अमेरिका में भारतीय छात्रों की मौत का खतरनाक सिलसिला जारी... पर्ड्यू विश्वविद्यालय में एक और छात्र का शव मिला
Indian Student in US Found Dead: संयुक्त राज्य अमेरिका में भारतीय छात्रों पर हमलों की एक सीरिज के बीच, इंडियाना के पर्ड्यू विश्वविद्यालय में एक और छात्र की मौत की खबर आ रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, 23 साल के भारतीय छात्र का विश्वविद्यालय में शव मिला है।
यह इस साल अमेरिका में इस तरह का पांचवां और यूनिवर्सिटी में छात्रों की मौत का दूसरा मामला है। छात्र की पहचान समीर कामथ के रूप में हुई। इससे पहले नील आचार्य नाम के छात्र का शव भी इसी विश्वविद्यालय में मिला था।

द पर्ड्यू एक्सपोनेंट के मुताबिक, जो पर्ड्यू विश्वविद्यालय के छात्रों के लिए एक समाचार एजेंसी है, उसने अपनी रिपोर्ट में कहा है, कि कामथ को शाम करीब 5 बजे मृत पाया गया है। सोमवार को उनका शव विश्वविद्यालय के क्रो ग्रोव में NICHES भूमि ट्रस्ट पर मिला है, जो एक प्रकृति संरक्षित क्षेत्र है। वॉरेन काउंटी के कोरोनर जस्टिन ब्रुमेट की एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है, कि फोरेंसिक टीम, शव की जांच कर रही है।
वहीं, मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रमुख एकहार्ड ग्रोल के अनुसार, छात्र समीर कामथ मैसाचुसेट्स के रहने वाले थे और उन्होंने मैसाचुसेट्स एमहर्स्ट विश्वविद्यालय से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में स्नातक की डिग्री हासिल की थी और 2021 में पर्ड्यू विश्वविद्यालय में एडमिशन लिया था। यहां से वो मैकेनिकल इंजीनियरिंग में मास्टर्स की पढ़ाई कर रहे थे।
समीर कामथ के लिंक्डइन प्रोफाइल के मुताबिक, उन्हें 2025 में डॉक्टरेट कार्यक्रम से ग्रेजुएट होना था।
अमेरिका में निशाने पर भारतीय छात्र
हाल के महीनों में अमेरिका में भारतीयों, विशेषकर छात्रों पर हमले काफी बढ़ गए हैं और भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भी इस बात को लकसभा में स्वीकार किया है। उन्होंने संसद में जानकारी देते हुए बताया है, कि साल 2018 के बाद अमेरिका समेत अलग अलग देशों में पढ़ने वाले कुल 403 भारतीय छात्रों की मौत हुई है।
उन्होंने सदन को बताया था, कि कनाडा में सबसे ज्यादा 91 भारतीय छात्रों की मौत हुई, जबकि यूनाइटेड किंगडम 48 मामलों के साथ दूसरे स्थान पर है।
इससे पहले पिछले साल दिसंबर में, एक अन्य भारतीय छात्र, नील आचार्य, जो अमेरिकी राज्य इंडियाना के पर्ड्यू विश्वविद्यालय में पढ़ रहे थे, उनके शव को भी लापता होने के कुछ दिनों बाद मृत पाया गया था। अभी तक नील आचार्य की मौत की गुत्थी नहीं सुलझी है।












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