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असांजे को बड़ी राहत, यूएन ने कहा एकपक्षीय है उनकी हिरासत

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लंदन। विकीलीक्‍स के फाउंडर जूलियन असांजे के लिए गुरुवार को एक अच्‍छी न्‍यूज आई जब यूनाइटेड नेशंस ने उनका पक्ष लिया। यूएन ने उनका पक्ष लिया और कहा कि उनकी हिरासत एकपक्षीय है।

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बीबीसी की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक अभी तक यूएन के ह्यूमन राइट्स हाई कमीशन की ओर से इसकी कोई पुष्टि नहीं की गई है और न ही कोई कमेंट किया गया है।

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यूएन का एक पैनल शुक्रवार को असांजे से जुड़ी जांच पर अपना फैसला सुनाएगा। हालांकि असांजे ने कहा था कि अगर यूएन उनके खिलाफ फैसला सुनाता है तो उन्‍हें जेल जाना मंजूर है।

साथ ही उन्‍हें इस बात की भी उम्‍मीद है कि अगर फैसला उनके फेवर में आता है तो उनका पासपोर्ट उन्‍हें मिल सकेगा साथ ही उनकी गिरफ्तारी का आदेश भी खत्‍म हो सकेगा।

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स्‍वीडन की दो महिलाओं ने असांजे पर बलात्‍कार का आरोप लगाया है। वर्ष 2012 से असांजे लंदन स्थित इक्‍वाडोर के दूतावास में शरण लिए हुए हैं। असांजे ने उन पर लगे सभी आरोपों से इंकार कर दिया है।

असांजे स्‍वीडन की गिरफ्तारी से बचने के लिए इस दूतावास में रुके हैं। उन्‍हें इस बात का डर है कि अगर वह स्‍वीडन के हाथों गिरफ्तार हुए तो उन्‍हें अमेरिका को सौंपा जा सकता है। इसकी वजह से उन्‍हें 35 वर्ष तक की सजा हो सकती है।

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English summary
UN says that WikiLeaks founder Julian Assange has been 'arbitrarily detained'. Assange has claimed asylum in London's Ecuador embassy in 2012. Since then he is living there to avoid extradition to Sweden.
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