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कोरोना के बाद कुदरत का एक और कहर, अमेरिकी एक्सपर्ट ने दी चेतावनी

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बेंगलुरु। दुनियाभर पर छाए कोरनावायरस संकट के बीच कुदरत के एक और कहर आने वाला हैं। अमेरिकी एकस्‍पर्ट ने इसकी चेतावनी दी हैं। दरअसल, ये चेतावनी दूसरे सबसे शक्तिशाली अटलांटिक तूफान के बारे में दी है। अमेरिका की ओर तेजी से बढ़ रहे अटलांटिक तूफान 6 सप्‍ताह के अंदर तबाही मचाएगा। एक्सपर्ट की मानें तो ये तूफान अपने निर्धारित समय से इस बार काफी पहले आ रहा हैं। ऐसा पिछले पांच सालों में कभी नहीं हुआ।

छह हफ्ते में आने वाला हैं ये तूफान, मचाएगा तबाही

छह हफ्ते में आने वाला हैं ये तूफान, मचाएगा तबाही

बता दें मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार 2020 अटलांटिक तूफान अपने निर्धारित समय से छह सप्ताह से पहले आने वाला है। वैसे अटलांटिक तूफान 1 जून से 30 नवंबर तक चलता है। लेकिन एनओएए के तूफान अनुसंधान डिपार्टमेंट के अनुसार, सभी अटलांटिक उष्णकटिबंधीय तूफान और बाकी सारे 97 प्रतिशत अललांटिक तूफान जून से नंबर के बीच में आते हैं लेकिन ये तूफान इस बार समय से पहले आ रहा हैं । हालांकि वैज्ञानिकों ने बताया कि पिछले पांच सालों में कुछ अन्‍य छोटे तूफान जून से पहले भी आए। कोरोना के संकट के बीच आ रहा ये तूफान भारी तबाही मचाएगा।

समय से पूर्व आने वाला तूफान मचाएगा तबाही

समय से पूर्व आने वाला तूफान मचाएगा तबाही

अमेरिकी वैज्ञानिकों ने एक ग्राफ शेयर किया NOAA ग्राफ में दिखाया गया कि उष्णकटिबंधीय छोटे तूफान अभी तक मई से दिसंबर के बीच आते रहे हैं। उन्‍होंने बताया कि 2015 के बाद से, 1 जून से पहले छोटे तूफान आए जिन्‍होंने संयुक्त राज्य अमेरिका और अटलांटिक बेसिन के देशों को प्रभावित करते रहे हैं। बता दें पिछले साल मई में उपोष्णकटिबंधीय तूफान जिसका नाम एंड्रिया था उसने बरमूडा के दक्षिण-पश्चिम के हिस्‍से में शुरु हुआ था लेकिन लगभग 24 घंटे तक चला था। वैज्ञानिकों ने बताया कि दशकों से कई बार ऐसे छोटे और बड़े तूफानों ने समय से पूर्व आकर दुनिया के कई देशों में बड़ी तबाही मचाई हैं। कोरोनावायरस के कहर के बीच समय से आ रहे इस तूफान से भारी तबाही की आशंका जताई जा रही है।

