पाकिस्तान के लिए नासूर बना उत्तर-पश्चिमी हिस्सा, एक और भीषण आतंकी हमले में कई पुलिसवालों और सैनिकों की मौत
Pakistan News: सालों तक आतंकवादियों को पालने वाले पाकिस्तान को आज उसके किए की सजा मिल रही है और हर दिन कई पाकिस्तानी, आतंकी हमलों में मारे जा रहे हैं। अलजजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने कहा है, कि उत्तर पश्चिमी पाकिस्तान में एक पुलिस स्टेशन और एक सेना चौकी पर हथियारबंद लोगों के हमलों में कई अधिकारी और सैनिक मारे गए और घायल हो गए हैं।
ये हमले शुक्रवार की सुबह किए गये हैं, जिससे अफगानिस्तान की सीमा पर तालिबान के पूर्व गढ़ों में हिंसक अभियान बढ़ गए हैं। तीन दिन पहले, खैबर पख्तूनख्वा के इसी प्रांत में एक आत्मघाती हमलावर ने 23 पाकिस्तानी सैनिकों को मार डाला था।

पाकिस्तान में एक और भीषण आतंकी हमला
पुलिस चौकी पर शुक्रवार का हमला, प्रांत के डेरा इस्माइल खान डिवीजन के टैंक जिले में हुआ है। पुलिस ने कहा है, कि दो पुलिस अधिकारी मारे गए हैं और तीन अन्य घायल हो गए।
अल जज़ीरा के आबिद हुसैन की रिपोर्ट के अनुसार, इस घटना में तीन हमलावर भी मारे गए हैं।
उन्होंने बताया, कि दो आतंकियों को पुलिस ने मार गिराया है, जबकि तीसरे ने खुद को उड़ा लिया। एक बिना विस्फोट वाला आत्मघाती जैकेट भी मिला है और पुलिस ने परिसर को सुरक्षित कर लिया है। पुलिस अधिकारी इफ्तिखार शाह ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को बताया, कि "सुरक्षा में तैनात हमारे बल ने उनसे घंटों तक मुठभेड़ की, लेकिन कई पुलिस अधिकारी घायल हो गए।"
पाकिस्तान के डॉनन्यूज़टीवी के अनुसार, शाह ने कहा, कि पोस्ट पर शेष सभी अधिकारियों को सुरक्षित निकाल लिया गया है और क्षेत्र में अधिक हथियारबंद लोगों के मौजूद होने के अलर्ट के बाद तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।
खुद को अंसार-उल-इस्लाम बताने वाले एक सशस्त्र समूह ने रॉयटर्स रिपोर्टर को जारी एक बयान में हमले की जिम्मेदारी ली है। हालाँकि, डॉन ने बताया है, कि अंसारुल जिहाद नामक एक समूह ने हमले की जिम्मेदारी ली है।
फिलहाल, पुलिस ने दावों की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं की।
समाचार एजेंसी एपी के मुताबिक, शुक्रवार सुबह एक सैन्य चौकी को भी निशाना बनाया गया। स्थानीय पुलिस अधिकारी सलीम खान ने कहा, कि इसमें कथित तौर पर दो सैनिक मारे गए और पांच घायल हो गए हैं।
मंगलवार को, हथियारबंद लोगों ने डेरा इस्माइल खान शहर से लगभग 60 किमी (37 मील) दूर दरबान शहर में एक सैन्य चौकी पर हमला कर दिया था। सेना ने कहा कि लड़ाकों ने विस्फोटकों से लदे एक वाहन को पुलिस स्टेशन के मुख्य द्वार में घुसा दिया, जिसके बाद आत्मघाती हमला हुआ।
उस हमले की जिम्मेदारी हाल ही में बने आतंकवादी तहरीक-ए-जिहाद पाकिस्तानी समूह ने ली थी, जिसे तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) या पाकिस्तानी तालिबान की एक शाखा माना जाता है।
खैबर पख्तूनख्वा में इस साल हिंसा में वृद्धि देखी गई है, कई घातक हमले हुए हैं। जनवरी में, राजधानी पेशावर में एक मस्जिद को निशाना बनाकर किए गए आत्मघाती हमले में कम से कम 101 लोग मारे गए थे।

तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान ने पाकिस्तान सरकार के खिलाफ युद्ध का ऐलान कर रखा है और उसने पाकिस्तान की सरकार को उखाड़ फेंकने और देश में शरिया कानून के साथ कठोर इस्लामिक शासन लागू करने की घोषणा कर रखी है, जैसा अफगानिस्तान में है।
अधिकारियों का कहना है कि 2021 में तालिबान के कब्जे के बाद से अफगानिस्तान में खुले तौर पर रहने वाले टीटीपी फाइटर्स का साहस बढ़ गया है। सिर्फ इस साल टीटीपी के हमलों में 300 से ज्यादा पाकिस्तानी सैनिक मारे गये हैं। वहीं, टीटीवी ने अब बलूच विद्रोहियों से भी हाथ मिला लिए हैं और पाकिस्तान की कट्टरपंथी जमातों में इनकी काफी पकड़ है, लिहाजा इन संगठनों के लिए आतंकी हमले करना काफी आसान हो जाता है।












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