पाकिस्तान में 8 फरवरी के चुनाव से पहले इलेक्शन कमीशन को ही उड़ाने की कोशिश, दफ्तर के बाहर बम विस्फोट
Pakistan Bomb Blast Election Commission: पाकिस्तान में 8 फरवरी को संसदीय चुनाव होने वाले हैं, लेकिन उससे पहले चुनाव आयोग को ही बम से उड़ाने की कोशिश की गई है। डॉन के मुताबिक, इलेक्शन कमीशन के बाहर बम धमाका हुआ है।
डॉन के मुताबिक, 8 फरवरी को होने वाले चुनाव से पहले शुक्रवार को कराची में पाकिस्तान के चुनाव आयोग कार्यालय के पास एक विस्फोट हुआ है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह घटना शहर के सदर इलाके में हुई है और अभी तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, शहर में पोल पैनल कार्यालय के पास एक शॉपिंग बैग में विस्फोटक सामग्री भी पाई गई है। इस बीच, कराची पुलिस ने कहा है, कि घटना स्थल पर एक बम निरोधक दस्ते को बुलाया गया है। विस्फोट की प्रकृति और इसके लक्ष्य के बारे में फिलहाल पूरी तरह से जानकारी नहीं दी गई है, लेकिन आशंका है, कि चुनाव आयोग के दफ्तर पर हमला कर चुनाव टालने की ये एक कोशिश हो सकती है।
बम धमाकों से दहल उठा बलूचिस्तान
इससे पहले गुरुवार को पाकिस्तान का अशांत बलूचिस्तान प्रांत कम से कम 10 बम और ग्रेनेड हमलों से दहल उठा, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई। डॉन अखबार की रिपोर्ट के अनुसार, हमलों में कई पुलिस स्टेशनों और उपायुक्त कार्यालयों को निशाना बनाया गया है, जिसमें एक पुलिस अधिकारी और एक जेल वार्डन सहित छह लोग घायल हो गए।
क्वेटा के एसएसपी (ऑपरेशंस) जवाद तारिक के अनुसार, क्वेटा के स्पिनी इलाके में चीन-पाकिस्तान आर्थिक सहयोग (सीपीईसी) सड़क पर फुटपाथ पर रखा एक बम फट गया, जिससे एक राहगीर की मौत हो गई।
अधिकारियों के मुताबिक, विस्फोट की तीव्रता से प्रांतीय राजधानी के कई इलाके दहल गए। पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर शव को सिविल अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल के अधिकारियों ने कहा, कि विस्फोट के समय बम के करीब होने के कारण पीड़ित का शरीर क्षत-विक्षत हो गया था। मृतक की पहचान 84 वर्षीय व्यक्ति के रूप में की गई।
चुनाव में सिर्फ पांच दिए बचे हैं, लेकिन पाकिस्तान को आतंकवादी संगठनों द्वारा हमलों के बढ़ते खतरे का सामना करना पड़ रहा है, खासकर अफगानिस्तान की सीमा से लगे दो प्रांतों में। पाकिस्तान एक के बाद एक हिंसा की घटनाओं से जूझ रहा है, जिसके परिणामस्वरूप कई मौतें हुईं हैं, खासकर खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान में राजनीतिक दलों की रैलियों में, जो आम तौर पर आतंकवाद के खतरे से सबसे अधिक प्रभावित हैं।












Click it and Unblock the Notifications