जानिए क्या होता हैं अटलांटिक तूफान

जानिए क्या होता हैं अटलांटिक तूफान

बता दें चक्रवात निम्न दबाव क्षेत्र में बनते हैं। स्थलाकृति और तीव्रता के साथ-साथ चक्रवातों की आवृत्ति जो किसी तट पर हमला कर सकती है, उस स्थान की भेद्यता तय करती है।गर्म, बढ़ते और ठंडे वातावरण के बीच तापमान का अंतर हवा के बढ़ जाने के कारण और फिर ऊपर की ओर बढ़ता है। फिर उच्च दबाव क्षेत्र कम दबाव वाले क्षेत्र में हवा भरता है। यह चक्र गर्म हवा के बढ़ने और ठंडी हवा के कम दबाव वाले क्षेत्र के रूप में जारी रहता है। वे समय की अवधि में निर्माण करते हैं। गर्म, नम हवा उगती है और हवा में पानी को ठंडा करती है और बादलों का निर्माण करती है। समुद्र की सतह से वाष्प और पानी के वाष्पीकरण से तंग आकर, बादलों और हवाओं की पूरी प्रणाली और बढ़ती है।अटलांटिक चक्रवात एक तूफान है जो एक विशाल निम्न दबाव केंद्र और भारी तड़ित-झंझावातों के कारण होता है जिसमें तीव्र हवाएं और घनघोर वर्षा होती हैं। उष्णकटिबंधीय चक्रवात की उत्पत्ति तब होती है जब नम हवा के ऊपर उठने से गर्मी पैदा होती है, जिसके फलस्वरूप नम हवा में निहित जलवाष्प का संघनन होता है। वे अन्य चक्रवात आंधियों जैसे नोर'ईस्टर, यूरोपीय आंधियों और ध्रुवीय निम्न की तुलना में विभिन्न ताप तंत्रों द्वारा उत्पादित होते है, अपने "गर्म केंद्र" आंधी प्रणाली के वर्गीकरण की ओर अग्रसर होते हुए। उष्णकटिबंधीय चक्रवात भूमध्य रेखा से 10 डिग्री की दूरी पर शांत कटिबंध में आरंभ होता है।

चक्रवात के प्रकार

चक्रवात के प्रकार

उष्णकटिबंधीय चक्रवात

यह उष्णकटिबंधीय महासागर क्षेत्रों में होता है। यह दो प्रकार के होते हैं- हरिकेन और टाइफून। तूफान अटलांटिक और पूर्वोत्तर प्रशांत में पाए जाते हैं, जबकि टाइफून उत्तर पश्चिमी प्रशांत में पाए जाते हैं। तीव्रता और हवा की गति के आधार पर, इस चक्रवात को पाँच श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है- 1, 2, 3, 4 या 5. श्रेणी 5 में 155 मील प्रति घंटे या उससे ऊपर की हवा की गति है।

ध्रुवीय चक्रवात

यह ग्रीनलैंड, साइबेरिया और अंटार्कटिका के ध्रुवीय क्षेत्रों पर होता है। यह सर्दियों के मौसम में मजबूत होता है!

मेसोसायक्लोन

यह एक संवेदी तूफान के भीतर हवा का एक भंवर है। यह हवा है जो एक ऊर्ध्वाधर अक्ष के चारों ओर उगती है और घूमती है, आमतौर पर किसी दिए गए गोलार्ध में निम्न दबाव प्रणालियों के समान होती है। इस प्रकार के चक्रवात गरज के साथ घूर्णन वायु के साथ होते हैं।

कोरोनावारस के चलते अब तक डेढ़ लाख लोगों की मौत हो चुकी है

कोरोनावारस के चलते अब तक डेढ़ लाख लोगों की मौत हो चुकी है

कोरोना वायरस के चलते पूरी दुनिया में तकरीबन डेढ़ लाख लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 20 लाख से अधिक लोग इस वायरस के संक्रमण का शिकार हो चुके हैं। इस वायरस के चलते कई देशों में लॉकडाउन है और लोगों में डर का माहौल है। वहीं अमेरिका में हर दिन कोरोनावायरस से लगभग एक से डेढ़ हजार लोगों की मौत हो रही हैे। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद दुनिया के सामने यह अबतक की सबसे बड़ी चुनौती है। लोग उम्मीद कर रहे हैं कि आने वाले दिनों में इस वायरस से कुछ राहत मिलेगी। लेकिन अमेरिकी वैज्ञानिकों द्वारा अब अटलांटिक तूफान को लेकर दी गई सूचना से सबके होश उड़ गए हैं। माना जा रहा है कि विश्‍वभर में कोरोनावायरस का संक्रमण के रोकने के लिए जो प्रयास किए जा रहे हैं उसके बीच ये तूफान कुछ देशों में और बड़ी तबाही मचा सकता है।

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English summary
Atlantic Hurricane Season Is Less Than 6 Weeks Away, But It Has Started Early 5 Straight Years
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