• search
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

बांग्‍लादेश चुनाव: भारत के लिए क्‍यों जरूरी है शेख हसीना के लिए चुनाव जीतना?

|

ढाका। रविवार को बांग्‍लादेश में 11वीं संसद के लिए वोट डाले जाएंगे। इन चुनावों को प्रधानमंत्री शेख हसीना के लिए बड़ी चुनौती करार दिया जा रहा है। वहीं चुनावों पर भारत के साथ ही साथ दुनिया के कई देशों की करीबी नजरें हैं। चुनाव ऐसे समय में हो रहे हैं जब अफगानिस्‍तान से अमेरिकी सेनाओं की वापसी का ऐलान राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप कर चुके हैं। भारत के लिए तालिबान समर्थित आतंकवाद से मुकाबला कड़ा सवाल है तो वहीं जम्‍मू कश्‍मीर के हालात भी कम चिंताजनक नहीं हैं। नॉर्थ ईस्‍ट जो कुछ शांत था वहां पर हलचलें साल 2014 के बाद से काफी तेज हो गई हैं। भारत की पूर्वी सीमा पर भी अब आतंकवाद का खतरा बढ़ता जा रहा है। इन सबके बीच बांग्‍लादेश में सत्‍ता परिवर्तन अगर हुआ तो भारत के सिर का दर्द बढ़ सकता है।

आतंकी ताकतों में आई कमी

आतंकी ताकतों में आई कमी

साल 2009 में शेख हसीना ने बांग्‍लादेश की कमान संभाली थी। जब से हसीना, बांग्‍लादेश की सत्‍ता में आईं तब से ही नॉर्थ ईस्‍ट में पनप रहीं आतंकी ता‍कतों में कमी आई थी। शेख हसीना ने बांग्‍लादेश की सरजमीं पर मौजूद आतंकी ताकतों के खिलाफ कार्रवाई की और इसका असर पूर्वी बॉर्डर पर देखने को मिला। आज उल्‍फा और ऐसे आतंकी संगठनों के नेताओं को दबोचा जा सका है और हसीना के आदेश के बाद उन्‍हें भारत को सौंपा गया था। त्रिपुरा और मेघालय जैसे राज्‍यों में भी हसीना की कार्रवाई की वजह से कुछ शांति है।

आतंकवाद पर सख्‍त हसीना

आतंकवाद पर सख्‍त हसीना

उल्‍फा का परेश बरूआ जो इन दिनों चीन-बर्मा के बॉर्डर पर कहीं छिपा हुआ है, हसीना के सत्‍ता से जाने का इंतजार कर रहा है। बांग्‍लादेश में बरूआ को मौत की सजा मिली हुई है। बरूआ साल 2004 में चिंटगांव आर्म्‍स केस में दोषी पाया गया था और उसे मौत की सजा दी गई थी। मौत की सजा का फरमान भी हसीना के सत्‍ता में आने के बाद ही सुनाया गया था। शेख हसीना, बांग्‍लादेश की ऐसी पीएम हैं जिन्‍होंने आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है। भारत इस समय आतंकवाद के खिलाफ जहां पाकिस्‍तान से जूझ रहा है तो वहीं चीन की तरफ से भी चुनौतियां बरकरार है। हसीना जबसे सत्‍ता में आई हैं, तब से ही उन्‍होंने इस बात प्रण लिया हुआ है कि वह भारत के दुश्‍मनों को बांग्‍लादेश की सरजमीं का प्रयोग नहीं करने देंगी।

हसीना का जाना मतलब नॉर्थ-ईस्‍ट पर असर

हसीना का जाना मतलब नॉर्थ-ईस्‍ट पर असर

हसीना के सत्‍ता में जाने से नॉर्थ ईस्‍ट की स्थिति पर खासा असर पड़ सकता है। पिछले कुछ वर्षों से पाकिस्‍तान की इंटेलीजेंस एजेंसी आईएसआई के कई बड़े नेता ढाका में मौजूद हैं। पीएम मोदी के लिए यह सबसे बड़ी चिंता का विषय है और ऐसे में हसीना का सत्‍ता में रहना भारत के लिए खासा जरूरी है। न‍ सिर्फ सुरक्षा कारणों से बल्कि बांग्‍लादेश की पीएम शेख हसीना कई और वजहों से भारत के लिए जरूरी हैं। हसीना के कार्यकाल में भारत की कनेक्टिविटी की जरूरतों को पूरा किया जा सका। भारत, बांग्‍लादेश के बंदरगाहों का प्रयोग कर सकता है। ढाका की जमीन को नॉर्थ ईस्‍ट के लिए प्रयोग करने की मंजूरी ने मोदी के लिए 'एक्‍ट ईस्‍ट पॉलिसी' को आगे बढ़ाना और आसान कर दिया है।

जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
Bangladesh is going for elections on Sunday and the victory of Sheikh Hasina will be an important event for India.
For Daily Alerts

Oneindia की ब्रेकिंग न्यूज़ पाने के लिए
पाएं न्यूज़ अपडेट्स पूरे दिन.

Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X
We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more