हैं कि क्या सच में आरोपी ने देश छोड़ दिया है? राज्य अभियोजकों के मुताबिक अपराध क्रूर तरीकों से किया गया है जिसमें पीड़ित को तीव्र और अनावश्यक पीड़ा हुई होगी। उन्होंने आगे कहा कि शराब और डिप्रेशन की दवा के सेवन के कारण पीड़ित प्रतिक्रिया देने में असमर्थ था।

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